अरुण जेटली कौन थे

अरुण जेटली कौन थे Arun Jaitley in hindi और राजनीति में उनका क्या स्थान और पद था अरुण जेटली का जीवन परिचय अरुण जेटली का जन्म कहां हुआ था अरुण जेटली ने कहां तक पढ़ाई की थी और उनका पेशा क्या था अरुण जेटली के व्यक्तित्व के बारे में जानेंगे

भारत की राजनीति में कई नेता मंत्री हुए जिन्हें उनके कार्यों से उनके भाषण से उनके बोली से विचार से हमेशा याद किया जाता है जिनमें भारत के पूर्व वित्त मंत्री जेटली एक जाने-माने राजनेता थे जाने-माने वकील थे उनमें एक अलग ही गुण था वह एक करिश्माई व्यक्ति थे उन्होंने भारत की राजनीति में कई मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली थी उनका राजनीतिक कैरियर बहुत ही लंबा रहा है

इस लेख में बीजेपी के एक तेज तर्रार वक्‍ता और नेता अरुण जेटली के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त करेंगे उनके राजनीतिक जीवन से संबंधित सभी जानकारी उनका व्यक्तित्व उनका जन्म उनका विवाह अरुण जेटली से संबंधित सभी जानकारियों को आईए विस्‍तृत रूप से जानते हैं.

Arun Jaitley in hindi 

अरुण जेटली एक बहुत ही सफल वकील और एक सफल राजनेता थे अरुण जेटली भारत के पूर्व वित्त मंत्री थे वर्तमान भारत के राजनीति में कई तरह के होनहार और कद्दावर नेता हुए हैं

लेकिन Arun Jaitley का काम और उनके बोलने की शैली से एक अलग ही स्थान दिया जाता हैं अरुण जेटली ने कई चर्चित मामलों में पैरवी भी किया हैं वह एक बहुत ही अनुभवी वकील और राजनेता थे वह भारतीय जनता पार्टी के सरकार में कैबिनेट मंत्री  रहे हैं.

Arun Jaitley in hindi

Arun Jaitley भारतीय जनता पार्टी के एक बहुत ही होनहार और कद्दावर नेता थे और एक बहुत ही होनहार वकील थे.अरुण जेटली एक ऐसे व्यक्ति थे जिनका सम्मान हर वर्ग के लोग हर समाज के लोग करते थे. डॉ राजेंद्र प्रसाद का जीवनी

उन्होंने बहुत ही दिनों तक राजनीति में अपना समय बिताया कई मंत्रालयों की जिम्मेदारी Arun Jaitley ने बहुत ही अच्छे से संभाली थी नरेंद्र मोदी के सरकार में वित्त मंत्री का कार्यभार अरुण जेटली ने जब संभाला था तो उन्होंने इस कार्यकाल को बहुत ही मजबूती से अपने कार्यभार संभाला था

जब दूसरी बार बीजेपी की सरकार बनी उस समय उन्होंने नरेंद्र मोदी को अपनी इच्छा बताई कि उनका तबीयत ठीक नहीं है इसलिए कोई पद नहीं संभाल सकता हूं अरुण जेटली एक बहुत ही प्रखर और कद्दावर नेता के साथ-साथ अनुभवी वकील भी थे

राष्ट्र के निर्माण में भारत को विकास के रास्ते पर ले जाने में पूर्व वित्त मंत्री Arun Jaitley का अमूल्य योगदान है उन्होंने शांति धैर्य और समझदारी के साथ कई कठिन से कठिन कार्य बहुत ही अद्भुत सामर्थ्‍य के साथ सॉल्व किया है

Arun Jaitley के मृत्यु के बाद उनके पक्ष के साथ-साथ विपक्ष के नेता ने भी बहुत शोक प्रकट किया सभी लोगों का यही कहना था कि वह हम लोगों के मार्गदर्शक थे Arun Jaitley के मृत्यु से सिर्फ एक बीजेपी का नेता ही नहीं गया

बल्कि एक देश का वरिष्ठ नेता वरिष्ठ सदस्य को खो दिया है Arun Jaitley पूरे ईमानदारी के साथ जोश के साथ कार्य करते थे उन्होंने अभावग्रस्त लोगों की सेवा की है वह कानून के एक विशेषज्ञ के रूप में जाने जाते हैं.

नाम अरुण जेटली
जन्‍म 28 दिसंबर 1952
जन्‍म स्‍थान दिल्ली के नारायण बिहार
पिता का नाम किशन जेटली
माता का नाम रतन प्रभा जेटली
पत्नि का नाम संगीता जेटली
पुत्र रोहन जेटली
पुत्री सोनाली जेटली
शिक्षा शुरुआती पढ़ाई सेंट जेवियर्स स्कूल नई दिल्ली, श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स से ग्रेजुएशन, दिल्ली विश्वविद्यालय से लॉ
कार्यक्षेत्र वकील,सफल राजनेता,पूर्व वित्त मंत्री, सूचना प्रसारण मंत्री
मृत्‍यु 24 अगस्त 2019

अरुण जेटली का जीवन परिचय 

Arun Jaitley भारत के पूर्व वित्त मंत्री थे. Arun Jaitley का नाम हमारे इतिहास में हमेशा स्वर्णिम रहेगा उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के सरकार में मंत्री के पद पर बहुत ही अच्छे से और बेहतर तरीके से काम किया है

1975 के आपातकाल के समय में इंदिरा गांधी के सरकार के खिलाफ जो आंदोलन हुआ था उसमें अरुण जेटली ने बहुत ही सक्रिय रुप से अपना योगदान दिया था इस आंदोलन में वह युवा नेता थे उस समय उन्होंने अन्य नेताओं के साथ आंदोलन में साथ दिया था और जेल भी गए थे. डॉ एपीजे अब्दुल कलाम का जीवन परिचय

अरुण जेटली का जन्म 

भारत के पूर्व वित्त मंत्री और एक सफल वकील अरुण जेटली का जन्म 28 दिसंबर 1952 में हुआ था अरुण जेटली दिल्ली के नारायण बिहार के रहने वाले थे उनके पिता का नाम किशन जेटली था.

माता का नाम रतन प्रभात जेटली था उनके पिताजी भी एक वकील थे. उनके पिता भारत पाकिस्तान विभाजन के बाद पाकिस्तान से भारत आकर के बस गए थे.

अरुण जेटली का शिक्षा 

Arun Jaitley का शुरुआती पढ़ाई सेंट जेवियर्स स्कूल नई दिल्ली से हुआ था उसके बाद उन्होंने श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स नई दिल्ली से कॉमर्स से ग्रेजुएशन पास किया था

उसके बाद 1977 में Arun Jaitley ने दिल्ली विश्वविद्यालय से लॉ की पढ़ाई पूरी की. जब वह पढ़ाई कर रहे थे उसी समय वह अपने यूनिवर्सिटी से शिक्षण और अन्य कार्यक्रम में भाग लेते थे

उन्हें यूनिवर्सिटी के विद्यार्थी संघ का अध्यक्ष चुना गया था और यहीं से उनके राजनीतिक जीवन का भी शुरुआत हुआ . 

अरुण जेटली का विवाह 

Arun Jaitley का विवाह 24 मई 1982 में संगीता जेटली से हुआ था वह एक बीजेपी नेता थे लेकिन उनकी पत्नी एक कांग्रेसी नेता की बेटी है  उनके दो बच्चे भी हैं उनके पुत्र का नाम रोहन जेटली और पुत्री का नाम सोनाली जेटली हैं उनके बच्चे भी अपने पिता की तरह वकालत ही किए हैं.

अरुण जेटली का कैरियर 

1975 के आपातकाल के दौरान जो आंदोलन चल रहा था उसमें अरुण जेटली ने अपनी भूमिका सक्रिय रूप से निभाई थी और उन्हें जेल भी जाना पड़ा था उसके बाद 1977 में अरुण जेटली हाई कोर्ट में अपनी वकालत की तैयारी करने लगे थे

उन्‍होंने कई चर्चित मामलों में पैरवी भी किया हैं अरुण जेटली ने 1990 में सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ वकील के रूप में काम करना शुरू किया. उन्होंने बोफोर्स घोटाले की जांच के लिए पैरवी किया और उन्होंने वकालत पर कई लेख भी लिखे हैं.

Arun Jaitley ने अपना राजनीतिक जीवन दिल्ली विश्वविद्यालय में पढ़ाई के समय ही शुरु कर दिए थे अपने विश्वविद्यालय में वह विद्यार्थी संघ के अध्यक्ष बनाए गए थे 1975 में इंदिरा गांधी के सरकार था

आपातकाल लगाया गया था उसमें Jaitley ने आपातकाल का विरोध किया था जिसके लिए उन्हें 19 महीनों तक नजरबंद किया गया था अरुण जेटली ने 1973 में जयप्रकाश नारायण का आंदोलन जिसे जेपी आंदोलन के नाम से जाना जाता है

उसमें भी सक्रिय भूमिका निभाई थी यह आंदोलन भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन था अरुण जेटली ने 1991 में भारतीय जनता पार्टी के सदस्य के रूप में शुरुआत किया

1999 में आम चुनाव में जीतकर बीजेपी के प्रवक्ता के रूप में अपना कार्यभार संभाला उसके बाद उन्हें बीजेपी सरकार में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का पद मिला इसके बाद Arun Jaitley ने कई मंत्रालयों में कार्य किया. महात्मा गांधीजी का जीवन परिचय

अरुण जेटली का व्यक्तित्व 

Arun Jaitley बहुत ही अच्छे व्यक्तित्व वाले आदमी थे उन्हें पक्ष के नेता तो पसंद करते ही थे लेकिन विपक्ष के नेता भी उनके स्वभाव के कारण उन्हें बहुत ही आदर सम्मान देते थे वह एक बहुत ही अच्छे वक्ता थे

अपना काम हुआ बखूबी निभाते थे उनके बोलने की शैली से बहुत लोग प्रभावित हो जाते थे. वह शुरू से लेकर लास्ट समय तक भारतीय जनता पार्टी से ही जुड़े रहे थे और अपना कार्य बहुत ही जिम्मेदारी से निभाते रहे थे.

Arun Jaitley का संबंध लोगों से बहुत ही अच्छा था 1992 में बाबरी विध्वंस हुआ था उस समय जब लालकृष्ण आडवाणी पर मुकदमा हुआ था तो अरुण जेटली उनके वकील थे और उन्होंने लालकृष्ण आडवाणी का बचाव किया

जिसके बाद अरुण जेटली और लालकृष्ण आडवाणी के बीच बहुत ही अच्छे संबंध हो गए थे और वह बीजेपी के महासचिव बनाए गए थे अरुण जेटली एक ऐसे व्यक्ति थे कि जब उनके दोस्तों मित्र को किसी भी तरह की परेशानी होती थी

तो उन्हें सहायता करने से उन्हें मुश्किल में छोड़कर कभी नहीं हटते थे अन्ना हजारे की 2011 में आंदोलन के दौरान अरुण जेटली ने मनमोहन सिंह के सरकार के विरोध आंदोलन में साथ दिया था.

अरुण जेटली का राजनीतिक जीवन 

Arun Jaitley का राजनीतिक जीवन 1975 के आपात काल से ही शुरू हो गया था 1991 में वह भारतीय जनता पार्टी के सदस्य बने और 1999 में आम चुनाव होने के बाद वह बीजेपी के प्रवक्ता बने

जब  बीजेपी का सरकार बना अरुण जेटली सूचना एवं प्रसारण मंत्री बनाए गए. इसके बाद उन्हें भारतीय जनता पार्टी के सरकार में कई मंत्रालय का कार्यभार सौंपा गया.

राम जेठमलानी के कानून और कंपनी अफेयर मंत्रालय छोड़ने के बाद अरुण जेटली को इस पद का कार्य दिया गया . 2009 में अरुण जेटली राज्यसभा के प्रतिपक्ष नेता बने.

जब 2014 में फिर से भारतीय जनता पार्टी का केंद्र में सरकार बना तो उन्हें वित्त मंत्री पद का कार्यभार दिया गया और कुछ दिनों बाद उन्हें रक्षा मंत्री भी बनाया गया फिर जब दोबारा भारतीय जनता पार्टी का सरकार केंद्र में बना तब भी उन्हें उनके पद पर आने के लिए कहा गया

लेकिन उनके स्वास्थ्य ठीक नहीं होने के कारण उन्होंने इंकार कर दिया.अरुण जेटली को 2014 में वित्त मंत्री के साथ सूचना प्रसारण मंत्री भी बनाया गया था जब भी प्रधानमंत्री पर किसी भी तरह का विवाद होता था

किसी भी तरह के लोग बातें करते थे तो अरुण जेटली आगे ही खड़े रहते थे जब नोट बंदी हुआ था जिससे पूरा देश अस्तव्यस्त हो गया था लोग अर्थव्यवस्था पर सवाल उठाने लगे थे

मोदी सरकार पर सवाल उठा रहे थे उस समय Arun Jaitley ने मीडिया के सामने कई महीनों तक सरकार का पक्ष रखा था राफेल मुद्दे पर विपक्ष के कई नेता ने सवाल उठाए थे

उस समय भी Arun Jaitley ने सारे आरोपों को का जवाब दिया था अरुण जेटली का स्थान भारत के राजनीति में एक बहुत ही महत्वपूर्ण था लेकिन उनके स्वास्थ्य का अचानक खराब हो जाने की वजह से राजनीति से उन्होंने अपने आप को दूर रखना जरूरी रखा

कभी-कभी राज्यसभा के किसी कार्यवाही के दौरान या किसी जरूरी काम से संबंधित कोई कार्य होता था तो वह ब्लॉग लिखकर के विपक्ष के सवालों का जवाब देते थे. श्री अटल बिहारी बाजपेई का जीवन परिचय

अरुण जेटली का कार्य 

Arun Jaitley वित्त मंत्री रक्षा मंत्री के पद पर रहते हुए कई तरह के अच्छे कार्य और घोषणा किए उन्होंने भारत के विकास के लिए और आम जनता के भलाई के लिए कई तरह के अच्छे-अच्छे फैसले लिए और कानून बनाया जैसे कि

  • 2015 में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सहमती से धर्म के आधार पर आरक्षण का फैसला लिया .
  • 2015 में अरुण जेटली ने सरकार से तीन तलाक के बारे में भी बात की.
  • 2016 में उन्होंने आय घोषणा योजना का फैसला लिया.
  • अरुण जेटली ने 2016 में देश में हो रहे भ्रष्टाचार कालेधन नकली मुद्रा आतंकवाद पर कंट्रोल पाने के लिए नोटबंदी जैसे फैसला लिया जिसमें 500 और 1000 के नोटों को बदला गया.
  • 2017 में उन्होंने जीएसटी का कानून बनाया.

अरुण जेटली का मृत्यु  

भारत के पूर्व वित्त मंत्री रक्षा मंत्री और एक सफल वकील और राजनेता अरुण जेटली का मृत्यु 24 अगस्त 2019 को हुआ था इनका मृत्यु दिल्ली के एम्स अस्पताल में हुआ था

अरुण जेटली ने अपना गुर्दा ट्रांसप्लांट का ऑपरेशन करवाया था उसके बाद से ही उनका तबीयत खराब रहता था और 24 अगस्त  2019 को उनका मृत्यु हो गया.

Arun Jaitley जैसे कद्दावर और होनहार नेता वकील मंत्री भले ही हमारे बीच में नहीं हैं लेकिन हम लोग उन्हें सालों साल तक याद करते रहेंगे और भारत के इतिहास में उनका स्थान अलग ही हैं.

 

सारांश 

अरुण जेटली एक बहुत ही काबिल वकील थे एक कद्दावर राजनेता थे अरुण जेटली की पक्ष के साथ-साथ विपक्ष के लोग भी बहुत ही सम्मान करते थे मीडिया में या संसद में वह हमेशा विपक्ष के नेता के सवालों का जवाब बहुत ही कड़क आवाज में देते थे

इस लेख में हमने भारत के पूर्व वित्त मंत्री और रक्षा मंत्री अरुण जेटली  के बारे में पूरी जानकारी देने की कोशिश की हैं आप लोगों को यह जानकारी कैसी लगी हमें कमेंट करके जरूर बताएं और शेयर भी करें.

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