EMI ka Full Form – इएमआई का फुल फॉर्म क्या होता हैं

वर्तमान समय में हर कोई अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए बैंक से लोन लेकर सामान खरीद रहा हैं जिसमें कि हम लोग EMI का नाम सुनते हैं तो full form of emi in hindi क्या होता हैं EMI क्या होता हैं.

इसके बारे में भी पहले जानकारी रखना जरूरी हैं हर किसी का जीवन भागदौड़ भरा हुआ हैं जितना फैशन बढ़ रहा हैं उसके अनुसार हर जरूरत के सामान खरीदना हर कोई चाहता हैं

जैसे कि घर जमीन गाड़ी लैपटॉप मोबाइल आदि लेकिन वह व्यक्ति खरीदने में असमर्थ होने की वजह से बैंक से लोन लेकर ईएमआई पर समान खरीदता हैं तो यह इएमआई का फुल फॉर्म क्या होता हैं EMI का मतलब क्या होता हैं EMI से क्या लाभ हैं इस से क्या हानि हैं, के बारे में आइए नीचे विस्तार से जानते हैं.

EMI ka full form

हर किसी को आर्थिक आवश्यकता को पूरा करने के लिए पैसों का जरूरत होता हैं लेकिन कभी-कभी कोई बड़ा चीज खरीदने के लिए ज्यादा पैसों का जरूरत हाकता हैं तो हमें बैंक से पैसा उधार लेना पड़ता हैं

और उससे अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति करते हैं कभी-कभी किसी को अपने पढ़ाई के लिए पैसों का जरूरत होता हैं और उसके पास तो पैसे नहीं रहता हैं तो व्यक्ति को अपनी इच्छा को मारना पड़ता हैं लेकिन बैंक से EMI पर लोन लेकर बहुत ही आसानी से अपना किसी भी अच्छे स्कूल कॉलेज में एडमिशन करा कर व्यक्ति पढ सकता हैं.

full form of emi in hindi

अपने इच्छा को पूरा कर सकता हैं तो EMI से यह एक बहुत ही बड़ा फायदा हो गया हैं कि किसी भी सामान को खरीदने के लिए किसी भी अपने जरूरत के कामों को करने के लिए अपनी इच्छा को मारना नहीं पड़ता हैं इच्छा को पूरा कर लेते हैं.

तो बैंक के तरफ से EMI के रूप में पैसा दिया जाता हैं full form of emi in hindi यानी कि EMI का पूरा नाम equated monthly installment  हैं. जिसे की बाद में बैंक को कुछ किस्तों में हर महीने जो पैसे उधार लिए हैं उसको चुकाया जाता हैं.

Full form of EMI in hindi

बैंक से लिए गए उधार पैसे जो EMI के रूप में हर महीने चुकाया जाता हैं ईएमआई का फुल फॉर्म इंग्लिश में इक्वेटेड मंथली इंस्टॉलमेंट होता हैं. इएमआई का फुल फॉर्म यानी कि EMI को हिंदी में मासिक किस्त कहा जाता हैं मासिक किस्त नाम से ही यह पता चलता हैं कि हर महीने दिया जाने वाला किस्तों को ही मासिक किस्त कहा जाता हैं. 

Emi kya hai

जब भी कोई व्यक्ति किसी बड़े सामान या ज्यादा पैसों का कोई जरूरत होता हैं जैसे कि कोई घर खरीदना हो कहीं जमीन खरीदना हो अपने बच्चे को पढ़ाने के लिए ज्यादा पैसों का जरूरत हो गाड़ी खरीदना हो तो उसके लिए एक ही बार में ज्यादा पैसों का जरूरत होता हैं.

लेकिन जब उस व्यक्ति के पास उतना पैसा उस समय नहीं रहता हैं तो बैंक से लोन लेकर अपने जो आर्थिक आवश्यकता हैं उसको पूरा करते हैं

लोन लेने के बाद उस पैसे को हर महीने एक निश्चित राशि तय करके मासिक किस्त के रूप में उधार चुकाया जाता हैंलेकिन जब हर महीने मासिक किस्त दिया जाता हैं तो उस पर ब्याज भी बैंक को चुकाना पड़ता हैं इसी को EMI यानी कि इक्वेटेड मंथली इंस्टॉलमेंट कहा जाता हैं जिसे हिंदी में मासिक किस्त के रूप में जानते हैं.

जब हम लोग लोन लेते हैं तो बैंक के तरफ से एक समय निर्धारण किया जाता हैं उस निर्धारित समय के अंदर में ही बैंक से लिए गए लोन को चुकाना पड़ता हैं.लेकिन हर महीने पैसे चुकाने पर उस पैसे के साथ कुछ मूलधन और ब्याज भी चुकाना पड़ता हैं

और अगर कोई व्यक्ति अपना निर्धारित अवधि के अंदर पैसे नहीं चुका पाता हैं तो उसका ब्याज दर भी बढ़ जाता हैं और समय भी ज्यादा बढ़ जाता हैं इसलिए किसी को भी जब लोन लेने की जरूरत हैं तो अपने समय निर्धारण के अंदर ही उसको चुकाना सबसे अच्छा होता हैं ताकि जो Extra पैसा लग रहा हैं उस से बचा जा सके.

EMI full form in hindi

ऊपर हमने EMI क्या हैं कि बारे में तो जानकारी दे ही दिया हैं जिसका इंग्लिश इक्वेटेड मंथली इंस्टॉलमेंट होता हैं और इसे हिंदी में मासिक किस्त के रूप में जानते हैं जब भी हम लोग किसी सामान को खरीदने के लिए किसी बैंक से या किसी पैसा उपलब्ध कराने वाली संस्था के द्वारा लोन लेकर अपने जरूरतों को पूरा कर लेते हैं जिसे बाद में बैंक EMI के रूप में अपना दिया हुआ उधार पैसा वापस प्राप्त करता हैं.

ईएमआई से लाभ क्या हैं

जब भी हम कोई कार्य करते हैं तो उसमें लाभ और हानि जरूर होता हैं वैसे ही जब हम कोई मंहगें सामान खरीदते हैं और खरीदने के लिए हमारे पास उस समय पैसे उपलब्ध नहीं रह पाते हैं तो बैंक से लोन लेकर उसे मासिक किस्त के रूप में थोड़ा-थोड़ा करके चुकाते हैं अपनी जरूरतों को पूरा करते हैं लेकिन इससे कुछ लाभ भी हैं और कुछ हानि भी हैं तो लोन लेने से क्या लाभ होता हैं इसके बारे में भी जान लेते हैं.

  • जब भी कोई सामान खरीदने में असमर्थ होते हैं हमारे पास पैसे उपलब्ध नहीं होते हैं लेकिन हमारा मन करता हैं या उसकी बहुत ही ज्यादा आवश्यकता होती हैं कि हम कोई सामान खरीद ले तो बैंक से EMI के रूप में लोन लेकर बहुत ही आसानी से सामान खरीद लेते हैं.
  • पहले के लोग किसी भी साहूकार से या किसी व्यक्ति से कर्ज लेकर अपना कार्य करते थे तो ऐसे समय में धोखाधड़ी भी होने का डर रहता था लेकिन बैंक से इएमआई के रूप में लोन लेने से किसी भी तरह का धोखाधड़ी का खतरा नहीं रहता हैं क्योंकि वह किसी कागज पर या ऑनलाइन होने पर उसमें किसी भी तरह का परेशानी नहीं हो पाता हैं.
  • जब भी लोन लेकर EMI बैंक को समय से चुकाते हैं तो उस व्यक्ति का क्रेडिट स्कोर भी बढ़ता हैं आगे चलकर जब कभी लोन लेना चाहेगा तो बैंक के तरफ से आसानी से मिल सकता हैं.
  • कई बार हम किसी सामान को खरीदते हैं तो इएमआई पर खरीदने पर उस पर कोई ब्याज नहीं रहता हैं और वह सामान आसानी से खरीद कर हर महीने बिना ब्याज के पैसे चुका सकते हैं.

EMI का नुकसान

कई बार ऐसा होता हैं कि अपने आवश्यकताओं को पूर्ति करने के लिए बैंक से लोन लेते हैं इएमआई के माध्यम से हर महीने थोड़ा-थोड़ा करके उस उधार को पूरा करते हैं लेकिन कभी-कभी लोन लेने से लोगों को फायदे के साथ-साथ कुछ नुकसान भी हो जाता हैं.

  • कभी-कभी क्या होता हैं कि समय से EMI नहीं भरने से ब्याज ज्यादा लग जाता हैं जितना पैसा लेते हैं उससे कहीं ज्यादा पैसों का भुगतान बैंक को करना पड़ता हैं इसलिए कई तरह के व्यक्ति को परेशानी हो जाती हैं इसलिए जो भी लोन लेना चाहिए उसको समय से चुका देना चाहिए.
  • अक्सर ऐसा देखा जाता हैं कि कोई भी व्यक्ति अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए बैंक से लोन लेकर अपने आवश्यकता से ज्यादा महंगा सामान खरीद लेता हैं जिससे कि बाद में मासिक किस्त चुकाने में कई परेशानियों का सामना करना पड़ जाता हैं.
  • जब भी लोन ले उसे किसी Trusted बैंक से या ट्रस्टेड कंपनी से ही लेना चाहिए नहीं तो कई कंपनी ऐसी हैं जो Trusted नहीं हैं जिससे कि बाद में कई तरह की परेशानियां होने लगती हैं.
  • जब भी लोन लेना चाहिए तो उसमें EMI भरने के समय जो भी पॉलिसी होता हैं उसको पूरा जरुर पढ़ लेना चाहिए नहीं तो कई बार ऐसा होता हैं कि बिना पॉलिसी पढ़ें EMI का जो भी प्रोसेस हैं उसको पूरा कर लेते हैं और बाद में कई तरह का नुकसान हो जाता हैं कई तरह की परेशानियां उठानी पड़ जाती हैं.
  • सबसे अच्छा बात यह रहता हैं कि जब भी इएमआई पर कोई सामान खरीदना हैं तो उस दुकान का पता कर ले जिस पर कि बिना ब्याज के EMI पर सामान मिलता हैं तो वहां से आसानी से बिना ब्याज भरे ही सामान भी खरीद लेंगे हर महीने आसानी से इएमआई चुका सकते हैं.
  • कई बार समय से इएमआई नहीं भरने से कई तरह के सर्विस टैक्स भी चुकाने पड़ते हैं.

सारांश

जब भी कोई व्यक्ति लोन लेता हैं तो उसको एक समय निर्धारित करके हर महीने नियमित राशि यानी की मासिक किस्त देना पड़ता हैं और जितना राशि होता हैं उसके हिसाब से हर महीने कुछ ब्याज भी देना पड़ता हैं जिसे कि EMI कहा जाता हैं.

जिसे आजकल ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों तरह के तरीकों से लिया जा सकता हैं तो लोन लेने से पहले उसके बारे में पूरी जानकारी प्राप्त करना भी जरूरी होता हैं किसी ट्रस्टेड बैंक से Trusted पैसे देने वाली संस्था से ही लोन लेना चाहिए और उसके बारे में पूरी तरह से जानकारी रख कर इस पॉलिसी को पूरा पढ़कर तभी इएमआई का प्रोसेस पूरा करना चाहिए

इससे कई तरह से परेशानियों से बचा जा सकता हैं धोखाधड़ी से बचा जा सकता हैं.इस लेख में इएमआई का फुल फॉर्म क्या होता हैं ईएमआई  क्या हैं यह में से क्या लाभ हैं क्या हानि हैं इसके बारे में पूरी जानकारी दी गई हैं.

full form of EMI in hindi से संबंधित कोई सवाल आपके मन में हैं तो कृपया कमेंट करके जरूर पूछें और इस जानकारी को अपने दोस्त मित्रों और अन्य सोशल मीडिया नेटवर्क पर शेयर जरूर करें ताकि जिसको इएमआई पर लोन लेकर अपनी जरूरतों को पूरा करना हैं उसके बारे में पूरी जानकारी प्राप्त कर सकें.

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