बीकॉम का फुल फॉर्म | B. Com Full Form in hidi

बीकॉम का फुल फॉर्म B com ka full form in hindi जब भी कोई छात्र 10th का एग्जाम पास कर लेता है उसके बाद इंटर कर लेता है तो उसके मन में यह जरूर होता है कि कोई ऐसा कोर्स करें जिससे आगे चलकर उसे अच्छी नौकरी प्राप्त हो सके कई लोग बीए करते हैं बीएससी करते हैं बैचलर ऑफ कमर्स करते हैं तो इस लेख में बीकॉम से संबंधित सभी जानकारियों के बारे में जानेंगे.

वर्तमान समय में हर किसी के लिए गवर्नमेंट जॉब या प्राइवेट जॉब पाना बहुत ही मुश्किल हो गया है क्योंकि हर स्टूडेंट के बीच कंपटीशन का दौर हो गया है जिसमें हर स्टूडेंट एक अच्छा से अच्छा कोर्स करके अपने फ्यूचर को सिक्योर करना चाहते हैं कोई अच्छा कोर्स करके आगे चलकर किसी अच्छी कंपनी में किसी अच्छे सेक्टर में नौकरी करके वह बेहतर भविष्य बनाना चाहते हैं

यह कोर्स करने के बाद किस तरह का जॉब पाया जा सकता है बीकॉम करने का क्या फायदा है इस कोर्स के लिए कौन कौन से सब्जेक्ट आवश्यक है के बारे में विस्तार से जानते हैं. बीए का फुल फॉर्म क्या होता हैं

B com ka full form in hindi 

वर्तमान समय में शिक्षा की प्रति बहुत ही लोग जागरूक हो रहे हैं हर कोई बेहतर से बेहतर शिक्षा प्राप्त करना चाहता है क्योंकि हर किसी के लिए शिक्षा एक अहम हिस्सा और बहुत ही महत्वपूर्ण हो गया है. बीकॉम का फुल फॉर्म इंग्लिश में बैचलर ऑफ कॉमर्स होता है जिसका हिंदी  वाणिज्य स्नातक होता है

जिस तरह से टेक्नोलॉजी का निर्माण हो रहा है और हर कोई डिजिटली हर कार्य कर रहा है तो ऐसे दौर में कोई अच्छा कोर्स करके ज्यादा जानकारी हासिल करना जरूरी है बिना शिक्षा के किसी भी तरह का जानकारी या सफलता नहीं मिल सकता हैं  एमबीए का फुल फॉर्म क्या होता हैं

B com ka full form in hindi

बीकॉम करने के लिए सबसे पहले ट्वेल्थ का परीक्षा देना और उसमें पास होना जरूरी है यह एक बहुत ही पॉपुलर और लोगों में ज्यादा पसंद किया जाने वाला कोर्स है एक डिग्री है जिसे ज्यादातर छात्र करना चाहते हैं.

बीकॉम का फुल फॉर्म – बैचलर ऑफ कॉमर्स होता है यह एक स्नातक की डिग्री होती है जिस तरह इंटर करने के बाद कोई भी छात्र आर्ट्स से बीए करता है साइंस सब्जेक्ट से बीएससी करता है

उसी तरह कॉमर्स सब्जेक्ट से बीकॉम करने के बाद एक स्नातक की डिग्री प्राप्त होती है कई लोगों को बीकॉम करने में रूचि होती हैं क्योंकि B.com करने के बाद कई क्षेत्रों में आगे बढ़ने का मौका मिलता है कई तरह के मैनेजरियल स्किल और जानकारी छात्रों को प्राप्त होती है. 

बैचलर ऑफ कमर्स क्‍या हैं

जिस तरह बीए बीएससी किया जाता है उसी तरह से बीकॉम एक स्नातक की डिग्री है यह एक रेगुलर कोर्स हैं जिस तरह से किसी भी स्‍टूडेंट के लिए मैट्रिक और इंटर करना जरूरी हैं उसी तरह बीकॉम भी एक जरूरी रेगुलर डिग्री होता हैं.

जिसको इंटर करने के बाद किया जाता है बीकॉम कोर्स 3 साल का होता है बीकॉम बैचलर डिग्री प्राप्त करने के लिए किसी भी कॉलेज या विश्वविद्यालय में एडमिशन ले करके किया जा सकता है बीकॉम करने के बाद कई तरह के आगे चलकर कोर्स किया जा सकता है जैसे कि M.com, MBA  मास्टर डिग्री प्राप्त किया जा सकता है.

बीकॉम करने के बाद कई क्षेत्र के बारे में छात्रों को समझ हो जाती है जैसे कि बैंकिंग, अकाउंटिंग, बिजनेस आदि के क्षेत्र में अगर जॉब करना चाहते हैं अपना फ्यूचर बनाना चाहते हैं उसके लिए वह पूरी तरह से तैयार हो जाते हैं.

उन्हें आगे चलकर अगर इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट में कैरियर बानाना है या सीए करना है तो उसमें भी किसी भी तरह की परेशानी नहीं होती है जिस छात्र के लिए बीएसई की डिग्री प्राप्त करने में परेशानी है उनके लिए बैचलर ऑफ कॉमर्स बहुत ही बेहतर डिग्री माना जाता है 

जो छात्र कॉमर्स ग्रेजुएट होते हैं उन्हें प्राइवेट सेक्टर या गवर्नमेंट सेक्टर में कई तरह के कैरियर के विकल्प मिलते हैं या बीकॉम करने के बाद आगे चलकर और भी कई पॉपुलर कोर्स किए जाते हैं जैसे कि सीए सीएस आदि.

इस कोर्स में कई तरह के शिक्षा दिए जाते हैं जैसे कि एकाउंटिंग से संबंधित फाइनेंसियल क्षेत्र से संबंधित इनकम टैक्स का बैंकिंग का किसी भी तरह के बिजनेस करने के लिए पूरी तरह से शिक्षा दिया जाता है अगर किसी को बैंकिंग क्षेत्र में बिजनेस फील्ड में एकाउंटिंग में अपना कैरियर बनाना है तो उनके लिए B.com का कोर्स बहुत ही बेहतर होता है. 

बीकॉम करने के लिए योग्यता 

किसी भी कोर्स को करने के लिए डिग्री प्राप्त करने के लिए योग्यता होनी चाहिए नहीं तो उसको नहीं किया जा सकता है उसी तरह बीकॉम यानी बैचलर ऑफ कॉमर्स की डिग्री प्राप्त करने के लिए किसी भी छात्र को योग्यता होनी चाहिए तभी उसे बीकॉम में एडमिशन बहुत ही आसानी से मिल सकता है

तो उसके लिए सबसे पहले 12वीं यानी कि ट्वेल्थ पास करना बहुत ही जरूरी है अगर कोई ट्वेल्थ पास नहीं किया है तो उसे बीकॉम में एडमिशन नहीं मिल सकता है इंटर करने के बाद किसी भी बीकॉम कॉलेज या विश्वविद्यालय में आसानी से प्रवेश मिल सकता है.

अगर कोई छात्र ट्वेल्थ में कॉमर्स या साइंस किसी से भी किया हो तो भी बीकॉम में उसे आसानी से एडमिशन मिल सकता है उसके लिए कई सरकारी गवर्नमेंट कॉलेज है जहां कि एंट्रेंस एग्जाम देकर के या ऐसे भी डायरेक्‍ट एडमिशन लिया जा सकता है.

B.com करने के लिए कई पॉपुलर कॉलेज है जहां की मेरिट के आधार पर या इंटर में जो अंक मिले हैं उसके आधार पर एडमिशन लिया जा सकता है. 

  •       हिंदू कॉलेज दिल्ली
  •       श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स दिल्ली
  •       इंद्रप्रस्थ कॉलेज फॉर वूमेन दिल्ली
  •       इंद्रप्रस्था कॉलेज दिल्ली रामजस कॉलेज दिल्ली
  •       क्राइस्ट यूनिवर्सिटी बैंगलोर आदि

इसके अलावे जिस शहर में या जिस राज्य में छात्र रहते हैं उस राज्य में भी कई कॉमर्स कॉलेज यूनिवर्सिटी मिल जाते हैं तो अपने सुविधा के अनुसार जिस छात्र को जहां भी आसानी से कोर्स किया जा सके एडमिशन लेकर कर सकते हैं क्योंकि बीएससी बीए बीकॉम आदि का कोर्स हर राज्य में हर शहर में लगभग कराया जाता है. 

बीकॉम कोर्स में सब्जेक्ट 

किसी भी कोर्स को करने के लिए उसमें कुछ महत्‍वपूर्ण सब्जेक्ट होते हैं उसी सब्जेक्ट से उस कोर्स को किया जा सकता है और आगे चलकर उसी सब्जेक्ट से संबंधित क्षेत्र में नौकरी किया जा सकता है बीकॉम करने के लिए ट्वेल्थ में मैथ सब्जेक्ट होना जरूरी है ट्वेल्थ में कम से कम 45 परसेंट मार्क्स होना चाहिए. यह कोर्स करने के लिए कई जरूरी सब्जेक्ट है

B.COM subject name

1.    Economics2.      Business management
3.    Banking law4.      Corporate accounting
5.      Computer 6.      Cost accounting
7.      Accounting8.    Marketing management
9.      Statistics10.  Computer fundamentals
11. Personal management12.  Business mathematics
13.  Finance management 

बीकॉम कैसे करें 

यह कोर्स करने के लिए किसी भी स्टूडेंट के लिए दो तरीका होता है एक रेगुलर मोड और एक डिस्टेंसिंग मोड. कई छात्र या छात्रा ऐसे होते हैं जिन्हें की रोज कॉलेज करना पॉसिबल नहीं हो पाता है ज्यादातर छात्राएं हैं जो कि घर में रह करके अपना कोर्स पूरा करना चाहते हैं

या उस काेर्स को करने के लिए कोई कोचिंग या इंस्टिट्यूट में एडमिशन ले कर के बेहतर से बेहतर पढ़ाई करना चाहते हैं तो उनके लिए रोज कॉलेज कर आना पॉसिबल नहीं होता है इसलिए उनके लिए दो तरीके हैं जिससे कि आसानी से कोर्स किया जा सकता है. 

1. Regular mode

कई स्टूडेंट ऐसे होते हैं जिनको रोज कॉलेज करना पसंद होता है कॉलेज में जाकर के जो भी पढ़ाई हो रहा है उसको बहुत ही मन लगाकर पढ़ाई करना चाहते हैं तो रोजाना क्लास अटेंड करके कॉलेज करके इस कोर्स को पूरा करना चाहते हैं उनके लिए रेगुलर मोड अच्छा रहता है जिस छात्र को रेगुलर मोड में कॉलेज करना होता है उनके लिए ट्वेल्थ में 45 परसेंट मार्क्स होना जरूरी है तभी बीकॉम के प्रवेश परीक्षा दिया जा सकता है. 

2. Distancing mode

अगर कोई छात्र बीकॉम रोजाना कॉलेज करके नहीं करना चाहता है उनके लिए Distancing mode से कोर्स करना आसान रहता है क्योंकि इसमें डेली कॉलेज नहीं करना पड़ता है Distancing mode से कोर्स करने के लिए इंटर में कम से कम 50 परसेंट मार्क्स होना आवश्यक होता है

तभी इसमें एडमिशन लिया जा सकता है कई स्टूडेंट होते हैं जो कि कॉलेज रोजाना न करके किसी बेहतर कोचिंग सेंटर से पढ़ाई करके इस कोर्स को करना चाहते हैं उसमें अच्छा नंबर लाना चाहते हैं उनके लिए बी कॉम कोर्स करने के लिए Distancing mode अच्छा होता है. 

बीकॉम करने की प्रवेश प्रक्रिया

किसी भी डिग्री को प्राप्त करने के लिए कोर्स को करने के लिए उसमें पहले प्रवेश परीक्षा दिया जाता है या उस डिग्री को प्राप्त करने के लिए एडमिशन लेने के लिए किसी न किसी तरह का रूल रेगुलेशन होता है इसी तरह बीकॉम का कोर्स करने के लिए दो तरह के तरीका होता है

जिससे कि एडमिशन लिया जा सकता है मेरिट बेस पर प्रवेश प्रक्रिया हो सकता है और दूसरा एंट्रेंस एग्जाम दे कर के बैचलर ऑफ कमर्स में एडमिशन लिया जा सकता है कई ऐसे कॉलेज यूनिवर्सिटी है जहां की ट्वेल्थ में अगर छात्र का अच्छा मार्क्स है अच्छा अंक आया है तो उसके आधार पर बीकॉम में डायरेक्ट एडमिशन मिल जाता है .

स्टूडेंट आसानी से एडमिशन ले करके अपना कोर्स पूरा कर लेते हैं. लेकिन कई कॉलेज यूनिवर्सिटी है जहां कि बीकॉम की डिग्री प्राप्त करने के लिए उस में एडमिशन लेने के लिए पहले एंट्रेंस एग्जाम देना पड़ता है.

इसलिए अगर किसी स्टूडेंट को कमर्स से ग्रेजुएशन करना है तो  कॉलेज या यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेने जा रहे हैं वहां पर पहले पूरी तरह से जांच पड़ताल कर लें जानकारी प्राप्त कर ले कि उस कॉलेज में किस तरह का प्रवेश प्रक्रिया है उसमें एंट्रेंस एग्जाम के बेस पर प्रवेश प्रक्रिया है या मेरिट बेस पर प्रवेश प्रक्रिया है तो उनके लिए एडमिशन लेना आसान हो जाएगा. 

बीकॉम कोर्स करने के लिए फीस 

किसी भी कोर्स को करने के लिए उसमें सबसे आवश्यक उसका फीस होता है क्योंकि कई स्टूडेंट्स ऐसे हैं जो कि अगर कोई कोर्स करना चाहते हैं लेकिन उनके पास पैसा नहीं रहता है उसका फीस भरने का सक्षम नहीं रहता है तो वह कोर्स नहीं कर पाते हैं

इसी तरह अगर B.com का कोर्स करना है तो उसके लिए उस कॉलेज पर निर्भर करता है कि वह किस तरह का कॉलेज है वह प्राइवेट कॉलेज है गवर्नमेंट कॉलेज है उसी के अनुसार उसमें फीस लग सकता है अगर किसी गवर्नमेंट कॉलेज से बीकॉम करना चाहते हैं तो लगभग 5000 से 7000 1 साल में लगते हैं.

अगर कोई छात्र प्राइवेट कॉलेज से बीकॉम का कोर्स करना चाहता है तो उसके लिए उस कॉलेज पर निर्भर करता है कॉलेज किस तरह का है क्योंकि प्राइवेट कॉलेज में भी कई प्रकार के कॉलेज या यूनिवर्सिटी है हर कॉलेज या यूनिवर्सिटी में अलग-अलग फीस लगता है तो जिस को एडमिशन लेना है उसे 2- 4 कॉलेज में पता करके ही एडमिशन लेना बेहतर होता है.

बीकॉम की डिग्री 3 साल में पास किया जाता है और इसमें 6 सेमेस्टर होता है वैसे कई संस्थान ऐसे भी हैं जो कि 2 वर्ष में ही बीकॉम की डिग्री ऑप्शनल सब्जेक्ट में बदल कर के पूरा करा देते हैं.

बीकॉम कोर्स करने के बाद जॉब प्रोफाइल 

अगर किसी स्टूडेंट को बीकॉम का कोर्स करने के बाद कोई दूसरा कोर्स करना है तो उनके लिए एमबीए एमसीए सीए सीएस आदि पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स है लेकिन अगर किसी को इसके बाद किसी कंपनी में या किसी क्षेत्र में नौकरी करना है तो उनके लिए भी कई क्षेत्रों में सरकारी नौकरी के लिए या प्राइवेट नौकरी के लिए कई विकल्प है

जहां की बहुत ही आसानी से अपना करियर बना सकते हैं वैसे तो बैचलर ऑफ कमर्स के बाद अधिकतर लोग बैंकिंग सेक्टर आयकर विभाग में ही कैरियर बनाना चाहते हैं लेकिन इसके बाद ही भी कई ऑप्शन है तो जीसे प्राइवेट या गवर्नमेंट जॉब में अपने कोर्स के अनुसार जिस क्षेत्र में पसंद है उस क्षेत्र में जॉब करके अपना फ्यूचर सिक्योर कर सकते हैं जैसे कि 

  •       इंडियन एयर फोर्स
  •       अकाउंटेंट
  •       एचआर
  •       कंपनी सेक्रेट्री
  •       बैंकिंग और इंश्योरेंस
  •       इनकम टैक्स डिपार्टमेंट
  •       चार्टर्ड अकाउंटेंट
  •       सिविल सर्विस में नौकरी
  •       एडिटर
  •       बिजनेस एनालिस्ट
  •       बिजनेस कंसलटेंट
  •       स्टॉक ब्रोकर
  •       इकोनॉमिस्ट
  •       सेल्स एनालिस्ट
  •       फाइनेंस ऑफिसर

बीकॉम किसे करना चाहिए

कई छात्र ऐसे होते हैं जिन्हें किसी खास क्षेत्र से ज्यादा लगाव होता है ज्यादा पसंद होता है वह इसी क्षेत्र में आगे चलकर अपना कैरियर बनाने के लिए कोई कोर्स करना चाहते हैं डिग्री प्राप्त करना चाहते हैं

जैसे कि जिस छात्रों को आगे चलकर बैंकिंग फाइनेंस अकाउंटिंग मार्केटिंग या किसी भी तरह का बिजनेस व्यापार करना है तो वह B.com का कोर्स कर के कैरियर बनाना चाहते हैं

कई मां-बाप ऐसे हैं जिनका बड़ा बड़ा बिजनेस व्यापार है और चाहते हैं कि उनका बच्चा आगे चलकर के उनका बिजनेस व्यापार हैंडल करें उसको अच्छे से आगे बढ़ाएं वह अपने बच्चे को कॉमर्स से बीकॉम एमकॉम आदि कराते हैं और उनके लिए अकाउंटिंग मार्केटिंग आदि का बहुत ही अच्छे से शिक्षा मिल जाता है. 

बीकॉम करने का फायदा 

किसी भी कोर्स या डिग्री प्राप्त करने के बाद उसका लाभ या फायदा उस स्टूडेंट को जरूर मिलता है तो कमर्स से ग्रेजुएशन करने के बाद कई तरह के लाभ मिलते हैं जैसे कि अगर कोई इकाउंटिंग फील्ड में अपना कैरियर बनाना चाहता है तो बीकॉम कोर्स करने के बाद बहुत ही आसानी से बना सकते है.

  • उसमें एकाउंटिंग से संबंधित हर तरह के शिक्षा मिलते हैं इसके बाद कई गवर्नमेंट जॉब का रास्ता खुल जाता है जैसे कि बैंक में पीओ क्लर्क आदि का पोस्ट प्राप्त किया जा सकता है इनकम टैक्स डिपार्टमेंट में आसानी से जॉब प्राप्त किया जा सकता है.
  • यह कोर्स करने के बाद कंप्यूटर एप्लीकेशन का बहुत ही अच्छा ज्ञान हो जाता है जिससे कि कई क्षेत्र में अच्छा से अच्छा जॉब प्राप्त किया जा सकता है किसी कंपनी में मैनेजर या फाइनेंसियल एक्सपोर्ट के पोस्ट पर नौकरी करने का अवसर मिल सकता है.
  • अगर कोई बिजनेस व्यापार करना चाहता है तो उसे भी इस कोर्स में व्यवसाय और उद्यमिता की अच्छी पढ़ाई कराई जाती है
  • अगर कोई ऑनलाइन शॉपिंग या ई-कॉमर्स से संबंधित कोई व्यापार बिजनेस करना चाहता है तो उसके लिए भी बहुत ही अच्छा अवसर मिल जाता है.
  • यह कोर्स करने के बाद सीए का कोर्स किया जा सकता है जिसके बाद चार्टर्ड अकाउंटेंट की नौकरी करके एक सम्मानित जॉब और अच्छा से अच्छा सैलरी प्राप्त किया जा सकता है. 

सारांश 

B com ka full form in hindi बीकॉम एक ग्रेजुएशन डिग्री है जोकि इंटर करने के बाद किया जाता है और B.com करने के बाद कई तरह के गवर्नमेंट या प्राइवेट सेक्टर में जॉब किया जा सकता है तो इस लेख में बीकॉम का फुल फॉर्म क्या होता है

बीकॉम कोर्स क्या होता है इसको करने के लिए क्या योग्यता होना चाहिए बीकॉम करने के लिए कौन-कौन सा सब्जेक्ट महत्वपूर्ण है यह कोर्स कितने साल का होता है इस कोर्स को करने के बाद कौन-कौन से जॉब किया जा सकता है कंप्‍यूटर टेक्‍नोलॉजी एवं एमएस आफिस के बारे में अंग्रेजी में जानने के लिए को विजिट करें.

यह कोर्स करने के क्या फायदे होते हैं बीकॉम का फुल फॉर्म के बारे में पूरी जानकारी दी गई है फिर भी अगर इस लेख से संबंधित किसी भी तरह का सवाल या सुझाव मन में है तो कृपया कमेंट करके जरूर पूछें और इस लेख को अपने दोस्त मित्रों और रिश्तेदारों को शेयर जरूर करें.

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