ईमेल का फुल फॉर्म क्या होता हैं उपयोग,फायदें और नुकसान

ईमेल क्या हैं इसका उपयोग कैसे किया जाता हैं ईमेल का फुल फॉर्म क्या होता हैं Email ka full form kya hai Email को किसने सबसे पहले बना करके यूज़ किया. इसका अविष्कारक यानि कि जनक किसे माना जाता हैं. ईमेल से क्या फायदा हैं यह सारी जानकारियां सभी को जानना बहुत ही जरूरी हैं क्योंकि ईमेल का उपयोग लगभग सभी लोग करते हैं.

वर्तमान समय में हर जगह पर हर काम में बैंक में किसी भी कार्यालय में स्कूल कॉलेज किसी भी तरह का फॉर्म भरने के लिए हर चीज में ईमेल आईडी आवश्यक होता हैं.

बिना ईमेल आईडी के कोई भी काम नहीं हो सकता हैं लेकिन email ka full form के बारे में जानना भी बहुत ही आवश्यक हैं तो आइए हम लोग इस लेख में ईमेल का पूरा नाम क्या होता हैं इससे क्या नुकसान हैं क्या फायदा हैं सारी बातें जानते हैं.जीमेल का फुल फॅाम क्या होता हैं

Email ka full form 

ईमेल का फुल फॉर्म electronic mail होता हैं और ईमेल का हिंदी अर्थ इलेक्ट्रॉनिक मेल या विपत्र होता हैं. क्‍योंकि इसका इस्‍तेमाल इलेक्ट्रॉनिक तरीके यानि कि इंटरनेट के माध्‍यम से किया जाता हैं.

ईमेल की आवश्यकता आजकल लगभग हर कार्य क्षेत्र में हैं. जिससे कि लोगों के समय का बचत और पैसों का खर्चा कम हो गया हैं.

ईमेल का फुल फॉर्म

  • E:- Electronic
  • M:- Mail

Email ka full form kya hai

Email kya hai

Email का पूरा नाम इलेक्ट्रॉनिक मेल होता हैं तो यह एक तरह का इलेक्ट्रॉनिक प्रक्रिया हैं. जिससे कि किसी को भी मैसेज यानि एसएमएस या किसी भी तरह के डॉक्यूमेंट को भेजने के लिए प्रयोग किया जाता हैं. इसका उपयोग एक जगह से दूसरे जगह किसी भी तरह के मैसेज को भेजने के लिए किया जाता हैं जिसे की ईमेल कहा जाता हैं.

पहले किसी को भी मैसेज भेजने के लिए पत्र भेजने के लिए एक कागज का जरूरत होता था एक कलम का जरूरत होता था. और उस पर जो भी मैसेज देना होता था तो उसको पहले कागज पर लिखना पड़ता था.

उसके बाद डाक में जाकर के वह पत्र भेजा जाता था. इस इस प्रक्रिया में बहुत ही समय लग जाता था और अगर कोई जरूरी काम होता था तो उसमें देर भी हो जाता था. लेकिन ईमेल के माध्यम से न ही कागज और न ही कलम का जरूरत हैं. एमएमएस का फुल फॉम क्या होता हैं

ईमेल क्‍या हैं

बल्कि इसको इंटरनेट के माध्यम से डिजिटल विद्युत के द्वारा बहुत ही जल्दी और कुछ ही सेकंड में कितनी भी दूर कोई क्यों न हो अपना मैसेज भेजा जा सकता हैं और उसके साथ ही किसी भी तरह के डॉक्यूमेंट को भी अटैच करके भेजा जा सकता हैं.

पहले कहीं दूर किसी को किसी भी तरह का मैसेज भेजने के लिए किसी व्यक्ति के हाथों भेजा जाता था उसे पैसा भी खर्चा होता था लेकिन वर्तमान समय में अगर किसी को मैसेज भेजना हैं तो सिर्फ उसका एक ईमेल आईडी का जरूरत हैं.

अगर दूसरे व्यक्ति का ईमेल आईडी आपके पास हैं तो आप अपने ईमेल आईडी से बहुत ही आसानी से कम खर्चे में और बहुत ही तेजी से उसी समय अपना मैसेज भेज सकते हैं. Emailबहुत ही जल्द जाता हैं क्योंकि यह इंटरनेट के जरिए संचालित होता हैं.

इसे हम लोग एक प्रोसस भी कह सकते हैं जिससे कि लोग इंटरनेट के माध्यम से कितना भी कोई दूर की ना हो किसी भी तरह के मैसेज या डाटा को ट्रांसफर करने के लिए Emailके उपयोग करते हैं.

ईमेल का अविष्कार किसने किया

Email ka अविष्कारक के रूप में या कहें कि ईमेल अविष्कार करने का जो श्रेय  Roy Tomlinson हो जाता हैं. इन्हें ईमेल का जनक कहा जाता हैं. क्योंकि सबसे पहले ईमेल आईडी में जो @ चिह्न होता हैं इसका खोज रे टॉमलिंसन नहीं किया था और इन्होंने ही सबसे पहले सक्षम और सुरक्षित मेल भेज करके इसका शुरुआत किया था.एस एम एस का फुल फॉर्म क्या होता हैं

ईमेल का अविष्कार कब हुआ

Email का अविष्कार सबसे पहले 1971 में रे टॉमलिंसन ने किया था. इन्हें ईमेल का जनक कहा जाता हैं. लेकिन 1978 में अमेरिका के एक वीए शिवा अय्यदुरई जोकि एक भारतीय थे उन्होंने एक कंप्यूटर प्रोग्राम तैयार किया और उसे इमेल नाम दिया.

जिसमें कि इनबॉक्स आउटबॉक्स फोल्डर्स मेमो अटैचमेंट्स ऑप्शन यह सारी सुविधाएं थी जो कि वर्तमान समय में ईमेल भेजने के लिए प्रयोग किया जाता हैं तो ईमेल का खोज और उसकी मान्यता वीए शिवा अय्यदुरई ने ही किया था.

ईमेल का उपयोग क्या हैं

Email का उपयोग हर जगह पर किया जाता हैं. क्योंकि यह इंटरनेट के जरिए किसी भी स्मार्टफोन या कंप्यूटर से मुफ्त में किसी को कितना भी दूर भेजा जा सकता हैं. जिस तरह पत्र भेजने के लिए कागज कलम का जरूरत पहले रहता था उसको डाक से भेजा जाता था.

उसी तरह यह मोबाइल के जरिए लिखकर के ईमेल किया जाता हैं. इसका उपयोग लगभग हर जगह जैसे कि किसी भी स्कूल कॉलेज किसी भी प्राइवेट या सरकारी कार्यालय में कोर्ट में किसी भी तरह का व्यापार हो या उद्योग हो बैंक में हर जगह मैसेज और डॉक्यूमेंट के भेजने के लिए किया जाता हैं.

इसका एक उपयोग स्कूल कॉलेज में भी किया जाता हैं क्योंकि बच्चों के स्कूल से जो भी इंफॉर्मेशन होता हैं मेल के द्वारा भेज दिया जाता हैं. मेल भेजने के लिए वर्तमान समय में कई ऐसे प्रमुख प्लेटफार्म हैं जिस पर की अपना आईडी बनाकर बहुत ही आसानी से किसी को भी Email भेजा जा सकता हैं और किसी का भी इमेल प्राप्त किया जा सकता हैं जैसे कि

  • याहू
  • जीमेल
  • आउटलुक
  • हॉटमेल
  • Rediff

इमेल से क्या फायदा हैं 

 इससे बहुत सारे फायदे हैं क्योंकि पहले जिस मैसेज को प्राप्त करने के लिए बहुत समय लग जाता था वह Email के जरिए बहुत ही कम समय में कम खर्चे में हम लोग प्राप्त कर सकते हैं और किसी को भेज भी सकते हैं. पहले हमें बैंक में भी कोई काम करवाना होता था तो उसके लिए बैंक में जाना पड़ता था.

और जो भी सूचना होता था वह जाकर प्राप्त करना पड़ता था या डाक के जरिए आता था. लेकिन वर्तमान में एक Email आईडी जिसके पास हैं उसके पास थोड़े ही समय में बैंक की तरफ से मेल के जरिए सारे इंफॉर्मेशन आ जाते हैं.

Email से यह फायदा हैं कि एक साथ एक बार में कई लोगों को मैसेज भेज सकते हैं. अगर कोई अपना मेल डिलीट न करें तो वह बहुत दिनों तक सुरक्षित रहता हैं. जब भी उसका जरूरत हो तो उसे बहुत ही आसानी से खोल करके पढ़ सकते हैं. ईमेल करने के लिए किसी भी कागज कलम का जरूरत नहीं होता हैं.मोबाईल का फुल फॉर्म क्या होता हैं

इमेल से क्या फायदा हैं

इसे बस कंप्यूटर में लिख कर के किसी को सेंड कर सकते हैं. मान लिजिए कि किसी का Email आया हैं और वही मैसेज हमें किसी दूसरे व्यक्ति को सेंड करना हैं तो इसके लिए फिर से लिखना नहीं पड़ेगा. इस को फॉरवर्ड ऑप्शन पर जाकर के जिस व्यक्ति को भी भेजना हैं.

बस कुछ ही सेकंड में भेज सकते हैं. उसके साथ हम किसी फाइल या डाटा या फोटो वीडियो को अटैच करके वह भी बहुत ही आसानी से भेज सकते हैं. अगर मोबाइल या कंप्यूटर में ज्यादा Email हो गया हैं जिसका काम नहीं हैं तो  उसको डिलीट ऑप्शन से डिलीट भी कर सकते हैं.

Email से क्या नुकसान हैं

ईमेल का फुल फॉर्म क्या होता हैं – वैसे तो Email से ज्यादा फायदा ही फायदा हैं क्योंकि इसका प्रयोग हर क्षेत्र में किया जा रहा हैं और यह बहुत ही सुरक्षित भी हैं. लेकिन इससे कुछ नुकसान भी हैं जैसे कि Emailको कई बार हैक भी किया जा सकता हैं और उसमें जितने भी इंफॉर्मेशन रहते हैं.

उसको चुराने का डर रहता हैं कि कोई दूसरा व्यक्ति ऐसा करके हमें परेशानी में ना डाल दे. इसलिए अपने Email आईडी को हमेशा अपडेट करना चाहिए. ताकि हमारे ईमेल पर जो भी कांटेक्ट नंबर Email आईडी हैं जो भी इंफॉर्मेशन हैं कोई दूसरा व्यक्ति हैक करके उसको चुरा न ले.गूगल का फुल फॉर्म क्या होता हैं

 

सारांश 

Email की बहुत ही अच्छा प्रक्रिया हैं किसी भी प्रकार के संदेश और फोटो वीडियो या फाइल डॉक्यूमेंट किसी को भी जल्दी में और सस्ते में भेजने के लिए. आजकल हर क्षेत्र में ईमेल का उपयोग हैं ईमेल बहुत ही ज्यादा पॉपुलर हो गया हैं.

इस लेख में ईमेल का फुल फॉर्म क्या होता हैं Email क्या हैं इससे फायदा क्या हैं और नुकसान क्या हैं. इसका प्रयोग कहां कहां और किस क्षेत्र में हैं. इसका अविष्कार किसने और कब किया इसके बारे में पूरी जानकारी दी गई हैं.

फिर भी अगर email ka full form से जुड़े कोई सवाल या सुझाव हैं तो हमें कमेंट करके जरूर पूछें. Email ka full form kya hai कैसा लगा कृपया हमें कमेंट बॉक्स में कमेंट लिख करके जरूर बताएं और दूसरे लोगों को भी शेयर जरूर करें.एमएस एक्सेल क्या है

 

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