CV ka Full Form – सीवी का फुल फॉर्म क्‍या होता हैं

जब भी कोई भी व्यक्ति प्राइवेट जॉब ढूंढता हैं तो उसे कंपनी की तरफ से CV मांगा जाता हैं तो CV ka full form in hindi क्या होता हैं इसके बारे में सबसे पहले जानकारी रखना आवश्यक हैं तभी CV बनाने में मदद मिलेगी.

CV क्या होता हैं इसमें क्या-क्या लिखा जाता हैं इसके बारे में इस लेख में पूरी जानकारी प्राप्त करेंगे जब भी किसी कंपनी का जॉब ऑफर आता हैं Interview का ऑफर आता हैं उसमें पहले से CV मांगा जाता हैं

Interview देने से पहले किसी व्यक्ति का CV कंपनी की तरफ से क्यों मांगा जाता हैं और CV में क्या-क्या लिखा रहता हैं CV में क्या क्या नहीं लिखना चाहिए सीवी का फुल फॉर्म क्या होता हैं CV में किसी भी व्यक्ति के बारे में कौन-कौन सा इंफॉर्मेशन रहता हैं, के बारे में आइए नीचे जानते हैं.

CV ka full form in hindi 

जब भी किसी व्यक्ति से मिलना होता हैं तो अपने बारे में बताना होता हैं तो हम लोग एक बायोडाटा बनाकर जिसमें कि अपने बारे में पूरी जानकारी देते हैं जिसमें अपने एजुकेशन के बारे में अपने कार्य के बारे में अपने फैमिली के बारे में यह सारी जानकारी बायोडाटा में रहता हैं.

उसी प्रकार जब किसी जॉब के लिए Interview देने जाना होता हैं तो उस समय उस कंपनी को अपने बारे में  CV के माध्यम से पूरा इंफॉर्मेशन  देते हैंसीवी को आम भाषा में बायोडाटा कहा जा सकता हैं क्योंकि अगर कोई किसी भी तरह का जॉब का Interview देने जाता हैं तो वहां पर CV जरूर मांगा जाता हैं सीवी का फुल फॉर्म curriculum vitae होता हैं.

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CV में किसी भी व्यक्ति के शैक्षिक योग्यता उसका किसी भी दूसरे कंपनी में किया हुआ कार्य का अनुभव और उसका एजुकेशन इन सारे चीजों का डिटेल होता हैं.

CV full form in Hindi

जब भी किसी जॉब के लिए Interview देना होता हैं तो उस कंपनी को अपने बारे में बताने के लिए बायोडाटा का जरूरत होता हैं जिसे CV कहा जाता हैं सीवी का फुल फॉर्म इंग्लिश में करिकुलम विटाय होता हैं सीवी का फुल फॉर्म में शैक्षिक अभिलेख एवं कार्य अनुभव कहा जाता हैं.

CV kya hai

सीवी में अपने बारे में जानकारी तो देते हैं लेकिन बायोडाटा की तरह अपने पर्सनल लाइफ के बारे में अपने फैमिली के बारे में नहीं लिखा जाता हैं CV में उस व्यक्ति का एजुकेशन क्या हैं इसके बारे में लिखा रहता हैं कौन सा डिग्री कहां से प्राप्त किया हैं किस कॉलेज से डिग्री लिया हैं.

उस कॉलेज का नाम रिजल्ट डिग्री का नाम व्यक्ति कौन से कंपनी में कितना दिन कार्य किया हैं उसका एक्सपीरियंस उसे अपनी जिंदगी में कौन-कौन सी उपलब्धियां मिली हैं उस व्यक्ति का उद्देश्य क्या हैं जिंदगी में आगे चलकर क्या करना हैं उसका लक्ष्य क्या हैं.

उस व्यक्ति का आगे चलकर किसी भी कंपनी में अगर कोई कार्य करता हैं तो किस पोस्ट पर जाना उसका लक्ष्य हैं इसके बारे में CV में पूरी जानकारी रहती हैं जिससे कि किसी भी कंपनी में अपने एंप्लोई के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त करके अपनी कंपनी के लिए Staff चुनने में बहुत Help मिलता हैं क्योंकि जब कोई भी व्यक्ति किसी कंपनी में Interview देने जाता हैं

तो कंपनी को इतना टाइम नहीं रहता हैं कि वह उस Empliyee के बारे में पूरा Information ले सके इसलिए CV एक माध्यम हैं किसी भी Empliyee के बारे में जानने के लिए ताकि अपने कंपनी के लिए एक बेस्ट Staff एक बेस्ट Empliyee आसानी से चुना जा सके और जब भी करिकुलम विटाय बनाना चाहिए तो 3 या 4 पेज में वह होना चाहिए ताकि अपने बारे में विस्तृत रूप से लिखा जा सके.

सीवी में क्या-क्या लिखा जाता हैं

किसी भी कंपनी को अपने बारे में बताने के लिए CV यानी कि करिकुलम विटाय एक बहुत ही अच्छा माध्यम हैं तो CV बनाने के लिए CV Formet कैसे तैयार किया जाता हैं इसके बारे में भी पहले जानकारी रखना चाहिए कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान देना चाहिए तभी  CV अच्छे से बनाया जा सकता हैं.

उसमें कुछ men point होते हैं जिसको कोई भी Company देखे तो उसे वह बेहतर लगे आकर्षण लगे ताकि वह कंपनी अपना स्टाफ के बारे में पूरी जानकारी पूरा Information प्राप्त करके ही अपने कंपनी के लिए चुनाव करें CV के अंदर अपने एजुकेशन के बारे में अपनी योग्यता कार्यक्षेत्र का अनुभव का पूरा Information दिया जाना चाहिए.

Qualification :- क्वालिफिकेशन में अपने पढ़ाई के बारे में लिखा जाता हैं जिसमें की किस स्कूल कॉलेज यूनिवर्सिटी से पढ़ाई किया हैं कौन कौन सा Degree प्राप्त किया हैं और किस डिग्री में कौन सा रिजल्ट आया हैं कितना Marks हैं यह सारी जानकारी रहती हैं उस व्यक्ति का नाम पता फोन नंबर ईमेल आईडी आदि इंफॉर्मेशन लिखा जाता हैं.

Career objective :- इस ऑप्शन में किसी भी व्यक्ति के उद्देश्य के बारे में लिखना चाहिए कि उस व्यक्ति का उद्देश्य पॉजिटिव हैं नेगेटिव हैं जो कंपनी जॉब दे रही हैं उस व्यक्ति के हिसाब से सही हैं या गलत हैं इसके बारे में पता चल जाता हैं और वह व्यक्ति अपने आने वाले कैरियर में कौन सा पोस्ट हासिल करता हैं करना चाहता हैं क्या करना चाहता हैं.

Experience :- इस हेडिंग में Work Experience के बारे में बताया जाता हैं अपने कैरियर में पीछे किस किस कंपनी में काम किया हैं कितने दिनों के एक्सपीरियंस हैं यह सारी डिटेल रहता हैं ताकि जिस कंपनी में Interview देने गए हैं यह जो कंपनी अपनी उस व्यक्ति का Interview ले रही हैं तो उसे पता चल सके कि उसके कंपनी के लिए वह आदमी बेहतर हैं कि नहीं अगर उस कंपनी के अनुरूप एक्सपीरियंस हैं तो व्यक्ति ठीक हैं.

शैक्षिक योग्यता :- इसमें किस स्कूल किस कॉलेज किस यूनिवर्सिटी से हाई स्कूल से लेकर यूनिवर्सिटी तक अपने शिक्षा के बारे में यानी की शैक्षिक योग्यता के बारे में पूरा इनफार्मेशन दिया जाता हैं किस बोर्ड से किस साल में कौन सा पढ़ाई पूरा हुआ हैं यह शैक्षिक की योग्यता इस हेडिंग में दर्शाया जाता हैं.

Other skills :- इस हेडिंग में अगर अपने पढ़ाई के साथ कोई एक्स्ट्रा कोर्स सीखा हैं तो उसके बारे में बताया जाता हैं Other Skills हेडिंग में अपने बारे में यानी कि पढ़ाई के बाद कोई दूसरा गुण हैं तो उसके बारे में बताया जाता हैं .

Personal profile :- पर्सनल प्रोफाइल में किसी भी व्यक्ति को अपने बारे में लिखना चाहिए कि वह व्यक्ति का नाम क्या हैं वह उसके पिता का नाम क्या हैं जन्म तिथि एड्रेस वह मैरिड हैं या अनमैरिड हैं उसका धर्म क्या हैं उसे कौन-कौन सा भाषा बोलना आता हैं उसका राष्ट्रीयता क्या हैं लिंग क्या हैं इस तरह का पर्सनल डिटेल पर्सनल प्रोफाइल में लिखा जाता हैं.

Habits :- हर व्यक्ति में एक अलग तरह का आदत होता हैं किसी भी व्यक्ति को ज्यादा काम करना पसंद हैं कोई ईमानदारी से काम करता हैं कोई अपने पसंद के अनुसार तरह तरह के कार्य करता हैं तो इस तरह का अगर किसी व्यक्ति में आदत हैं.

तो इस हेडिंग में अपने बारे में बताना जरूरी होता हैं कौन सा ऐसा कार्य हैं जो कि व्यक्ति रोज करता हैं अपने पसंद नापसंद अपना कार्य वह इमानदारी से करेगा या उस कार्य को कार्य समझकर करेगा या अपना एक डेली रूटीन समझकर करेगा इस तरह का डिटेल इसमें मेंशन किया जाता हैं.

सीवी में क्या नहीं लिखना चाहिए

जो व्यक्ति CV यानि कि curriculum vitae बना रहा हैं तो उसमें क्या लिखना चाहिए क्या नहीं लिखना चाहिए इसके बारे में भी जानकारी रखना जरूरी हैं CV में अपने पर्सनल कॉन्ट्रैक्ट या अपना पर्सनल डिटेल या आपने जो जॉब छोड़ दिया वह किस कारण छोड़ दिया इसके बारे में नहीं लिखा जाता हैं

अपना फोटो नहीं लगाना चाहिए या जो जॉब कर रहे हैं उस जॉब में आपको कितना सैलरी मिल रहा हैं इसके बारे में भी पूरा डिटेल CV में नहीं रहता हैं अपने फैमिली के बारे में फैमिली बैकग्राउंड फैमिली में कितने मेंबर हैं इसके बारे में CV में बताना जरूरी नहीं होता हैं.

सारांश

सीवी का अर्थ जीवन का कोर्स हैं यानी कि जीवन में किस तरह का कौन सा पढ़ाई किया हैं कौन सा कोर्स किया हैं किस तरह का कंपनी में कार्य किया हैं कौन सा कंपनी में कितना एक्सपीरियंस हैं इस तरह के पर्सनल डिटेल दिया रहता हैं सीवी लैटिन शब्द हैं.

जिसका हिंदी में अर्थ जीवन का कोर्स या पाठ्यक्रम होगा जब भी कहीं नौकरी करने जाते हैं तो सीवी जमा करने के लिए कंपनी से कहा जाता हैं तो सीवी में उस व्यक्ति का कार्य अनुभव उपलब्ध हैं कार्य प्रकाशन के बारे में पुरस्कार इस तरह के डिटेल का पता कंपनी लगा लेती हैं

इस लेख में सीवी का फुल फॉर्म क्या होता हैं curriculum vitae क्या होता हैं करिकुलम विटाय में क्या-क्या लिखा जाता हैं उसमें क्या-क्या नहीं लिखा जाता हैं इसके बारे में पूरी जानकारी दी गई हैं सीवी का फुल फॉर्म  से संबंधित कोई सवाल आपके मन में हैं कृपया कमेंट करके जरूर पूछें और इस जानकारी को अपने दोस्त मित्रों को शेयर जरूर करें.

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