डेंगू बुखार, के लक्षण व उपचार Dengue kaise hota hai

डेंगू कैसे होता है Dengue kaise hota hai डेंगू बुखार के क्या लक्षण होता है इसका क्या उपचार होता है यह बुखार कितने दिनों में ठीक होता है इस बुखार का पहचान कितने दिनों में हो जाता है डेंगू बुखार को रोकने का क्या तरीका हैं के बारे में इस लेख में पूरी जानकारी मिलेगी.

जब भी बरसात का मौसम आता है तो भारत देश के साथ साथ कई देशों में Dengue बुखार फैलने लगता है यह बहुत ही खतरनाक बीमार होता है इससे हर बरसात के मौसम में कई लोग ग्रसित हो जाते हैं जिससे की परेशानियों का सामना करना पड़ता है. इस प्रकार का बुखार मादा मच्छर के काटने से फैलता है

बरसात में अक्सर कई तरह की बीमारी लोगों में पनपने लगती है इसमें एक बहुत ही प्रचलित और ज्यादा फैलने वाली बीमारी डेंगू बुखार भी है तो आईए इस लेख में नीचे जानते हैं कि Dengue बुखार किस मच्छर के काटने से फैलता है मच्छर के काटने के कितने दिनों बाद बुखार का लक्षण पता चलने लगते हैं.खेल कूद का महत्व, खेल कूद के फायदे

Dengue kaise hota hai

डेंगू एक संक्रामक बीमारी है इसे हड्डीतोड़ बुखार भी कहा जाता हैं.जोकि एक मादा मच्छर के काटने से होता है उस मादा मच्छर को एडीज इजिप्टी के नाम से जाना जाता है मादा एडीज इजिप्टी मच्छर की पहचान उसके शरीर पर एक अलग तरह के धारियों से किया जाता है यह धारियां चिता के शरीर पर बने धारियां से मिलता जुलता होता है.

Dengue बुखार के हो जाने से शरीर में प्लेटलेट्स की कमी हो जाती है जिससे कि शरीर में बहुत ही ज्यादा वीकनेस हो जाता है अगर एक व्यक्ति को यह बीमारी हो जाता है तो अधिकतर ऐसा देखा जाता है कि उसके साथ रहने वाले या उसके आसपास के व्यक्तियों को भी यह बीमारी फैलने का खतरा बढ़ जाता हैं

Dengue kaise hota hai

सबसे ज्यादा बारिश के मौसम में इस तरह का बीमारी फैलने का डर रहता है क्योंकि बरसात में चारों तरफ पानी लग जाता है और पानी में मच्छर फैलने लगते हैं जिससे कि डेंगू जैसी बीमारी फैलने का भी डर बना रहता है.वैसे यह बीमारी हर मच्‍छर के काटने से नहीं होता हैं यह सिर्फ मादा एडीज इजिप्टीके काटने से ही होता हैं.

डेंगू कैसे फैलता है

वैसे तो हर साल जुलाई से लेकर अक्टूबर तक लगभग बरसात का मौसम ही रहता है और बारिश के मौसम में चारों तरफ पानी लगे रहने की वजह से कई तरह के कीड़ा मकोड़ा मच्छर आदि उत्पन्न हो जाते हैं और उनकी मात्रा दिन पर दिन बढ़ने लगती है जिससे कि कई तरह के संक्रमित बीमारी फैलने का खतरा बना रहता है.

इसी तरह डेंगू बुखार भी लगभग बारिस के मौसम में ही ज्यादा फैलता है और इसका कारण पानी में ज्यादा से ज्यादा मच्छर उत्पन्न होना होता हैं. ज्यादातर देखा गया है कि जुलाई से लेकर अक्टूबर तक के महीने में Dengue जैसा संक्रमण फैलता है. सोच जीवन को बनाए अनमोल

डेंगू बुखार होने का सबसे पहला कारण:- पहला कारण मादा एडीज मच्छर का काटना होता है उस मच्‍छर के काटने से वायरस व्‍यक्ति के शरीर में प्रवेश कर जाते हैं जिससे डेंगू बुखार हो जाता हैं.ऐसा माना जाता है कि डेंगू मच्छर के काटने का सबसे ज्यादा खतरा सुबह में होता है. 

डेंगू बुखार होने का दूसरा कारण :- Dengue बुखार फैलने का दूसरा कारण यह है कि अगर किसी व्यक्ति को यह संक्रमण हुआ है यह बुखार हुआ है और उस व्यक्ति को कोई भी मच्छर काटता है उस व्यक्ति का खून चूसता है तो खून के साथ उस बीमारी का संक्रमण भी मच्छर के अंदर चला जाता है

और वही दूसरे व्यक्ति को जाकर वह मच्छर काटता है तो संक्रमण उस व्यक्ति के शरीर में प्रवेश कर जाता है जिससे कि वह व्यक्ति भी डेंगू जैसे बीमारी से संक्रमित हो जाता है.

डेंगू बुखार कितने दिन में पता चलता है

आज के समय में कई तरह के खतरनाक बीमारियां फैलने लगी है कई ऐसे वायरस है जिनके कारण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति संक्रमित हो जाते हैं और धीरे-धीरे बीमारी कई लोगों में फैलने लगता है इसी तरह हमारे देश में हर साल जुलाई से लेकर अक्टूबर तक के महीने में जिस समय ज्यादा बारिश होता है उसी समय डेंगू जैसा खतरनाक बीमारी फैलने का डर रहता है और यह बीमारी जब किसी एक व्यक्ति को हो जाता है तो उसके साथ-साथ कई लोगों को भी होने डर रहता है.

कई बार तो ऐसा होता है कि इस तरह के मौसम में साधारण बुखार भी अगर किसी को होता है तो मन में यह डर हो जाता है कि कहीं यह डेंगू बुखार ही तो नहीं है जल्दी से जाकर डॉक्टर से इलाज कराने लगते हैं जिसमें ज्यादा पैसे खर्च हो जाते हैं जब भी डेंगू मादा एडिज इजिप्टी मच्छर किसी भी व्यक्ति को काटती है तो डेंगू बुखार हो जाता है और इस बुखार का लक्षण लगभग 30 से 35 दिनों के बाद बाद दिखाई देने लगता है

लेकिन मच्छर के काटने के बाद लगभग 3 से 10 दिनों के अंदर ही यह बीमारी किसी भी व्यक्ति के शरीर में फैलना शुरू हो जाता हैं लेकिन इसका लक्षण कुछ दिनों बाद दिखाई देता है. मेडिकल स्टोर कैसे खोले 4 कोर्स 

डेंगू बुखार के लक्षण व उपचार

मच्छर के काटने से वैसे तो कई तरह के बीमारी फैलते हैं जिनमें सबसे ज्यादा Dengue, चिकनगुनिया, मलेरिया आदि बीमारी है और इस तरह की बीमारी लगभग बारिश के मौसम में ही ज्‍यादा फैलता है क्योंकि बारिश के मौसम में मच्छर ज्यादा फैलते हैं. डेंगू बुखार के लक्षण और उपचार के बारे में जानकारी भी रखना जरूरी है

तभी अगर यह बीमारी किसी को हो जाता है तो इसके लक्षणों को देखकर के इसका सही इलाज भी कराया जा सकता है.कई बार ऐसा होता है कि इस तरह के मौसम में अगर साधारण बुखार भी हो जाता है या कोई साधारण बीमारी भी हो जाता है तो लोगों को यही लगता है कि कहीं डेंगू बुखार है या कोई खतरनाक बीमारी है जब इसका लक्षण पता रहेगा तो जल्द से जल्द सही इलाज करा कर इस बीमारी को कुछ ही समय में रोका जा सकता है.

डेंगू बुखार के लक्षण

  • जब भी Dengue बुखार होता है तो उस मरीज के शरीर में लाल रैशैज हो जाता है.
  • इस बुखार में बहुत ही ज्यादा ठंड लगने लगता है और जब भी बुखार होता है तो इसका तापमान बहुत ही तेज हो जाता है.
  • जिस व्यक्ति को Dengue जैसा बीमारी हो जाता है इस बुखार के हो जाने के बाद शरीर में सिर में और मांसपेशियों के साथ-साथ शरीर के जितने भी जोड़ होते हैं हर जोड़ में बहुत ही तेज दर्द होने लगता है.
  • इस तरह के बीमारी होने पर मरीज को भूख नहीं लगता है उसे किसी भी तरह के खाना खाने का मन नहीं करता है.
  • मरीज अगर किसी भी तरह का खाना खाता है तो उसे उस खाना का स्वाद पता नहीं चल पाता है उसके मुंह का स्वाद एकदम खत्म होने लगता है.
  • डेंगू बुखार में मरीज को गला में दर्द होने लगता है.
  • शरीर में यह सारे लक्षण तो दिखाई देते हैं साथ ही साथ उस मरीज के आंख के जो पिछला हिस्सा होता है उसमें भी दर्द होना शुरू हो जाता है.
  • जब डेंगू बुखार ज्यादा बढ़ जाता है तो कभी कभी हेमरेज होने का भी डर होता है जिसमें शौच होने लगता है उल्टी होने लगता है नाक में मसूड़ों में खून आने लगता है.
  • इसमें बुखार इतना तेज होता है कि मरीज के शरीर में बेचैनी उत्पन्न हो जाता है कभी-कभी तो ऐसा होता है कि ज्यादा बुखार होने के कारण मरीज अपना आपा खेने लगता है उसे किसी भी तरह के होश नहीं रहती है.
  • शरीर में प्लेटलेट्स कम हो जाता है जिससे कि बहुत ही ज्यादा कमजोरी वीकनेस फील होने लगता है कभी-कभी ऐसा भी होता है कि ब्लड प्रेशर भी कम हो जाता है.

Dengue kaise hota hai

डेंगू बुखार के उपचार

Dengue जैसी बीमारी का पता चलने पर जितना जल्दी हो सके उपचार कराना जरूरी है इस बीमारी का जैसे ही पता चले जो भी नजदीक में डॉक्टर हो उसे जाकर दिखाएं जल्द से जल्द ब्लड टेस्ट करा कर इस बीमारी का पता कर ले अगर शरीर में डेंगू बुखार के किसी भी तरह के कोई भी एक लक्षण दिखाई देने लगता है या महसूस होने लगता है और बुखार कम नहीं होता है

मरीज को ज्यादा कमजोरी महसूस हो रहा होता है तो अपने नजदीक के किसी भी डॉक्टर से किसी फिजीशियन से चेकअप करा कर इसका जल्द से जल्द उपचार करा लेना चाहिए Dengue बुखार का अगर टेस्ट कराया जाए तो लगभग 24 घंटे में ही इसका परिणाम पता चल जाता है.

नहीं तो अगर यह बीमारी ज्यादा बढ़ जाती है तो हॉस्पिटल में एडमिट भी होना पड़ता है जिससे कि ज्यादा से ज्यादा पैसों का खर्च हो जाता है मरीज को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है उस मरीज के साथ-साथ उसके पूरे परिवार को भी परेशानी हो जाती है और यह बीमारी फैलने का डर भी रहता है.

जब भी अगर किसी व्यक्ति को डेंगू हो जाता है तो डॉक्टर से इलाज कराने के बाद उस व्यक्ति को ज्यादा से ज्यादा देखभाल करने की जरूरत होती है क्योंकि उसके शरीर में बुखार के वजह से बहुत ही ज्यादा कमजोरी हो जाता है उसके खान-पान पर ध्यान देना पड़ता है.एमआरआई का फुल फॉर्म क्‍या होता हैं 

डेंगू के घरेलू उपचार

Dengue एक ऐसी खतरनाक बीमारी है जिससे कि शरीर में बहुत ही ज्यादा ब्लड की कमी हो जाती है प्लेटलेट्स एकदम कम हो जाता है शरीर में जितने भी हड्डियां हैं सभी हड्डियों में दर्द होने लगता है इसलिए डेंगू को हड्डी तोड़ बुखार के नाम से भी जाना जाता है डेंगू बुखार की लक्षण पता चलते ही डॉक्टर से परामर्श लेना ही चाहिए डॉक्टर से तो उपचार करना ही चाहिए लेकिन डेंगू बुखार ठीक करने के लिए इसमें कुछ आराम पाने के लिए घरेलू उपचार भी कारगर होता है.

इस बुखार की वजह से ब्लड की कमी हो जाती है कमजोरी हो जाती है इसलिए जितना हो सके वैसे ही चीज का उपयोग करना चाहिए जिससे कि ब्लड जल्दी से बढ़े जो भी खाना खाए वह जल्दी और आसानी से डाइजेस्ट हो पाए ऐसे में तुलसी पता, हल्दी, पपीता का पत्ता, अनार आदि बहुत ही फायदेमंद होता है.

घरेलू उपचार

हल्दी :- हल्दी एक ऐसा उपयोगी कारगर और फायदेमंद खाद्य पदार्थ होता है जो कि लगभग हर बीमारी में कारगर होता है हल्दी में एंटीबायोटिक तत्व पाया जाता है जिससे कि किसी भी बीमारी से लड़ने के लिए प्रतिरक्षा तंत्र शरीर में उत्पन्न होता है इसलिए हल्दी को किसी भी तरीके से डेंगू बुखार में उपयोग करने से फायदेमंद होता है अगर इसका सेवन दूध के साथ मिलाकर किया जाए तो जरूर फायदा होता है.

अनार :- अनार शरीर में ब्लड की कमी को पूरा करने के लिए एक ऐसा फल है जो कि कुछ ही दिनों में बहुत ही ज्यादा फायदा होता है इसलिए डेंगू बुखार में अनार का सेवन करने से शरीर में विटामिन सी, विटामिन डी, विटामिन ए, फोलिक एसिड और एंटीऑक्सीडेंट बढ़ता है जिससे खून बढ़ने में सहायक होता है.

तुलसी का पत्ता:-तुलसी का पौधा हर किसी के घर में जरूर मौजूद रहता है क्योंकि तुलसी को लोग भगवान मानते हैं उसको पूजा करते हैं लेकिन साथ ही तुलसी का पत्ता एक बहुत ही बड़ा दवाई का काम करता है शरीर में तुलसी पत्ता में मौजूद एंटीबैक्टीरियल गुण हर तरह की बीमारी से बचाव करने में लाभप्रद होता है तुलसी पत्ता को पानी में उबालकर काढ़ा के रूप में पी सकते हैं.

पपीता का पत्ता:- Dengue बुखार में सबसे ज्यादा फायदेमंद पपीता के पत्ते का रस होता है इससे शरीर में प्लेटलेट्स जल्दी से बढ़ता है पपीता के पत्ता में पपेन नाम का एंजाइम होता है जो कि पाचन शक्ति को मजबूत करने में लाभदायक होता है.

डेंगू बुखार में सबसे ज्यादा उपयोगी और घरेलू उपचार में सबसे बेहतर इलाज पपीता के पत्ते का रस होता है.

गिलोय:- गिलोय एक ऐसा जड़ी बूटी है जो कि लगभग हर बीमारी में उपयोग किया जाता है कुछ दिन पहले ही जब कोरोनावायरस संक्रमण हुआ था उस समय सबसे ज्यादा कारगर और उस रोग में उपयोगी गिलोय ही माना जा रहा था. गिलोय को किसी भी बीमारी के लिए अमृत के तुल्य माना जाता है किसी भी बीमारी के लिए रामबाण इलाज अगर कुछ भी है तो वह गिलोय हैं.

डेंगू बुखार में गिलोय का जूस पीने से फायदा होता है या आज के समय में गिलोय की गोलियां भी बाजार में मिलती हैं या जूस भी रेडीमेड मिल जाता है. गिलोय से शरीर में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ता है और रक्त बढ़ाने में भी फायदेमंद होता है.

किवी:- किवी एक फल होता हैं जिसमें विटामिन सी भरपुर मात्रा पाया जाता हैं डेंगू बुखार में किवी फल बहुत ही फायदेमंद होता हैं क्‍योंकि इस बुखार में व्‍यक्ति के शरीर में विटामिन सी की ज्‍यादा जरूरत होती हैं. 

डेंगू कितने दिन में ठीक होता है

जब भी Dengue बुखार होता है तो लगभग 3 से 4 दिनों में फैलने लगता है और उसका लक्षण दिखाई देने पर सही समय से उपचार कराने पर डॉक्टर से सही इलाज कराने पर लगभग 7 दिनों में मरीज को इस बीमारी से आराम मिलने लगता है. यह बुखार ज्यादा से ज्यादा 14 या 15 दिनों तक रहता है. बुखार ठीक होने के बाद ही प्लेटलेट्स भी बढ़ने लगता है अगर सही खानपान हो सही इलाज हो तो मरीज बहुत ही जल्द एकदम तंदुरुस्त हो जाता है.

डेंगू का रोकथाम

अगर बारिश के मौसम में किसी भी तरह के बीमारियों से बचना चाहते हैं अपने आप को सुरक्षित रखना चाहते हैं अपने परिवार को किसी भी संक्रमित बीमारी से दूर रखना चाहते हैं तो उसका रोकथाम करना जरूरी है खास करके डेंगू जैसे बीमारी के रोकथाम जरूरी है 

इस तरह के बीमारी को रोकने के लिए अपने घर में अपने घर के आस-पास सफाई बनाए रखना जरूरी है

बारिश में चारों तरफ पानी होने के वजह से मच्छर फैलते हैं तो अगर अपने घर के आस-पास कहीं पानी फैले हुए दिखते हैं छत पर अगर कोई पुरानी टंकी है किसी गाड़ी का टायर रखा है और उसमें पानी भर गया है तो जितना जल्दी हो सके उस पानी को गिरा दे जिससे कि मच्छर वहां उत्पन्न ना हो सके.

  • अपने घर के आस-पास ज्यादा कचरा ना फैलाएं क्योंकि जब कचरा फैलता है तो उससे भी मच्छर उत्पन्न होते हैं साथ ही कई तरह के कीड़े मकोड़े भी उत्पन्न हो जाते हैं जिससे कि कई प्रकार के बीमारी फैलने लगता है इसलिए जितना हो सके अपने आप को सुरक्षित रखने के लिए सफाई बनाए रखना जरूरी है.
  • इस बुखार से बचने के लिए जब भी रात में मच्छरदानी लगाकर ही सोना चाहिए ताकि मच्छर के काटने से बच सके.
  • घर में मच्छर को भगाने के लिए मच्छर से सुरक्षित रखने के लिए कोई मच्‍छर मारने वाली क्रीम अपने शरीर पर लगा सकते हैं या धूप जला सकते हैं मच्‍छरनाशक अगरबती जलाकर भी मच्छर को घर में आने से रोक सकते हैं.
  • कई शहरों में या गांव में देखा जाता है कि कीटनाशक या मच्छर को मारने वाली दवाई भी सरकार की तरफ से हर घर में छिड़काव किया जाता है तो अगर मच्छर मारने वाला दवाई का छिड़काव संभव हो सके या उपलब्ध हो सके तो अपने घर के हर कोने में एक बार जरूर करवाएं. 
  • जब भी दवाई का छिड़काव कराया तो घर में अगर किसी भी तरह के खाने पीने का सामान है और वह खुला है तो उसको ढंक देना चाहिए नहीं तो वह दवाई खाने के सामान में भी पड़ सकता है.
  • कूलर में ज्यादा दिनों तक पानी न रखें और साथ ही फ्रीज में जो पानी जमा होने के लिए जगह दिया गया रहता है उसको भी लगभग हर रोज साफ कर देना चाहिए.

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सारांश

इस लेख में Dengue kaise कैसे होता हैं डेंगू बुखार कैसे फैलता है इस बीमारी को कैसे पहचाना जा सकता है इसका क्या लक्षण है और यह अगर बीमारी हो जाता है तो इसका उपचार कैसे कराया जा सकता है Dengue बुखार को कैसे रोक सकते हैं यह बीमारी कितने दिन में पता चलता है आदि के बारे में पूरी जानकारी दी गई है अगर इस जानकारी से संबंधित कोई सवाल है तो कमेंट करके जरूर बताएं इस लेख को अपने दोस्त मित्रों को शेयर जरूर करें.

 

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