Atal Bihari Vajpayee – श्री अटल बिहारी बाजपेई का जीवन परिचय

अटल बिहारी वाजपेई हमारे देश के पूर्व प्रधानमंत्री थे हम लोग इस लेख में Atal Bihari Vajpayee biography in hindi श्री अटल बिहारी बाजपेई जी के बारे में जानने वाले हैं जो कि एक बहुत ही बड़े हिंदी के कवि थे पत्रकार थे और बहुत बड़े वक्ता भी थे भारत के श्रेष्ठ राजनीतिज्ञ एक प्रसिद्ध कवि लेखक अटल बिहारी वाजपेई भारत के पूर्व प्रधानमंत्री थे

जिन्होंने भारत के विकास के लिए कई कार्य किए और भारत को विश्व भर में बड़े देश के रूप में विकसित किया वह बहुत ही कोमल ह्रदय संवेदनशील व्यक्ति थे

उनकी कविताएं बहुत ही लोग पसंद करते हैं पढ़ते हैं तो आइए इस लेख में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई की जीवनी के बारे में अटल बिहारी बाजपेई जी कौन थे उनका जन्म कहां हुआ था  उनके व्यक्तित्व के बारे में राजनीतिक जीवन के बारे में जान पूरी जानकारी प्राप्त करते हैं।

Atal Bihari Vajpayee biography in hindi

भारत के तीन बार प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई रहे थे उनकी पहचान उनकी कविताओं से ज्यादा होती है कहीं भी वह भाषण देते थे या किसी से बात करने के समय में अधिकतर अपनी कविताओं का उपयोग करते थे

भारत के सदन में भी पक्ष और विपक्ष के नेताओं में किसी तरह का बहस चलता था तो अपनी कविताओं के माध्यम से अपनी बात रखने लगते थे जिससे कि पक्ष के साथ-साथ विपक्ष के नेता भी अटल बिहारी बाजपेई के प्रशंसक थे अटल बिहारी वाजपेई के पिता भी एक कवि थे इसीलिए उनके अंदर यह गुण अपने पिता से विरासत के रूप में मिला था

Atal Bihari Vajpayee biography in hindi

वह एक नेता पत्रकार हिंदी के कवि और बहुत ही तेज तरार प्रखर वक्ता भी थे अटल बिहारी बाजपेई ने कई पत्र-पत्रिकाओं में संपादन भी किया है जैसे कि राष्ट्र धर्म वीर अर्जुन पाञ्चजन्य ये सारे पत्र पत्रिका राष्ट्रीय भावना से संबंधित बातें छपने वाली पत्रिका थी

अटल बिहारी बाजपेई ने विवाह नहीं किया था वह आजीवन अविवाहित रहने का संकल्प लिए थे इसी वजह से कई लोग उन्हें भीष्म पितामह भी कहते थे

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक होने की वजह से उन्होंने कभी भी विवाह नहीं किया अटल बिहारी बाजपेई ने अपने राजनीतिक जीवन का शुरुआत 1968 से हुआ था पहली बार प्रधानमंत्री 1996 में 16 मई से 1 जून तक बने थे

उसके बाद 1998 से 1999 तक दूसरी बार प्रधानमंत्री बने तीसरी बार 1999 से 22 मई 2004 तक भारत के प्रधानमंत्री रहे अटलअटल बिहारी बाजपेई ने भारतीय जनसंघ का स्थापना किया था 1968 से 1973 तक व भारतीय जन संघ के अध्यक्ष भी रहे।

अटल बिहारी वाजपेई का जन्‍म

Atal bihari vajpayee भारतीय जनसंघ के संस्थापक थे वह एक बहुत बड़े हिंदी कवि थे पत्रकार थे और बहुत बड़े वक्ता भी थे और वह भारतीय जन संघ के अध्यक्ष भी रह चुके हैं 25 दिसंबर 1924 को ग्वालियर में हुआ था

अटल जी के पिता का नाम पंडित कृष्ण बिहारी बाजपेई था उनके माता जी का नाम कृष्णा देवी था उनके पिताजी हिंदी संस्कृत अंग्रेजी भाषा के बहुत बड़े थे पंडित कृष्ण बिहारी बाजपेई ग्वालियर के एक बहुत ही सम्मानित कवि थे उन्होंने एक प्रार्थना लिखा था

जो कि लगभग हर स्कूलों में कराई जाती थी वह स्कूल के एक अध्यापक भी थे अटल बिहारी वाजपेई एक स्वतंत्रता सेनानी भी थे उन्होंने 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन में अपना योगदान दिया था वह लाॅ की पढ़ाई कर रहे थे जो कि भारत विभाजन के समय बीच में ही उन्हें छोड़ना पड़ा।

नाम अटल बिहारी वाजपेई
जन्‍म 25 दिसंबर 1924
जन्‍म स्‍थान ग्वालियर
पिता का नाम पंडित कृष्ण बिहारी बाजपेई
माता का नाम कृष्णा देवी
शिक्षा राजनीति शास्त्र से स्‍नातक, एलएलबी
विवाह आजीवन अविवाहित
कार्यक्षेत्र भारत के प्रधानमंत्री,लेखक,प्रखर वक्‍ता
प्रधानमंत्री कार्यकाल   1998 से 2004 तक
रचनाएं कविता संग्रह,कई पुस्‍तक लिखे
कविता संग्रह कदम मिलाकर चलना होगा,हरी हरी दूब पर,कौरव कौन-कौन पांडव,दूध में दरार पड़ गई,क्षमा याचना,मनाली मत जाइए,पुनः चमकेगा दिनकर,अंतर्द्वंद,जीवन की ढलने लगी सांझ,मौत से ठन गई,मैं नचुप हूं ना गाता हूं 1 बरस बीत गया,आओ फिर से दिया जलाएं
पुस्‍तक शक्ति से संती,भारत की विदेश नीति नई डायमेंशन,मेरी इक्यावन कविताएं,राजनीति की रपटीली राहें,न दैन्यं न पलायनम्,क्या खोया क्या पाया,

राष्ट्रीय एकीकरण,असम समस्या दमन समाधान,बैक टू स्क्वायर वन,डायमेंशन ऑफ एंड ओपन सोसायटी,Decisive Days

सम्‍मान और पुरस्‍कार पद्म विभूषण,

डि लीट,लोकमान्य तिलक पुरस्कार,श्रेष्ठ सांसद पुरस्कार,

भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत पुरस्कार,2014 दिसंबर भारत रत्न,डि लीट,फ्रेंड्स ऑफ बांग्लादेश लिबरेशन वार आवार्ड,2015 भारत रत्न

मृत्‍यु 16 अगस्त 2018

अटल बिहारी वाजपेई की शिक्षा

बड़नगर के गोरखी विद्यालय से अटल बिहारी बाजपेई ने अपने शुरुआती पढ़ाई पूरी की थी वह अपने पढ़ाई के दौरान ही अपने स्कूल में किसी कार्यक्रम में पहली बार भाषण दिए थे जिससे कि उन्हें अपने स्कूल में एक अलग पहचान मिली थी

आगे की पढ़ाई करने के लिए वह ग्वालियर चले गए वहां से विक्टोरिया कॉलेजिएट स्कूल से उन्होंने इंटर की पढ़ाई पूरी की संस्कृत हिंदी और अंग्रेजी अटल बिहारी बाजपेई की पसंदीदा सब्जेक्ट था

डीएवी कालेज कानपुर से उन्होंने राजनीति शास्त्र से स्‍नातक की डिग्री प्राप्त की थी फिर उन्होंने कानपुर से एलएलबी की पढ़ाई पूरी की उसके बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सदस्य के रूप में कार्य करने लगे डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय के साथ उन्होंने कई पत्र-पत्रिकाओं का संपादन कार्य भी किया।

अटल बिहारी वाजपेई का पढ़ाई के दौरान ही राजनीतिक के तरफ रुचि था वह अपने कॉलेज में ही छात्र संगठन से जुड़े थे पढ़ाई के दौरान ही वह कई कविताएं भी लिखते थे बचपन से ही कविता लिखने का उन्हें शौक था।

अटल बिहारी वाजपेई के व्यक्तित्व 

Atal bihari vajpayee राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक थे उन्होंने आजीवन अविवाहित रहने का संकल्प लिया था उन्होंने राष्ट्र धर्म पंच जाने वीर अर्जुन दैनिक स्वदेश जैसे अखबारों में भी काम किया था।

भारत के राजनीति में लाल बहादुर शास्त्री जवाहरलाल नेहरू के बाद अटल बिहारी बाजपेई एक ऐसे नेता थे जिन्होंने तीन बार प्रधानमंत्री के पद पर कार्यरत रहे अटल बिहारी बाजपेई एक ऐसे व्यक्तित्व वाले प्रधानमंत्री थे कि उन्हें विपक्ष के नेता भी बहुत ही सम्मान देते थे

वह जब तक राजनीति से जुड़े रहे तब तक बहुत ही सक्रिय रहते थे वह एक बहुत ही सम्मानित प्रधानमंत्री के साथ कवि और प्रखर वक्ता के रूप में जाने जाते थे अपने प्रधानमंत्री के कार्यकाल में उनकी छवि एकदम साफ सुथरी रहा।

कभी भी उन्होंने विवाह नहीं किया लेकिन अपनी दोस्त बीएन कॉल की बेटी नमिता और नंदिता को उन्होंने गोद लिया था और अपने बाद नमिता भट्टाचार्य को ही उन्होंने अपना उत्तराधिकारी बनाया।

उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन का शुरुआत एक स्वतंत्रता सेनानी के रूप में किया था 1942 में जब भारत छोड़ो आंदोलन महात्मा गांधी ने शुरू किया था उसमें अटल बिहारी बाजपेई ने भी अपनी मुख्य भूमिका निभाई थी

और कई नेताओं के साथ गिरफ्तार होकर जेल में भी गए थे उसी दौरान अटल बिहारी बाजपेई का मुलाकात श्यामा प्रसाद मुखर्जी से हुआ जिसके बाद की राजनीतिक जीवन का शुरुआत हुआ।

1980 में लालकृष्ण आडवाणी भैरों सिंह शेखावत के साथ मिलकर अटल बिहारी बाजपेई ने भारतीय जनता पार्टी की स्थापना की 5 साल तक इस पार्टी के अध्यक्ष भी अटल बिहारी बाजपेई ही रहे ।

1996 में लोकसभा चुनाव जीते जिसके बाद उन्हें प्रधानमंत्री बनने का मौका मिला लेकिन उस समय वह 13 दिनों तक ही प्रधानमंत्री के पद पर रहे और उनका सरकार गिर गया।

अटल बिहारी वाजपेई के राजनीतिक जीवन 

Atal bihari vajpayee ने राजनीतिक जीवन की शुरुआत आर्य समाज के युवा के रूप में हुआ था रूम आर्य समाज के युवा शक्ति के रूप में माने जाते थे बाद में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के साथ जुड़ गए थे राष्ट्रीय शिक्षक संघ के प्रचारक थे

और उन्होंने कभी शादी नहीं की थी औ रमेश भाई की राजनीतिक जीवन एक स्वतंत्रता सेनानी के रूप में हुई थी 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में उन्होंने भाग लिया था और जेल भी गए थे उसी से मुलाकात हुई बाद में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की न्यू रखें और इस पार्टी के अध्यक्ष भी रहे हैं

वी लोकसभा में 9 बार राज्यसभा में दो बार चुने गए थे और भारत के प्रधानमंत्री विदेश मंत्री संसद की समितियों के अध्यक्ष विपक्ष के नेता के रूप में भी मैंने बहुत अच्छे से काम किया है अटल बिहारी वाजपेई भारत के दसवें प्रधानमंत्री बने थे।

1996 में वह कुछ समय के लिए प्रधानमंत्री बने थे उस समय वह 13 दिन के लिए प्रधानमंत्री बने थे उसके बाद 1998 से लेकर 2004 तक वह प्रधानमंत्री बने रहे। अटल बिहारी वाजपेई को किताबें लिखने का भी बहुत शौक था उन्हें बहुत सारे सम्मान भी मिले थे।

अटल बिहारी बाजपेई का प्रधानमंंत्री कार्यकाल

बाजपेई जी 1952 में पहली बार लोकसभा का चुनाव लड़े लेकिन उस समय वह हार गए 1957 में बलरामपुर से जनसंघ पार्टी के प्रत्याशी बनकर लोकसभा चुनाव लड़े और उस समय वह विजई हुए।

1957 से 1977 तक वह जनसंघ पार्टी की तरफ से संसदीय दल के नेता थे 1977 से 1979 तक मोरारजी देसाई के सरकार में विदेश मंत्री थे विदेश मंत्री रहते हुए अटल बिहारी बाजपेई ने भारत देश की छवि विदेशों में अलग बनाई थी

1980 में उन्होंने जनता पार्टी छोड़ दिये और भारतीय जनता पार्टी के स्थापना 6 अप्रैल 1980 में उन्होंने किया और उसका अध्यक्ष भी बनी रहे भारतीय जनता पार्टी से दो बार राज्यसभा के सदस्य बने पहली बार 1996 में अटल बिहारी बाजपेई प्रधानमंत्री बने।

लेकिन उस समय वह 13 दिन के लिए ही प्रधानमंत्री बने फिर दोबारा 19 अप्रैल 1998 में वह फिर से  प्रधानमंत्री बने  1998 से 2004 तक लगातार अटल बिहारी वाजपेई प्रधानमंत्री रहे जितने दिनों तक प्रधानमंत्री का कार्यकाल अटल बिहारी बाजपेई का था उन्होंने भारत के विकास के लिए कई कार्य किए।

भारतीय परमाणु परीक्षण भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री के रूप में अटल बिहारी बाजपेई ने भारत को परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्र बनाया था उन्होंने 13 मई 1998 में पोखरण के द्वारा परमाणु परीक्षण विस्फोट करवाया जिससे कि भारत को विश्व में परमाणु शक्ति संपन्न देश के रूप में विकसित किया।

भारत पाकिस्तान संबंध में सुधार दिल्ली से लाहौर की बस सेवा शुरू करके अटल बिहारी बाजपेई ने प्रधानमंत्री के कार्यकाल में भारत और पाकिस्तान के बीच संबंधों का सुधार करना चाहा उन्होंने 19 फरवरी 1999 को सदा ए सरहद नाम से एक बस सेवा दिल्ली से लाहौर तक के शुरू की थी।

और इस बस का उद्घाटन करने के लिए सबसे पहले खुद अटल बिहारी बाजपेई जी बस में बैठकर पाकिस्तान गए थे और वहां पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से भारत पाकिस्तान के आपसी संबंधों को सही बनाने के लिए नए तरीके से शुरू करने के लिए मुलाकात की थी।

भारत पाकिस्तान कारगिल युद्ध 1999 में कश्मीर के कारगिल जिले में भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध हुआ था जिसे कारगिल युद्ध के नाम से जानते हैं ऑपरेशन विजय नाम भी दिया गया इस युद्ध में पाकिस्तान की सेना और कश्मीर के उग्रवादी भारत की कुछ हिस्सों को कारगिल को पाकिस्तान की सेना ने जब्‍त कर लिया था।

लेकिन उस समय तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई ने अपनी सूझबूझ से और ठोस कार्यवाही से भारतीय सेना की मदद से उस क्षेत्र को पाकिस्तान से मुक्त करा लिया इसमें कई सेना के जवानों की मृत्यु हुई कितने जानमाल की क्षति हुई।

सड़कों का निर्माण अटल बिहारी वाजपेई के प्रधानमंत्री कार्यकाल में कई सड़क मार्ग का निर्माण किया गया दिल्ली कोलकाता चेन्नई और मुंबई को राजमार्ग से जोड़ा गया इस योजना को स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना नाम दिया गया था।

कहा जाता है कि अटल बिहारी बाजपेई के प्रधानमंत्री कार्यकाल में जितने सड़कों का निर्माण हुआ हैं उतना शेरशाह सूरी के शासनकाल में हुआ था।

बाबरी विध्वंस अयोध्या के राम मंदिर बनाने के लिए बाबरी मस्जिद का विध्वंस किया गया उसमें कई नेताओं ने भाग लिया था जिसमें अटल बिहारी बाजपेई भी थे बाबरी विध्वंस के खिलाफ कई नेता रैली भी किए थे

कावेरी जल विवाद जो 100 वर्षों से कावेरी जल विवाद चल रहा था उसको अटल बिहारी बाजपेई ने अपने प्रधानमंत्री के शासन कार्यकाल में सुलझाया।

  • अटल बिहारी बाजपेई ने राष्ट्रीय राजमार्गों योजनाओं का शुरुआत किया और साथ ही उन्होंने कई हवाई अड्डों का निर्माण करवाया।
  • देश के विकास के लिए कई राष्ट्रीय सुरक्षा समिति व्यापार उद्योग समिति आदि का निर्माण अटल बिहारी बाजपेई ने किया था।
  • भारत में नई टेक्नोलॉजी विद्युतीकरण दूरसंचार का विकास ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार का अवसर विदेश में रह रहे भारत के देशों के लिए बीमा योजना इस सारी योजनाएं प्रधानमंत्री के कार्यकाल में अटल बिहारी बाजपेई ने शुरू किया था।

 

  • अटल बिहारी जब प्रधानमंत्री रहे इतने दिनों में भारत में रेलवे विभाग का विकास हुआ और टेलकम कंपनी का भी विस्तार हुआ।
  • 14 दिसंबर 1999 में कंधार प्लेन हाईजैक का मामला हुआ था उसमें काठमांडू से दिल्ली के लिए जो विमान उड़ा था उसको आतंकवादियों ने हाईजैक कर लिया था और उसके बदले में उन्होंने तीन आतंकवादी मसूद अजहर उमर शेख और अहमद जरगर को रिहा करने का बात रखा था उस विमान में 176 यात्री और 15 ग्रुप मेंबर्स थे उस समय अटल बिहारी वाजपेई प्रधानमंत्री के रूप में थे तब उन्‍होंने तीनों आतंकवदी को छोड कर विमान में फंसे लोगों की जान बचाई थी उस समय विपक्ष के नेता अटल बिहारी बाजपेई की कड़ी निंदा करने लगे थे उनका कहना था कि सरकार अगर सूझबूझ से काम करती तो लोगों की जान बचाई जा सकती थी और आतंकवादी को भी नहीं छोड़ना पड़ता।

अटल बिहारी वाजपेई मिले सम्मान 

  • पद्म विभूषण
  • डि लीट (कानपुर विश्वविद्यालय )
  • लोकमान्य तिलक पुरस्कार
  • श्रेष्ठ सांसद पुरस्कार
  • भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत पुरस्कार
  • 2014 दिसंबर भारत रत्न
  • डि लीट (मध्य प्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय )
  • फ्रेंड्स ऑफ बांग्लादेश लिबरेशन वार आवार्ड
  • 2015भारत रत्न से सम्मानित

अटल बिहारी बाजपेई द्वारा लिखी गई पुस्तकें

एक प्रसिद्ध नेता प्रधानमंत्री होने के साथ-साथ अटल बिहारी बाजपेई बहुत ही अच्छे लेखक थे उन्होंने कई पुस्तकें लिखी राजनीति पर भी कई पुस्तकें लिखी उन्होंने कविताएं लिखे हैं जब भी वही भाषण संसद में वाद विवाद होता था।

वहां पर वह अपनी कविताएं हमेशा बोलते थे अटल बिहारी बाजपेई अपने देश को एक मंदिर की तरह मानते थे और बोलते थे कि मेरा देश एक मंदिर है और हम सब इस मंदिर के पुजारी है अपने देश के लिए समर्पित होने के लिए वह हमेशा तैयार रहते थे। अटल बिहारी बाजपेई के द्वारा लिखी गई रचनाएं प्रकाशित हुए

  • शक्ति से संती
  • भारत की विदेश नीति नई डायमेंशन
  • मेरी इक्यावन कविताएं
  • राजनीति की रपटीली राहें
  • न दैन्यं न पलायनम्
  • क्या खोया क्या पाया
  • राष्ट्रीय एकीकरण
  • असम समस्या दमन समाधान
  • बैक टू स्क्वायर वन
  • डायमेंशन ऑफ एंड ओपन सोसायटी
  • Decisive Days

अटल बिहारी बाजपेई द्वारा रचित कविता संग्रह

  • कदम मिलाकर चलना होगा
  • हरी हरी दूब पर
  • कौरव कौन-कौन पांडव
  • दूध में दरार पड़ गई
  • क्षमा याचना
  • मनाली मत जाइए
  • पुनः चमकेगा दिनकर
  • अंतर्द्वंद
  • जीवन की ढलने लगी सांझ
  • मौत से ठन गई
  • मैं नचुप हूं ना गाता हूं 1 बरस बीत गया
  • आओ फिर से दिया जलाएं

अटल बिहारी वाजपेई की मृत्यु

कारगिल युद्ध के बाद अटल बिहारी बाजपेई भारत के हर व्यक्ति के दिलों में बसने लगे हर कोई के पसंदीदा नेता और प्रधानमंत्री बन गए थे लेकिन जब 2004 में लोकसभा चुनाव हुआ उसमें कांग्रेसी की जीत हुई।

और श्री मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री बने उसके बाद 2005 में अटल बिहारी बाजपेई ने राजनीति से हमेशा के लिए सन्यास ले लिए और उसके बाद वह अपने सरकारी आवास में ही रहने लगे थे

लेकिन कुछ दिनों से बीमारी की वजह से 16 अगस्त 2018 को अटल बिहारी वाजपेई का मृत्यु दिल्ली स्थित एम्स हॉस्पिटल में हुआ था जब अटल बिहारी वाजपेई का मृत्यु हुआ उस समय उनकी उम्र 93 साल था। अटल बिहारी बाजपेई जब तक राजनीति से जुड़े रहे वह बहुत ही सक्रिय रुप से अपना कार्य करते थे।

साराशं 

अटल बिहारी बाजपेई बहुत ही मिलनसार स्वभाव के व्यक्ति थे किसी से भी हमेशा मधुर भाषा में बोलते थे जब वह भाषण देने लगते थे तो हर कोई मग्‍न होकर उनकी बातें सुनता था।

एक बार संसद में जब वह भाषण दे रहे थे तो पंडित जवाहरलाल नेहरू ने उनके भाषण को सुनकर उन्हें भविष्य का प्रधानमंत्री बताया था 1975 में जब इंदिरा गांधी ने आपातकाल लगाया है अटल बिहारी बिहारी बाजपेई ने इंदिरा गांधी का बहुत ही विरोध किया था

इस लेख में भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेई की जीवनी के बारे में पूरी जानकारी दी गई है फिर भी अगर इस लेख से संबंधित कोई सवाल आपके मन में है तो कृपया कमेंट करके जरूर पूछें।

इस लेख में मैंने  अटल बिहारी वाजपेई Atal Bihari Vajpayee biography in hindi जी के बारे में पूरी जानकारी देने की कोशिश किया है आप लोगों को यह जानकारी कैसा लगा आप हमें कमेंट करके जरूर बताएं और ज्यादा से ज्यादा शेयर जरूर करें

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