Father Day – फादर्स डे कब मनाया जाता हैं

हर साल फादर्स डे मनाया जाता है लेकिन फादर्स डे क्यों मनाया जाता है इसके पीछे क्या कहानी है फादर्स डे कब से मनाने की शुरुआत किया गया Fathers Day in hindi language के बारे में शायद कम ही लोगों को जानकारी होगा तो इस लेख में फादर्स डे क्यों मनाया जाता है तो उसके बारे में भी जानकारी मिलेगी.

वैसे हर किसी के माता-पिता अपने बच्चे से बहुत प्यार करते हैं लेकिन फादर्स डे के दिन हर बच्चा अपने पिता को उनके प्यार को महसूस कराते हैं अपने पिता को स्पेशल महसूस करवाते हैं.

हर कोई चाहता हैं कि अपने पिता को खुश करने के लिए कुछ लिखें उन्‍हें खुश करें Father day kab hota hai in hindi  तो ये जानकारी यहां जरूर मिलेगा तो नीचे जानते हैं कि फादर्स डे हर साल किस दिन मनाया जाता है.

Fathers Day in hindi

हर किसी के जीवन में माता पिता का महत्‍व होता हैं किसी को अपनी मां से ज्‍यादा लगाव होता हैं किसी को अपने पिता से लगाव होता हैं हर किसी के जीवन में माता पिता का रोल अलग अलग होता हैं जिस तरह एक मां अपने बच्‍चे से प्‍यार करती हैं उसी तरह एक पिता भी उतना ही प्‍यार करता हैं लेकिन एक पिता कभी दर्शाता नहीं हैं.

जिस तरह हर साल टिचर्स डे, मदर्स डे मनाया जाता हैं उसी तरह पिता के लिए भी एक दिन रखा गया और यह शुरूआत 1909 में अमेरिका से हुआ हर साल जून में तीसरा रविवार को पितृ दिवस यानी कि फादर्स डे मनाया जाता है इसका शुरुआत सबसे पहले 19 जून 1909 से हुआ था.

Fathers Day in hindi language

लेकिन आधिकारिक तौर पर फादर्स डे मनाया जाने के लिए 1916 में अमेरिका के राष्ट्रपति वुड्रो विल्सन ने शुरू किया था और 1972 से पितृ दिवस हर साल मनाए जाने के लिए घोषणा किया गया तब से लेकर अमेरिका भारत और कई देशों में पितृ दिवस मनाया जाने लगा वैसे हर देश में अलग-अलग दिन को फादर्स डे सेलिब्रेट किया जाता है.

फादर्स डे क्यों मनाया जाता हैं

पितृ दिवस यानी कि फादर्स डे एक ऐसा दिन है यह एक ऐसा अवसर है इस दिन हर कोई अपने पिता को एहसास कराता है कि वह अपने पिता से कितना प्यार करता है कितना सम्मान करता है अपने पिता को उनके योगदान को उनके हर किए गए कार्य का आभार प्रकट करते हैं.

फादर्स डे सबसे पहले वाशिंगटन से मनाया जाना शुरू किया गया सोनोरा डॉड नाम की एक लड़की वाशिंगटन के स्पोकेन शहर की रहने वाली थी उसकी मां का बचपन में ही मृत्‍यु हो गया था और उसके पिता ही थे.

जो उसे माता और पिता दोनों का प्यार देते थे सोनोरा डॉड के पिता कभी भी उसे मां के ममता का एहसास नहीं होने देते थे इसीलिए वह अपने पिता से बहुत प्यार करती थी उनका बहुत सम्मान करती थी और यही सब सोचकर उसने पिता के सम्मान में एक दिन रखे जाने के बारे में विचार आया. उसने सोचा कि जिस तरह मां के सम्मान में मदर्स डे यानी मातृ दिवस मनाया जाता है.

उसी तरह एक दिन फादर्स डे भी मनाना चाहिए 1909 में सोनोरा डॉड ने इस बात को अमेरिका के वाशिंगटन के चर्च में चर्चा किया लेकिन 1972 में फादर्स डे मनाने के लिए अनुमति दिया गया तब से हर साल जून महीने में तीसरा रविवार को फादर्स डे मनाया जाता है तब से लेकर आज तक फादर्स डे हर साल जून महीने में अपने पिता को सम्मान देने के लिए हर कोई मनाता है.

फादर्स डे क्‍या हैं

फादर्स डे के दिन हर कोई अपने पिता को उनके दिए गए योगदान के लिए दिए गए बलिदान का आभार प्रकट करने के लिए अपने अपने तरीके से पितृ दिवस मनाते हैं. कोई अपने पिता को कुछ स्पेशल गिफ्ट देकर के उन्हें खुश करते हैं कोई अपने पिता के सम्मान में लेटर लिख कर के देते हैं फादर्स डे को पिता के सम्‍मान में एक पर्व त्‍योहार की तरह मनाया जाता हैं.

इस तरह से अपने पिता को सम्मान देने के लिए हर किसी का अपना अपना नजरिया है और अपना अपना तरीका है कि किस तरह से अपने फादर को स्पेशल फील कराएं क्योंकि हर व्यक्ति के जीवन में माता-पिता का स्थान सबसे ऊपर रहता है.

जिस तरह एक मां अपने बच्चे को जन्म देती है उसे चलना सिखाती है उसे संस्कार देती है उसी तरह पिता अपने बच्चे को दुनिया में किस तरह से रहना है किस व्यक्ति से कैसे बात करना है.

यह सारी बातें सिखाता है जैसे किसी भी घर में छत की आवश्यकता होती है उसी तरह हर किसी व्यक्ति के ऊपर पिता का साया या पिता का छांव रहना जरूरी है.

एक पिता कभी भी अपने प्यार का एहसास अपने बच्चों को नहीं होने देता है लेकिन मां से ज्यादा पिता को अपने बच्चों का ध्यान रहता है कि बच्चा आगे चलकर अपना भविष्य कैसे संवारे किसी भी समय में किसी भी संकट में अगर कोई दृढ़ संकल्प लेना हो तो वह लेने में समर्थ हो सके.

एक पिता खुद परेशानी में रह सकता है इस संकट में रह सकता है लेकिन अपने बच्चे को हर संकट से दूर रखना चाहता है अपने बच्चों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए हमेशा तैयार रहता है उनकी हमेशा रक्षा करता रहता है इसलिए हर बच्चे को भी अपने पिता का सम्मान करना चाहिए अपने पिता के भावनाओं का आदर करना चाहिए क्योंकि हर बच्चे के सफल होने के पीछे माता-पिता का ही हाथ होता है.

माता-पिता हमें लाख मुसीबतों से बाहर निकालते हैं वैसे तो अगर कोई माने तो हर दिन मातृ दिवस है हर दिन पितृ दिवस है लेकिन हर साल जून महीना के तीसरा रविवार को फादर्स डे के रूप में अपने पिता को उनके प्यार के लिए उनके योगदान के लिए सम्मान दिया जाता है.

फादर्स डे पहली बार कब मनाया गया था

जिस तरह हर साल मदर्स डे यानी कि मातृ दिवस मनाया जाता है अपनी मां के सम्मान के लिए उनके ममता के लिए 1 दिन समर्पित किया जाता है उन्हें सम्मान दिया जाता है.

उसी तरह पिता के लिए भी एक दिन होना चाहिए यह विचार वाशिंगटन के स्पोकेन शहर की रहने वाली सोनोरा डॉड को आया इसलिए उन्होंने पितृ दिवस मनाने के लिए चर्च में फादर से अपना विचार प्रकट किया सबसे पहले 1910 में पितृ दिवस मनाने के लिए आवाज उठाया गया.

लेकिन 1972 से जून के तीसरा रविवार को अधिकारिक तौर पर सुनिश्चित किया गया इसे मान्‍यता प्राप्‍त हुआ. अमेरिका के राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन ने फादर्स डे के दिन छुट्टी का दिन घोषित किया तब से लेकर आज तक हर कोई फादर्स डे मनाता है.

पहले तो इसे अमेरिका में या और भी कई देशों में मनाया जाता था लेकिन धीरे-धीरे अब भारत में भी हर कोई फादर्स डे मनाने लगा है वैसे अब फादर्स डे एक तरह से फैशन भी बन गया है एक पर्व त्यौहार की तरह हर कोई मनाने लगा है.

सारांश

फादर्स डे के दिन हर व्यक्ति चाहता है कि अपने पिता को स्पेशल फील कराएं उन्हें आदर करें सम्मान करें गिफ्ट देकर या उन्हें जो पसंद है कहीं घूमने जाना हो अपने पिता के साथ बैठकर उनसे बातें करके कुछ वक्त बिताएं इस तरह से हर व्यक्ति फादर्स डे मनाता है.

इस लेख में फादर्स डे क्यों मनाया जाता है Father day in hindi फादर्स डे मनाने की शुरुआत कब से हुई यह सबसे पहली बार कब मनाया गया इसके बारे में पूरी जानकारी दी गई है.

फिर भी अगर Father day से जुड़े कोई सवाल आपके मन में है तो कृपया कमेंट करके जरूर पूछें और इस जानकारी को अपने दोस्त मित्रों और अन्य सोशल साइट्स पर शेयर जरूर करें.

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