डॉ एपीजे अब्दुल कलाम का जीवन परिचय

Dr APJ Abdul Kalam in hindi भारत में मिसाइल मैन के नाम से लोगों के बीच प्रसिद्ध होने वाले एपीजे अब्दुल कलाम की जीवनी के बारे में  भारत की राजनीति में उनका क्या भूमिका था अब्दुल कलाम ने कौन कौन सा मिसाइल बनाया था के बारे में पूरी जानकारी इस लेख में मिलेगी.

Dr APJ Abdul Kalam in hindi language भारत देश के पूर्व राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम की जीवनी के बारे में Dr APJ Abdul Kalam का जन्म कहां हुआ था उनका  व्यक्तित्व के बारे में कलाम के राजनीतिक जीवन के बारे में

एपीजे अब्दुल कलाम के व्यवसायिक जीवन के बारे में उन्होंने किस किस मिसाइल का अविष्कार किया मिसाइल मैैैन नाम उनका कैसे पड़ा और Dr APJ Abdul Kalam  की सोच क्या थी तो इन सभी बातों के बारे में हमलोग इस लेख में जानेंगे महात्मा गांधीजी का जीवन परिचय

Dr APJ Abdul Kalam in hindi 

भारत के 11वें राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम थे उनका पूरा नाम अबुल पाकिर जैनुलाब्दीन अब्दुल कलाम था अब्दुल कलाम को सबसे ज्यादा और अनुशासन के लिए जाना जाता था और आज भी उनके अनुशासन की और उनके सादगी के किस्से हर कोई सुनाता रहता है

अब्दुल कलाम का सोच अपने देश के प्रति अपने राष्ट्र के प्रति सच्चा और राष्ट्रवादी सोच था अपने देश के लिए समर्पण की भावना भी उनके अंदर था और वह चाहते थे कि भारत देश के हर युवा के अंदर अपने देश के प्रति राष्ट्रवादी सोच और समर्पण होना चाहिए

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उन्होंने भारत के लिए कई मिसाइलों का निर्माण किया इसीलिए उनका नाम मिसाइल मैन पड़ा था उनका रोज का एक प्रक्रिया या दिनचर्या था कि वह कोई ना कोई किताब पढ़ते रहते थे

साधारण जीवन जीना उन्हें अच्छा लगता था शानो शौकत से रहना ऐसो आराम में रहना कभी नहीं चाहते थे जो लोग ऐसो आराम में रहना चाहते थे

उनका वह विरोध करते थे एपीजे अब्दुल कलाम के जन्मदिन को विद्यार्थी दिवस के रूप में भी मनाया जाता है पहले वह एक पायलट बनना चाहते थे लेकिन कई परेशानियों के वजह से वह पायलट तो नहीं बन सके

लेकिन वैज्ञानिक बनकर भारत के लिए कई मिसाइल तैयार की है अब्दुल कलाम एक वैज्ञानिक इंजीनियर और एक राष्ट्रपति होने के साथ ही कई पुस्तकें लिखी हैं

जिनमें युवाओं को अपने देश के प्रति आकर्षित होने के लिए देश के राष्ट्र के प्रति समर्पण होने के लिए लिखा गया है एपीजे अब्दुल कलाम एक ऐसे महान व्यक्ति थे जिन्हें उनके जो मित्र थे या उनके जो शत्रु थे

वह सभी लोग उनकी मृत्यु के बाद बहुत दुखी हुए थे भारत सरकार के तरफ से उन्हें सबसे सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से भी नवाजा गया था पद्म भूषण पद्म विभूषण आदि पुरस्कार से भी उन्हें सम्मानित किया गया था

जब उनका राष्ट्रपति का कार्यकाल खत्म हुआ उसके बाद भी वह अपने कर्तव्य पथ पर हमेशा चलते रहे राष्ट्रपति का कार्यकाल जब खत्म हुआ है उसके बाद उन्होंने स्कूल में छात्रों को पढ़ाने लगे उनका मानना था कि हमारे देश के सभी छात्र युवा बहुत प्रतिभाशाली है लेकिन उन्हें सही राह दिखाने का जरूरत है

उन्हें अपनी प्रतिभा लोगों के सामने दिखाने का अवसर मिलना चाहिए एपीजे अब्दुल कलाम जब राष्ट्रपति थे उस समय भारत की सेना ने कई उपलब्धियां हासिल की थी भारत को आगे बढ़ाने में उन्होंने बहुत योगदान दिया था. वह एक बहुत ही साफ-सुथरी छवि वाले और इमानदार व्यक्ति थे. डॉ राजेंद्र प्रसाद का जीवनी

डॉ एपीजे अब्‍दुल कलाम का जन्‍म

एपीजे अब्दुल कलाम मिसाइल मैन के नाम से अधिक लोग के बीच मशहूर है Dr APJ Abdul Kalam का जन्म 15 अक्टूबर 1931 ईस्वी को तमिलनाडु के रामेश्वरम में एक मुसलमान परिवार में हुआ था

उनके पिताजी का नाम जैनुलाब्दीन था डॉ एपीजे अब्दुल कलाम जी का नाम पूरा नाम था अबुल पाकिर जैनुलआब्दीन अब्दुल कलाम अब्दुल कलाम के पिता जी एक नाविक थे और वह बहुत ही गरीब थे.

अब्दुल कलाम की माता का नाम असीमा था और वह एक ग्रहणी थी अब्दुल कलाम एक चार भाई और एक बहन थे Dr APJ Abdul Kalam के पिता ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं थे

इसलिए उनके पिता को ज्यादा कुछ समझ में नहीं आता था तो अब  वह अपनी नाव दूसरे मछुआरों को दे देते थे और उससे जो पैसा आता था उसी से अपने परिवार का गुजारा करते थे इस कारण अब्दुल कलाम का पढ़ाई ठीक से नहीं हो पाता था.

नाम अबुल पाकिर जैनुलाब्दीन अब्दुल कलाम
उपनाम मिसाइल मैन
जन्‍म 15 अक्टूबर 1931
पिता का नाम जैनुलाब्दीन
माता का नाम असीमा
पद भारत के पूर्व राष्‍ट्रपति,वैज्ञानिक,इंजीनियर
सम्‍मान एवं पुरस्‍कार पद्म विभूषण,पद्म भूषण,भारत रत्‍न
लिखी गई पुस्‍तकें Wings of Fire,Ignited minds,Indomitable spirit,India 2020,Turning point,My journey
मृत्‍यु 27 जुलाई 2015

APJ Abdul Kalam essay in hindi

इसके बाद डॉ एपीजे अब्दुल कलाम ने अखबार बांटना शुरू किया वह घर घर जाकर अखबार बांटते थे और उससे जो पैसा मिलता था उसी पैसों से वह अपने स्कूल का  फीस भरते थे

और अपनी पढ़ाई करते थे Dr APJ Abdul Kalam पढ़ाई में कुछ ज्यादा रुचि नहीं था वह पढ़ाई में सामान्य ही थे लेकिन उनमें नई चीजें सीखने की रूचि थी और इसके लिए वह हमेशा आगे रहते थे और इसी कारण वह पढ़ाई में घंटों बैठे रहते थे.

एपीजे अब्दुल कलाम ने भौतिक विज्ञान से स्नातक किया था उसके बाद अब्दुल कलाम मद्रास चले गए वहां से उन्होंनेइंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की Dr APJ Abdul Kalam का सपना फाइटर पायलट बनना था उसके बाद उन्होंने एयर फोर्स के लिए इंटरव्यू दिया उस इंटरव्यू में 25 कैंडिडेट थे जिनमें अब्दुल कलाम का स्थान 9वांं आया था.

लेकिन उस इंटरव्यू में 8 कैंडिडेट को ही चुना था जिससे एपीजे अब्दुल कलाम उस इंटरव्यू में नहीं चुने गए उसके बाद Dr APJ Abdul Kalam दिल्ली आ गयेे दिल्ली आने के बाद अब्दुल कलाम DRDOसे जुड़ गए

और वहां से उन्होंने अपना वैज्ञानिक के रूप में जुड़ कर काम करना शुरू किया वहां पर एक छोटे से हेलीकॉप्टर के डिजाइन पूरा करने में अब्दुल कलाम ने अपना एक छोटा सा योगदान दिया.

डॉ एपीजे अब्दुल कलाम के वैज्ञानिक जीवन 

एपीजे अब्दुल कलाम दिल्ली में आकर छोटे से हेलीकॉप्टर के डिजाइन बनाने में साथ देने के बाद अंतरिक्ष अनुसंधान के लिए भारतीय राष्ट्रीय समिति का हिस्सा बन गए उसके बाद उन्होंने भारत के महान वैज्ञानिक विक्रम साराभाई के साथ काम करने का मौका मिल गया

1969 ईस्वी में Dr APJ Abdul Kalam को इसरो के साथ जुड़ने का मौका मिला जहां पर अब्दुल कलाम ने परियोजना निदेशक के पद पर काम करना शुरू किया 1980 ईस्वी में भारत सरकार एक आधुनिक मिसाइल बनाना चाहते थे

जो कि अब्दुल कलाम के निर्देशन में बनाने के बारे में सोच रहे थे इसलिए अब्दुल कलाम को दोबारा DRDOके साथ काम करने के लिए भेज दिया गया

उसके बाद अब्दुल कलाम ने के निर्देशन में मिसाइल बनाने का कार्यक्रम शुरू हुआ जिसमें अब्दुल कलाम को मुख्य कार्यकारी के रूप में रखा गया उसके बाद अब्दुल कलाम के द्वारा कई मिसाइल बनाने का काम शुरू हुआ जिसमें मुख्यता अग्नि मिसाइल पृथ्वी मिसाइल बनना सफल हुआ

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एक सफल वैज्ञानिक माने जाते हैं और एक सफल इंजीनियर भी माने जाते हैं एक वैज्ञानिक और एक इंजीनियर के हैसियत से उन्होंने रक्षा अनुसंधान DRDO और इसरो के कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं में साथ रहकर कार्य किया

अब्दुल कलाम ने वर्ष 1998 के पोखरण द्वितीय परमाणु परीक्षण में भी मुख्य भूमिका निभाई थी इन्हीं सब वजह से अब्दुल कलाम को हम लोग मिसाइल मैन के नाम से जानते हैं अब्दुल कलाम मिसाइल मैन के नाम से बहुत ही मशहूर हुए हैं

डॉ एपीजे अब्दुल कलाम के व्यवसायिक जीवन 

डॉ एपीजे अब्दुल कलाम इन हिन्‍दी एक सफल वैज्ञानिक और एक सफल इंजीनियर थे अब्दुल कलाम ने बहुत सारे मिसाइल  बनाने में मदद किया था जिसके बाद उनका नाम मिसाइल मैन पड़ गया

और उसके बाद Dr APJ Abdul Kalam को भारत सरकार के द्वारा बहुत सारे प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित भी किया गया 18 जुलाई2002 को डॉ एपीजे अब्दुल कलाम जी ने राष्ट्रपति पद के लिए शपथ  ली एपीजे अब्दुल कलाम जी कभी भी राजनीति से नहीं जुड़े थे.

फिर भी जिसके बाद भी भारत के सबसे सर्वोच्च राष्ट्रपति पद पर  रहे Dr APJ Abdul Kalam राष्ट्रपति पद के रहते हुए भी उन्होंने इस पद को भी बखूबी निभाया था डॉ एपीजे अब्दुल कलाम दिल के बहुत ही अच्छे आदमी थे

इसी वजह से आज के पीढ़ी के जो युवा है एपीजे अब्दुल कलाम को अपना आदर्श मानते हैं क्योंकि Dr APJ Abdul Kalam एक छोटे से गांव में पले बढे थे और बड़े होकर इतनी बड़ी ऊंचाइयों तक पहुंच गए यह कोई आसान बात नहीं थी डॉ एपीजे अब्दुल कलाम काेे बहुत सारे पुरस्कारों से भी सम्मानित किया गया था जिनमें से कुछ प्रमुख सम्मान है.

 एपीजे अब्दुल कलाम को मिले कुछ महत्वपूर्ण सम्मान 

  • 1981 ईसवी में पद्म भूषण से सम्मानित किए गए
  • 1990 में पद्म विभूषण से सम्मानित किए गए
  • 1997 में भारत रत्न से सम्मानित किए हैं
  • 1998 में वीर सावरकर पुरस्कार मिला
  • 2007 में ब्रिटेन लायन 16 सोसायटी द्वारा किंग चार्ल्स द्वितीय मेडल सम्मान मिला
  • 2009 में अमेरिका फाउंडेशन द्वारा हूवर मेडल सम्मान मिला
  • 2013 में वाॅन ब्रोन पुरस्कार मिला
  • 2014 में एडिनबर्ग विश्वविद्यालय से ब्रिटेन द्वारा डॉक्टर ऑफ साइंस पुरस्कार से सुशोभित किया गया
  • डॉ एपीजे अब्दुल कलाम को पुस्तकें लिखने का भी शौक था जिनमें कुछ पुस्तकें प्रसिद्ध हुए डॉ एपीजे अब्दुल कलाम के कुछ प्रचलित पुस्तकें इस प्रकार हैं
  • इंडिया 2020 ए विशन फॉर दी न्यू मिलेनियम
  • इग्नाइटेड माइंड
  • विंग्स ऑफ फायर ऑटो बायोग्राफी
  • ए मेनिफेस्टो फॉर चेंज
  • मिशन इंडिया
  • इंस्पायरिंग थोट
  • माय जर्नी
  • यूं आर बोर्न टू ब्लाॅसम
  • द लुमीनस स्पार्क रेइगनिटड
  • एडवांटेज इंडिया

एपीजे अब्दुल कलाम के द्वारा लिखी गई पुस्तकें

Dr APJ Abdul Kalam का जन्म एक गरीब परिवार में हुआ था लेकिन उन्होंने अपनी पढ़ाई कभी नहीं छोड़ी कभी न्यूज़पेपर बेचकर तो कभी और काम को करके हमेशा जारी रखें और आगे चलकर एक जाने-माने वैज्ञानिक और इंजीनियर के रूप में विख्यात हुए.

अब्दुल कलाम ने लोगों के सामने मिसाल कायम किया कि चाहे कैसी भी परिस्थिति हो अगर कोई व्यक्ति कोई काम कार्य करना चाहे तो उस कार्य को पूरा कर ही लेता है अब्दुल कलाम की विचार युवा पीढ़ी को आगे बढ़ने के लिए हमेशा प्रेरित करता है युवाओं को आगे बढ़ने के लिए उन्हें प्रेरित करने के लिए कई पुस्तकें भी डॉ एपीजे अब्दुल कलाम ने लिखा है

वह भले ही किसी भी कार्य में रहते थे लेकिन किताबें लिखना किताबें पढ़ना उनका रोज का एक दिनचर्या था वैसे तो उन्होंने कई किताबें लिखी है लेकिन उनमें सबसे प्रसिद्ध पांच किताबें हैं जो कि युवाओं को प्रेरित करने के लिए युवाओं को आगे बढ़ने में मदद मिलता है

  • Wings of Fire
  • Ignited minds
  • Indomitable spirit
  • India 2020
  • Turning point
  • My journey

टर्निंग पॉइंट्स में उन्होंने अपने कार्य अपने अनुभव के बारे में लिखा है कि जब वह 2002 से 2007 तक राष्ट्रपति थे उस बीच 5 वर्षों तक उनके अनुभव कैसे थे उनके कार्य की चुनौतियां कैसी थी

राष्ट्रपति के कार्यकाल में क्या-क्या घटना घटा और उन्हें उन 5 सालों में क्या-क्या सीखने को मिला और इसके साथ ही 2020 तक भारत को किस तरह से विकसित किया जा सकता है उसके संबंध में राजनीतिक मुद्दों को और अन्य बहुत सारी बातें उन्होंने टर्निंग प्वाइंट किताब में लिखा है.

एपीजे अब्दुल कलाम का व्यक्तित्व

भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम इन हिन्‍दी के व्यक्तित्व के बारे में उनकी महानता उनकी ख्याति के बारे में इसी से पता लगाया जा सकता है कि उनकी मृत्यु के बाद भी बहुत से ऐसे लोग हैं युवा पीढ़ी हैं जो कि उनके बताए हुए राह पर चलना चाहते हैं

डॉ एपीजे अब्दुल कलाम इन हिन्‍दी हमेशा अनुशासन में रहना पसंद करते थे और लोगों को भी अनुशासित रहना सिखाते थे उनका जीवन बहुत ही सादगी भरा था

एपीजे अब्दुल कलाम ने शादी नहीं किया था वह जीवन भर अविवाहित रहे और खाना भी शुद्ध शाकाहारी खाते थे कहा जाता है कि जब वह राष्ट्रपति थे तो एक दिन उनके परिवार के कुछ लोग उनके यहां उनसे मिलने के लिए आए थे

उनके परिवार जितने दिन राष्ट्रपति भवन में रहे इतने दिनों का खर्चा जितना हुआ था उन्होंने जोड़ करके उसका बिल खुद से भरा था एपीजे अब्दुल कलाम एक बहुत ही ईमानदार व्यक्ति थे छोटे-छोटे बच्चों से उन्हें कुछ खास ही लगाव रहता था इसीलिए उन्हें पीपुल प्रेसिडेंट भी कहा जाता था

अब्दुल कलाम एक मुसलमान परिवार से थे लेकिन वह मानवता को ही अपना धर्म मानते थे वह कहते थे कि मानवता ही सबसे बड़ा धर्म है उनका मानना था की जीवन और समय सभी के लिए एक विश्व में सबसे बड़ा अध्यापक होता है

क्योंकि जिंदगी हमें समय का सदुपयोग कराना सिखाती है और समय हमारे अपने जीवन या जिंदगी का उपयोगिता समझाता है किसी भी इंसान को अपने सफलता का आनंद उठाने के लिए कठिनाइयों का होना आवश्यक है

उनका कहना है कि कोई भी कार्य अगर कोई व्यक्ति आधे अधूरे मन से करता है तो उसे सफलता नहीं मिलती है और वह अगर सफलता मिल भी जाए तो वह खोखली सफलता होती है किसी भी समस्या से निकलने के लिए हमें प्रयत्न करना नहीं छोड़ना चाहिए ऐसे महान व्यक्ति अब्दुल कलाम की मृत्यु के बाद हमारे देश से एक अनमोल रत्न चला गया.

डॉ एपीजे अब्दुल कलाम के मृत्यु 

Dr APJ Abdul Kalam का मृत्यु 27 जुलाई 2015 को दिल का दौरा पड़ने से हुआ था जिस समय अब्दुल कलाम का मृत्यु हुआ उस समय वह शिलांग के कॉलेज में लेक्चर देने के लिए गए थे वहां कॉलेज में अब्दुल कलाम एक वैज्ञानिक की हैसियत से लेक्चर देने गए थे

जहां पर उनका दिल का दौरा पड़ा और अस्पताल में एडमिट करने के बाद डॉक्टर ने बोला कि उनका निधन हो गया है फिर उन्हें शिलांग से उनके गांव रामेश्वरम में लाया गया और वहीं पर उनका अंतिम संस्कार हुआ

 

सारांश 

इस लेख में मिसाइल मैन के नाम से मशहूर होने वाले भारत के 11वें राष्ट्रपति भारत के लिए कई मिसाइलों का निर्माण करने वाले डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम की जीवनी के बारे में उनके वैज्ञानिक जीवन उनका व्यवसायिक जीवन कैसा था

उनका व्यक्तित्व कैसा था उन्होंने कौन कौन सी पुस्तकें लिखी उन्हें कौन कौन सा पुरस्कार मिला था के बारे में पूरी जानकारी दी गई है.

डॉ एपीजे अब्दुल कलाम इन हिन्‍दी के बारे में दी जानकारी से संबंधित कोई मन हैं तो जरूर पूछें और यह जानकारी कैसी लगी आप लोग हमें कमेंट करके अपना राय जरूर बताएं और आगे भी और लोगों को भी शेयर जरूर करें.

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