बीईओ का फुल फॉर्म क्‍या होता हैं

किसी भी प्रखंड के अंदर शिक्षा विभाग में किसी भी तरह का कोई निर्णय लेना हो शिक्षा के क्षेत्र में साक्षरता को फैलाना हो इसके लिए बीईओ को नियुक्त किया जाता हैं तो BEO full form in hindi क्या होता हैं बीईओ का फुल फॉर्म क्‍या होता हैं बीईओ क्या हैं बीईओ का क्या कार्य होता हैं के बारे में जानकारी पाने के लिए अगर आप लोग उत्सुक हैं तो इस लेख को पूरा जरूर पढ़ें और पूरी जानकारी प्राप्त करें.

अक्सर हम लोग सुनते हैं कि गांव-गांव में साक्षरता अभियान चलाया जाता हैं क्योंकि हमारे देश में साक्षरता बहुत ही कम पहले हुआ करता था लोग कम पढ़े-लिखे रहते थे इसलिए लोगों को निरक्षर से साक्षर बनाने के लिए कई तरह के अभियान चलाकर जागरूक किया जाता था.

और अब भी शिक्षा जागरूकता अभियान चलाया जाता हैं ताकि लोग साक्षर हो सके और बेरोजगारी हमारे देश से दूर हो जाए तो इस तरह का जो साक्षरता अभियान चलाया जाता हैं वह किस अधिकारी के द्वारा यह सारे काम केंद्र सरकार और राज्य सरकार करने का जिम्मा देती हैं  टीचर का फुल फॉर्म क्या होता हैं

बीईओ का फुल फॉर्म

BEO full form  – ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर होता हैं ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर प्रखंड में शिक्षा से संबंधित हैं किसी भी तरह के कार्य करने के लिए नियुक्त किए जाते हैं. ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर को हिंदी में खंड शिक्षा अधिकारी कहते हैं.

  • B:- ब्लॉक :- खंड
  • E:- एजुकेशन :- शिक्षा
  • O:- ऑफिसर :- अधिकारी 

जिस तरह शिक्षा विभाग में किसी भी तरह का फेरबदल करने के लिए निर्णय लेने के लिए किसी भी तरह का कानून बनाने के लिए राज्य में शिक्षा मंत्री रहते हैं किसी भी जिले में बीईओ ऑफिसर होते हैं.

जो कि जिला भर में शिक्षा विभाग से संबंधित किसी भी तरह का कार्य होता हैं किसी भी तरह का निर्णय लेना होता हैं कौन से अध्यापक का कहां ट्रांसफर करना हैं इस तरह का कार्य उनके जीम्‍मा होता हैं.

तरह हर प्रखंड में शिक्षा विभाग से संबंधित कार्यों को करने के लिए लोगों में साक्षरता फैलाने के लिए शिक्षा जागरूकता अभियान चला कर के गरीबी को दूर करने के लिए बीईओ नियुक्त किए जाते हैं. स्कूल का फुल फॉर्म क्या होता हैं

BEO full form in hindi

अक्सर हम लोग सुनते हैं कि किसी भी स्कूल में कि बीईओ स्कूल में निगरानी करने के लिए आए हैं तो बीईओ किस स्कूल में किस तरह का पढ़ाई चल रहा हैं ब्लॉक के जितने भी सरकारी स्कूल होते हैं.

उनमें शिक्षा स्तर को बढ़ावा देने के लिए अच्छी शिक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए स्कूलों में किताबें और अन्य शिक्षा से संबंधित सामानों की व्यवस्था करना उनका कार्य होता हैं.

BEO

सरकार के तरफ से लोगों को साक्षर बनाने के लिए अपने देश से राज्य से निरक्षरता को दूर करने के लिए लोगों को जागरूक करने के लिए साक्षरता अभियान चलाया जाता हैं तो शिक्षा विभाग में लोगों को शिक्षा के लिए जागरूक किस तरह से किया जाए.

शिक्षा विभाग में किसी भी तरह के देखरेख करना एक ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर का कार्य होता हैं जिन्हें हम लोग बीईओ के नाम से जानते हैं

बीईओ क्या हैं

हर विभाग में उस विभाग के देखरेख के लिए उसमें किसी भी तरह के कमी को दूर करने के लिए एक ऑफिसर जरूर होते हैं. उसी तरह से शिक्षा विभाग में ब्लॉक लेवल पर एक ऑफिसर नियुक्त किए जाते हैं जिन्हें ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर कहते हैं और हिंदी में इन्हें खंड शिक्षा अधिकारी के नाम से जाना जाता हैं.

बीईओ का पद एक बहुत ही सम्मानित पद होता हैं बीईओ का नौकरी करने के लिए सभी युवा लगभग कार्यरत रहते हैं शिक्षा विभाग में सरकार के द्वारा किसी भी तरह का कोई परियोजना चलाना हो तो खंड शिक्षा अधिकारी उसका देखरेख करते हैं.

सरकारी स्कूलों में हम लोग देखते हैं कि बच्चों को किताबें बांटा जाता हैं पहले चावल और गेहूं भी दिया जाता था लेकिन अब हर स्कूल में मध्याहन भोजन यानी कि रोज बच्चों को तरह-तरह के खाना बनाकर के खिलाया जाता हैं.

यह सारी व्यवस्था का देखरेख खंड शिक्षा अधिकारी के द्वारा ही किया जाता हैं किसी भी स्कूल में शिक्षकों को अच्छी व्यवस्था देना शिक्षकों के बारे में जानकारी रखना स्कूलों में किस तरह से पढ़ाई हो रहा हैं यह सारे जिम्मेदारियों बीईओ का ही होता हैं.

हर विभाग में कई तरह के ऑफिसर होते हैं क्योंकि देश में शिक्षा व्यवस्था सही बनाने के लिए लोगों को साक्षर बनाने के लिए कई लोगों का जरूरत होता हैं.

इसी तरह हर ब्लॉक में एक ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर का नियुक्त करके उस ब्लॉक के अंदर जितने भी सरकारी स्कूल कॉलेज आते हैं उनमें शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करना शिक्षा योजनाओं को लागू करना बीईओ का कार्य होता हैं.

बीईओ ऑफिसर बनने के लिए योग्यता

किसी भी तरह के नौकरी पाने के लिए किसी भी ऑफिसर का पद प्राप्त करने के लिए पहले हमें उस लेवल का योग्यता हासिल करना पड़ता हैं पढ़ाई करना पड़ता हैं किसी भी तरह का परीक्षा पास करना पड़ता हैं तभी हम किसी अच्छे लेवल पर सम्मानित पद पर किसी ऑफिसर का पद प्राप्त कर सकते हैं उसी तरह बीईओ ऑफिसर बनने के लिए उस लेबल का योग्यता होना जरूरी हैं.

बीईओ का पद प्राप्त करने के लिए बहुत ही कड़ा मेहनत करना पड़ता हैं क्योंकि इसमें कंपटीशन बहुत ही टॉफ होता हैं इसलिए इस पद को प्राप्त करने के लिए किसी भी अभ्यर्थी को मन लगाकर मेहनत करके परिश्रम करके पढ़ाई करना पड़ता हैं

  • ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर बनने के लिए सबसे पहले किसी भी व्यक्ति को किसी मान्यता प्राप्त स्कूल कॉलेज या किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं पास होना जरूरी हैं और 12वीं में अच्छे मार्क्स भी होना चाहिए.
  • उसके बाद किसी मान्यता प्राप्त कॉलेज यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन होना जरूरी हैं.
  • पहले ग्रेजुएशन पास होने पर बीईओ ऑफिसर के लिए परीक्षा देने के बाद नियुक्त किया जाता था लेकिन कुछ दिनों पहले से सरकार के तरफ से बदलाव किया गया और इसमें ed की डिग्री प्राप्त होना चाहिए या एलटी डिप्लोमा की ट्रेनिंग किसी सरकारी कॉलेज से प्राप्त करना अनिवार्य हैं तभी शिक्षा विभाग में किसी भी तरह की नौकरी प्राप्त किया जा सकता हैं.
  • ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर बनने के लिए हर साल यूपीएससी के द्वारा परीक्षा आयोजित कराई जाती हैं यह परीक्षा तीन चरणों में होता हैं उसके बाद ही बीईओ पद प्राप्त किया जा सकता हैं
  • पहले प्रारंभिक परीक्षा होता हैं अगर प्रारंभिक परीक्षा में अभ्यार्थी पास हो जाता हैं तो मुख्य परीक्षा यानी कि मेंस एग्जाम होता हैं मेंस एग्जाम में अच्छे नंबर लाने के बाद पास होने के बाद मेरिट लिस्ट बनकर आता हैं अगर उसमें मेरिट लिस्ट में उस विद्यार्थी का चयन हो जाता हैं तो उसे बीईओ का पद प्राप्त हो सकता हैं
  • ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर बनने के लिए उम्र सीमा भी तय किया गया हैं जिसमें 21 वर्ष से 40 वर्ष के बीच के उम्र वाले अभ्यार्थी ही बीईओ बनने के लिए परीक्षा दे सकते हैं. इसमें भी एससी एसटी ओबीसी वर्ग के लिए कुछ छूट दिया जाता हैं.

बीईओ का कार्य क्या हैं 

  • जिस ब्लॉक में ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर नियुक्त किया जाता हैं उस ब्लाक के अंदर जितने भी सरकारी स्कूल कॉलेज आते हैं उनमें शिक्षा व्यवस्था का देखरेख करना बीईओ का मुख्य कार्य होता हैं
  • शिक्षा व्यवस्था को बढ़ाना स्कूलों में अगर परीक्षा होता हैं तो उसका भी देखरेख करना बीईओ का ही जिम्मेदारी होता हैं
  • अगर किसी स्कूल में गलत तरीके से पढ़ाई हो रहा हैं शिक्षा परियोजना का गलत इस्तेमाल किया जा रहा हैं भ्रष्टाचार किया जा रहा हैं तो उसका देखरेख करना जांच का जिम्मेदारी ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर का ही होता हैं.
  • उस ब्लॉक के अंदर कितने अध्यापक हैं स्कूलों में शिक्षा संबंधित सामानों को उपलब्ध कराना खंड शिक्षा अधिकारी का कार्य होता हैं.
  • प्रखंड में लोगों को शिक्षा के लिए जागरूक करना सरकार के तरफ से अगर किसी भी तरह की परियोजना शिक्षा के क्षेत्र में चलाया जाना हैं तो वह बीईओ के ही जिम्मेदारी में होता हैं.
  • किस स्कूल में किस तरह का पढ़ाई हो रहा हैं स्कूलों में जो सामग्री सरकार के तरफ से आ रहा हैं उसका बच्चों में अच्छे से वितरण हो रहा हैं कि नहीं किसी भी तरह के कोई धांधली अध्यापक तो नहीं कर रहे हैं इस तरह के देखरेख की जिम्मेदारी ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर का ही होता हैं.

 

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सारांश

शिक्षा विभाग के तरु से जो सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए शिक्षा व्यवस्था को सही बनाए रखने के लिए लोगों को शिक्षा के लिए जागरूक करना सरकार के तरफ से जो भी परियोजनाएं चलाई जा रही हैं

वह प्रखंड के हर स्कूलों में लागू करना एक बीईओ ऑफिसर यानी कि ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर का जिम्मेदारी होता हैं. कंप्‍यूटर क्‍या हैं

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