छोटा चार धाम यात्रा के बारे में पूरी जानकारी

छोटा चार धाम यात्रा के बारे में अगर आप जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं छोटा चार धाम यात्रा करना चाहते हैं Chota Char Dham in hindi छोटा चार धाम यात्रा के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो इस लेख को पूरा पढ़े.  छोटा चार धाम यात्रा किस राज्य में स्थित हैं तथा Chota Char Dham यात्रा में कौन कौन से प्रमुख जगह आते हैं.

वहां पर किस भगवान का मंदिर हैं Chota Char Dham यात्रा में जाने के लिए सबसे पहले यात्रा  कहां से शुरू किया जाता हैं उसके लिए क्‍या साधन हैं तथा रात्रि विश्राम कहॉं किया जाता हैंं.

छोटा चार धाम यात्रा किस राज्य में स्थित हैं इन सभी चीजों के बारे में भी आप जानकारी विस्तार से प्राप्त करना चाहते हैं तो इस लेख को आपको पूरा पढ़ना होगा. छोटा चार धाम यात्रा भारत के उत्तराखंड राज्य में स्थित हैं.

उत्तराखंड का राजधानी देहरादून हैं भारत के किसी भी कोने से छोटा चार धाम यात्रा करने के लिए आना चाहते हैं तो उत्तराखंड के राजधानी देहरादून से हरिद्वार शहर या ऋषिकेश से चार धाम यात्रा शुरू कर सकते हैं

उत्तराखंड के राजधानी देहरादून या हरिद्वार में आने के बाद उत्तराखंड में स्थित छोटा चार धाम यात्रा कर सकते हैं जिसके बारे में नीचे जानकारी प्राप्त करेंगे सबसे पहले यह जानते हैं कि छोटा चार धाम यात्रा में कौन कौन से धाम आते हैं. पटना का गोलघर किसने बनवाया

Chota Char Dham in hindi 

  • यमुनोत्री
  • गंगोत्री
  • केदारनाथ
  • बद्रीनारायण

छोटा चार धाम यात्रा का शुरूआत आप हरिद्वार या ऋषिकेश से कर सकते हैं. लेकिन यदि आप छोटा चार धाम यात्रा करना चाहते हैं तो सबसे पहले आपको हरि के दरबार यानी हरि के द्वार हरिद्वार से ही यात्रा को शुरू करना चाहिए.

Chota Char Dham

हरिद्वार आने के बाद वहां से आप हरिद्वार आने से पहले किसी भी टूर एंड ट्रेवल्स कंपनी से बात करके आप अपने छोटा चार धाम यात्रा के लिए बुकिंग कर सकते हैं.

या फिर आप हरिद्वार आने के बाद भी हरिद्वार से उपलब्ध बस या और जो टेंपो साधन हैं उससे आप छोटा चार धाम यात्रा कर सकते हैं आइए नीचे जानते हैं कि हरिद्वार से सबसे पहले आपको कहां के लिए और छोटा चार धाम में सबसे पहले कहां दर्शन करना होता हैं. तिरंगे झंडे को किसने बनाया था

पहला दर्शन यमुनोत्री  

छोटा चार धाम यात्रा में सबसे पहले यमुनोत्री का दर्शन करना होता हैं हरिद्वार से 226 किलोमीटर की दूरी पर यमुनोत्री स्थित हैं. यमुनोत्री आप बस से भी जा सकते हैं या फिर यदि आप रेल से जाना चाहते हैं तो उसके लिए नजदीकी स्टेशन देहरादून या ऋषिकेश हैं यहां उतर कर आपको फिर से बस से यात्रा करना पड़ेगा.

  • देहरादून से यमुनोत्री का दूरी 88 किलोमीटर हैं
  • ऋषिकेश स्टेशन से यमुनोत्री का दूरी 105 किलोमीटर हैं.
  • हरिद्वार से यमुनोत्री का दूरी 226 किलोमीटर हैं
  • बड़कोट जहॉं रात्रि विश्राम किया जाता हैं वहां से यमुनोत्री का दूरी 32 किलोमीटर हैं.
  • बड़कोट से जानकी चट्टी तक गाडी जाती हैं
  • जानकी चट्टी से यमुनोत्री तक पैदल 6 किलोमीटर जाना हैं
  • जानकी चट्टी से डोली,घोड़ा या खच्‍चर का किराया आने जाने का लगभग 1000 एक व्‍यक्ति हैं.

यमुनोत्री उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिला में गढ़वाल हिमालय में 10804 फीट की ऊंचाई पर स्थित हैं. यमुनोत्री दर्शन के समय रात्रि विश्राम करने के लिए बड़कोट खेरादी स्याना चट्टी रुकने के लिए उचित स्थान हैं.

यमुनोत्री धाम के बारे में 

छोटा चार धाम यात्रा में सबसे प्रथम यमुनोत्री को माना गया हैं जहां से लोग अपना चार धाम यात्रा शुरू करते हैं ऐसा मान्यता हैं कि यमुनोत्री धाम में पूजा करने से शनि के प्रकोप तथा यम यातना से छुटकारा मिलता हैं. यमुनोत्री जिसको यमुना के नाम से भी जाना जाता हैं.

इनके पिता सूर्य भगवान हैं जिनको सूर्य पुत्री के नाम से जाना जाता हैं यमुनोत्री शनी एवं यमराज की बहन हैं. यमुनोत्री यानी कि यमुना पृथ्वी पर आकर उत्तरवाहिनी के नाम से मनुष्य के सभी पापों से मुक्त करने वाली यमुना मां के नाम से भी जानी जाती हैं.

गंगोत्री धाम के बारे में

गंगोत्री छोटा चार धाम का दूसरा पड़ाव हैं जहां मां गंगा को गंगोत्री के नाम से जाना जाता हैं. भारत के उत्तराखंड राज्य के उत्तरकाशी जिले में गंगोत्री मंदिर स्थित हैं.

गंगोत्री मंदिर भागीरथ नदी के तट पर स्थित हैं ऐसा माना जाता हैं कि सबसे पहले गंगा को भगीरथ ने लाने के लिए भागीरथ नदी के तट पर ही तपस्या किया था जिसके बाद मां गंगा पृथ्वी पर अवतरित हुई थी. जहां पर मां गंगा अवतरित हुई उसी धाम उसी जगह को गंगोत्री मंदिर गंगोत्री तीर्थ छोटा चार धाम यात्रा का दूसरा प्रमुख धाम गंगोत्री तीर्थ के नाम से भी जाना जाता हैं.

गंगोत्री मंदिर के निकट हैं कुछ दूरी पर विष्णु ब्रह्मकुंड तथा सूर्य मंदिर भी स्थित हैं. ऐसा माना जाता हैं कि भगवान श्री राम के वंशज राजा भगीरथ ने इसी स्थान पर भगवान शिव की तपस्या की थी जिसके बाद भगवान श्री राम के वंशज भागीरथ ने मां गंगा को धरती पर लाया था.

  • हरिद्वार से गंगोत्री का दूरी 288 किलोमीटर हैं.
  • ऋषिकेश से गंगोत्री का दूरी 267 किलोमीटर हैं.
  • देहरादून से गंगोत्री का दूरी 242 किलोमीटर हैं.
  • यमुनोत्री से गंगोत्री का रोड के द्वारा दूरी 227 किलोमीटर हैं.
  • बड़कोट से गंगोत्री का रोड से दूरी 180 किलोमीटर हैं.
  • बड़कोट से उत्तरकाशी नेताला जहां पर रात्रि विश्राम करना चाहिए उसका दूरी 95 किलोमीटर हैं.
  • रात्रि विश्राम के बाद उत्तरकाशी नेताला से गंगोत्री रोड के द्वारा दूरी 88 किलोमीटर हैं.
  • गंगोत्री मंदिर का दूरी पैदल 200 मीटर .

केदारनाथ धाम के बारे में

भगवान शिव का धाम केदारनाथ 12 ज्योतिर्लिंग में आता हैं केदारनाथ मंदिर भारत के उत्तराखंड राज्य के रुद्रप्रयाग जिले के अंतर्गत आता हैं. ऐसा माना जाता हैं कि हिमालय के पर्वत पर भगवान श्री हरि विष्णु के अवतार नर और नारायण ऋषि तपस्या किया करते थे.

उनके ही प्रार्थना आराधना से प्रसन्न होकर भगवान शिव प्रकट हुए तथा उनके प्रार्थना स्वरूप भगवान शिव केदारनाथ के रूप में सदा के लिए हिमालय के केदार नाम से प्रसिद्ध श्रृंग पर्वत पर स्थित हुए.

उत्तराखंड राज्य में स्थित केदारनाथ मंदिर राज्य का सबसे विशाल शिव मंदिर हैं जोकि एक विशेष किस्म के पत्थरों जिसका नाम कटवा पत्थर हैं इसी पत्थर से भगवान केदार नाथ का मंदिर बना हैं. भगवान केदारनाथ का मंदिर लगभग 6 फुट ऊंचे एक चबूतरे पर बना हैं जिसका इतिहास बहुत ही प्राचीन हैं. केदारनाथ मंदिर तीन तरफ से पहाड़ों से घिरा हुआ हैं.

  • देहरादून से केदारनाथ की दूरी 254 किलोमीटर हैं
  • देहरादून से केदारनाथ की दूरी फ्लाइट से 109 किलोमीटर हैं
  • हरिद्वार से केदारनाथ का दूरी 239 किलोमीटर हैं
  • ऋषिकेश से केदारनाथ की दूरी 216 किलोमीटर हैं
  • ऋषिकेश से केदारनाथ की दूरी फ्लाइट से 105 किलोमीटर हैं.
  • गंगोत्री से केदारनाथ रोड से दूरी 480 किलोमीटर हैं
  • उत्तरकाशी नेताला से केदारनाथ का रोड से दूरी 310 किलोमीटर हैं
  • उत्तरकाशी नेताला से सोनप्रयाग का रोड से दूरी 232 किलोमीटर हैं जहॉं रात्रि विश्राम किया जाता हैं
  • सोनप्रयाग से गौरीकुड़ का रोड से दूरी 5 किलोमीटर
  • गौरीकुड़ से केदारनाथ का दूरी 2 किलोमीटर पैदल यात्रा करना हैं.
  • गौरीकुड़ से डोली,घोड़ा या खच्‍चर का किराया आने जाने का लगभग 2500 एक व्‍यक्ति हैं.

बद्रीनारायण धाम के बारे में

छोटा चार धाम यात्रा के सबसे अंतिम स्थान बद्रीनाथ धाम हैं. बद्रीनाथ मंदिर भारत के उत्तराखंड राज्य के चमोली जिला में स्थित हैं. बद्रीनाथ मंदिर चमोली जिले के जोशीमठ तहसील के एक नगर में पंचायत में स्थित हैं. बद्रीनाथ मंदिर भगवान विष्णु के चार प्रमुख धाम जगन्नाथ पुरी बद्रीनाथ द्वारकापुरी रंगनाथ में से एक प्रमुख धाम बद्रीनाथ धाम हैं.

जो भगवान विष्णु को समर्पित हैं. हिंदू धर्म में बड़ी चार धाम यात्रा जोकि जगरनाथ पुरी उड़ीसा राज्य में स्थित हैं बद्रीनारायण उत्तराखंड राज्य में स्थित हैं द्वारकापुरी गुजरात राज्य में स्थित हैं रंगनाथ तमिलनाडु राज्य में स्थित हैं इस तरह से भारत के इन राज्यों में प्रमुख चार धामों में इन चार विष्‍णु के प्रमुख धामों का दर्शन किया जाता हैं.

भगवान विष्णु के प्रमुख धाम बद्रीनाथ का नाम बद्रीनाथ कैसे पड़ा

ऐसा कहा जाता हैं कि एक समय भगवान विष्णु से रूठ कर लक्ष्मी जी अपने मायके चली गई जिसके बाद भगवान विष्णु ने मां लक्ष्मी को मनाने के लिए तपस्या करने लगे तपस्या के दौरान जिस जगह पर भगवान विष्‍णु बैठकर तपस्या कर रहे थे उस बद्री स्थान पर एक  वन था.

भगवान विष्णु के तपस्या के पश्चात जब भगवान लक्ष्मी जी का नाराजगी दूर हुआ उसके बाद इसी जगह को मां लक्ष्मी के द्वारा भगवान विष्णु के धाम बद्रीनाथ रख दिया.

  • ऋषिकेश से बद्रीनाथ रोड के द्वारा दूरी 295 किलोमीटर हैं.
  • हरिद्वार से बद्रीनाथ रोड के द्वारा दूरी 318 किलोमीटर हैं.
  • देहरादून से बद्रीनाथ का रोड के द्वारा दूरी 332 किलोमीटर हैं.
  • केदारनाथ से बद्रीनाथ धाम का दूरी 218 किलोमीटर हैं
  • सोनप्रयाग से बद्रीनाथ धाम का रोड से दूरी 227 किलोमीटर हैं.
  • सोनप्रयाग से जोशीमठ रोड के द्वारा दूरी 185 किलोमीटर हैं
  • जोशीमठ से बद्रीनाथ रोड के द्वारा दूरी 46 किलोमीटर हैं.
  • बद्रीनारायण में मंदिर का दूरी पैदल यात्रा लगभग 200 मीटर हैं
  • बद्रीनारायण में दर्शन करने के लिए रात्रि विश्राम जोशीमठ में करना सही हैं.

छोटा चार धाम यात्रा का दर्शन कब करना चाहिए

भारत में स्थित उत्तराखंड राज्य एक पहाड़ी राज्य हैं जहां पर तापमान बहुत ही कम होता हैं जिसके चलते वहां पर अधिक ठंडा पड़ता हैं इसलिए चार धाम यात्रा अप्रैल मई-जून july-august सितंबर में करना सबसे अच्छा होता हैं क्योंकि 3 महीनों में थोड़ा ठंडा कम होता हैं.

जिससे छोटा चार धाम यात्रा करना आसान होता हैं वैसे छोटा चार धाम यात्रा करते समय अपने साथ ठंडा से बचने के लिए ऊनी कपड़ा तथा बारिश से बचने के लिए रेनकोट अपने साथ जरूर रखें क्योंकि उत्तराखंड पहाड़ी इलाका हैं जहां बारिश अधिकतर होता हैं.

 

छोटा चार धाम यात्रा के बारें में नीचे वीडियों में पूरी जानकारी दी गई हैं

उत्तराखंड राज्‍य के बारें में 

उत्तराखंड का राजधानी देहरादून हैं 

उत्तराखंड में 13 जिले हैं जिसको दो मंडल यानी कि दो डिवीजन में बांटा गया हैं.

  • Kumaun division
  • Garhwal division

Kumaun division के अंतर्गत आने वाले जिलों का नाम इस प्रकार हैं 

  • अलमोरा
  • बागेश्वर
  • चंपावत
  • नैनीताल
  • पिथौरागढ़
  • उधम सिंह नगर

Garhwal division के अंतर्गत आने वाले जिलों का नाम इस प्रकार हैं 

  • देहरादून
  • हरिद्वार
  • टिहरी गढ़वाल
  • उत्तरकाशी
  • चमोली
  • पौड़ी गढ़वाल
  • रुद्रप्रयाग

उत्तराखंड के 13 जिलों में से 3 जिले ऐसे हैं जो कि बराबर यानी समतल स्थानों पर स्थिर हैं जबकि उत्तराखंड के 10 ऐसे जिले हैं जो कि पहाड़ी जिले हैं उत्तराखंड के 13 जिलों को 3 भागो में रखा गया हैं.

उत्तराखंड के 3 जिले जो कि समतल स्थान पर स्थित हैं जिसका नाम इस प्रकार हैं 

  • देहरादून
  • हरिद्वार
  • उधम सिंह नगर
  • नैनीताल जिले का कुछ भाग

उत्तराखंड के मिडिल हील्स वाले जिले इस प्रकार हैं 

  • टिहरी गढ़वाल
  • गढ़वाल
  • अल्मोड़ा
  • चंपावत
  • नैनीताल के कुछ भाग
  • देहरादून के चक्रतारा तहसील के कुछ भाग

उत्तराखंड के ऑपर हिल्स वाले स्थान का नाम इस प्रकार हैं 

  • उत्तरकाशी
  • चमोली
  • रुद्रप्रयाग
  • पिथौरागढ़
  • बागेश्वर

उत्तराखंड के प्रमुख शहर का नाम इस प्रकार हैं 

  • देहरादून शहर देहरादून जिला में स्थित हैं
  • हरिद्वार शहर हरिद्वार जिला में स्थित हैं
  • रुड़की शहर हरिद्वार जिला में स्थित हैं
  • हरिद्वार काठगोदाम शहर नैनीताल जिला में स्थित हैं
  • रुद्रप्रयाग सहार उधम सिंह नगर जिला में स्थित हैं
  • काशीपुर शहर उधम सिंह नगर जिला में स्थित हैं
  • ऋषिकेश शहर देहरादून जिला में स्थित हैं.

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सारांश  

इस लेख में छोटा चार धाम यात्रा से संबंधित सभी जानकारी देने का प्रयास किया गया हैं फिर भी यदि आपके मन में छोटा चार धाम से यात्रा से संबंधित कोई भी सवाल हैं तो कृपया कमेंट करके जरूर पूछे हैं तथा छोटा चार धाम यात्रा के बारे में दी गई जानकारी आपको कैसा लगा कृपया कमेंट करके अपना राय जरूर दें.

इस जानकारी को अपने दोस्त मित्रों रिश्तेदारों के साथ शेयर जरूर करें ताकि और लोग भी Chota Char Dham यात्रा के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकें.

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