घड़ी का अविष्कार किसने किया

Ghadi ka avishkar kisne kiya tha in hindi घड़ी का अविष्कार कब हुआ घड़ी क्या हैं सारी जानकारी हम लोग इस लेख में प्राप्त करने वाले हैं आप लोग इस लेख को अंत तक जरूर पढ़ें ताकि घड़ी का अविष्कार के बारे में पूरी जानकारी अच्छे से प्राप्त हो पाए. वर्तमान समय में गाड़ी हमारे हर काम के लिए आवश्यक हैं क्योंकि हम कोई भी कार्य करते हैं

तो घड़ी में समय देखकर उस के अनुसार ही वह काम करते हैं घड़ी अगर नहीं हो तो समय का पता नहीं चल पाएगा कोई भी कार्य सही ढंग से नहीं हो पाएगा क्योंकि किसी को ऑफिस जाना हैं किसी को कहीं भी सफर करना हो

ट्रेन पकड़ना हो या प्लेन पकड़ना हो तो समय के अनुसार ही हम लोग जाते हैं घड़ी के में समय देखकर उसी के अनुसार हम अपना कार्य करते हैं जाते हैंवैसे तो वर्तमान समय में कई तरह के Ghadi ka avishkar हो चुका हैं लेकिन सबसे पहले जो Ghadi ka avishkar हुआ उसके बारे में हम लोग जानकारी प्राप्त करेंगे. तो ही इस लेख में हम लोग घड़ी के अविष्कार के बारे में जानेंगे आइए नीचे जानते हैं.

Ghadi ka avishkar kisne kiya tha 

जब घड़ी नहीं था तो लोग दिन में सूर्य के गति से समय का अनुमान लगा लेते थे और रात में चंद्रमा के और तारों के गति से लोग समय का अनुमान लगाते थे लेकिन जब बादल लग जाता था

तो समय का पता नहीं चल पाता था कि कितना समय हुआ हैं लेकिन Ghadi ka avishkar हो जाने की वजह से समय का पता लगाना बहुत ही आसान हो गया हैं

Ghadi ka avishkar kisne kiya tha in hindi

घड़ी का अविष्कार सबसे पहले Peter Heinlein ने किया था इन्होंने जो घड़ी बनाया था उसका नाम क्लॉक वॉच रखा था.  यह घड़ी बहुत ही अच्छे से सही समय दिखाता था . पेन का आविष्कार किसने किया

सबसे पहले जो Ghadi ka avishkar हुआ था वह जल घड़ी था जल के गिरने के मात्रा से पता लगाया जाता था कि कितना समय हुआ हैं लेकिन उसके बाद मिनट की सुई वाला घड़ी का अविष्कार हुआ

मिनट की सुई वाली घड़ी का अविष्कार स्विट्जरलैंड के जॉस बर्गी ने किया था फिर अविष्कार हुआ पॉकेट वॉच का जिसे कि लोग अपने जेब में रहकर कहीं भी लेकर जाते थे जिसे पॉकेट वॉच कहा जाता था.

पॉकेट वॉच का अविष्कार ब्लेज पास्कल ने किया था ब्लेज पास्कल ने जब पॉकेट वॉच का अविष्कार किया उस समय कलाई वाली घड़ी का अविष्कार नहीं था लेकिन उन्होंने पॉकेट वॉच को ही रस्सी से बांधकर अपने कलाई पर बांध लिया

इस तरह से कलाई वाली घड़ी का अविष्कार हुआ कई तरह के घड़ी का अविष्कार तो हुआ था लेकिन यांत्रिक घड़ी का अविष्कार अभी तक नहीं हुआ था तो यांत्रिक घड़ी का अविष्कार चीन के आई सिंग व लियांग सेन ने किया .

पेंडुलम घड़ी का अविष्कार किसने किया

सबसे पहले जल Ghadi ka avishkar हुआ. फिर मिनट की सुई वाला घड़ी का अविष्कार हुआ जैसे जैसे जरूरत हुआ

वैसे कलाई वाली घड़ी का भी अविष्कार हुआ लेकिन दीवाल पर लगाने वाला पेंडुलम घड़ी का अविष्कार नीदरलैंड के क्रिश्चियन हयुगेंस ने किया था.

घड़ी का अविष्कार कब हुआ  

Ghadi का हमारे रोज के दिनचर्या में विशेष महत्व रहता हैं क्योंकि हमें अगर घर में कोई कार्य करना हैं या बाहर भी कार्य करने जाना हैं तो घड़ी में समय देखकर ही उसी के अनुसार हम लोग अपना कार्य करते हैं

जब घड़ी ही नहीं था तो लोगों को समय देखने में बहुत परेशानी होती थी लोग सूर्य की चाल से या चंद्रमा के चाल से समय का अनुमान लगाया करते थे सबसे पहले घड़ी का अविष्कार 1505 में हुआ था

उस गाड़ी को क्लॉक वॉच नाम दिया गया था उसके बाद मिनट की सुई वाला घड़ी का अविष्कार हुआ उस घड़ी का अविष्कार 1577 में हुआ.फिर भी अगर किसी को बाहर जाना होता था तो घड़ी साथ में ले जाने में परेशानी होती थी

इसलिए पॉकेट वॉच का अविष्कार 1650 के लगभग हुआ था. इस घड़ी को कोई भी आसानी से अपने जेब में रख कर बाहर जा सकता था और समय देख सकता था.

1656 में पेंडुलम वाली घड़ी का अविष्कार हुआ पेंडुलम वाली गाड़ी से यह फायदा था कि पेंडुलम के आवाज से  लोग समय का अनुमान लगा सकते थे क्योंकि जितना भी समय होगा पेंडुलम वाली घड़ी उतनी बार बजेगी

जिससे कि समय का पता चल जाता हैं. 1725 में चीन के एक वैज्ञानिक ने यांत्रिक घड़ी का अविष्कार किया. 1988 में स्मार्ट वॉच का अविष्कार हुआ. मोबाइल का आविष्कार किसने किया

घड़ी क्या हैं 

Ghadi को हम लोग इंग्लिश में वॉच भी कहते हैं वॉच का मतलब वह घड़ी होता हैं जो कि हम लोग अपने कलाई पर बांधते हैं या पैकेट में लेकर कहीं आ जा सकते हैं और क्लॉक का मतलब भी घड़ी ही होता हैं

क्लॉक उस घड़ी को कहते हैं जो कि हम लोग दीवाल पर टांगते हैं या कहीं टेबल पर रखते हैं समय देखने के लिए रखते हैं इस लेख में हम लोग वॉच के अविष्कार किसने किया के बारे में भी लिखा हैं.

घड़ी में हम लोग समय देखते हैं घड़ी की मिनट की और सेकंड की सुई से हम लोग समय का अनुमान लगा लेते हैं कि कितना समय हो रहा हैं.

घड़ी का महत्व

हमारे रोज के दिनचर्या के लिए घड़ी का बहुत ही महत्व हैं घड़ी तो कितने लोग अपने कलाई पर शौक के लिए भी बांधते हैं कलाई में अच्छा लगने के लिए बांधते हैं

लेकिन बहुत लोग घड़ी में समय देखने के लिए भी बनते हैं वैसे तो वर्तमान समय में बहुत सारे ऐसे उपकरण हो गए हैं जिसमें हम लोग समय देख सकते हैं जैसे कि मोबाइल भी हैं.

हर समय मोबाइल हमारे पास हमारे जेब में या हाथ में रहता हैं तो उसमें भी समय देख लेते हैं लेकिन घड़ी का महत्व भी अभी भी उतना ही हैं जितना कि पहले था क्योंकि घर में भी हम लोग दिवाल घड़ी लगाते हैं

जिसमें कहीं बैठे हैं सामने हैं तो देख कर भी पता लगा लेते हैं कि कितना समय हो रहा हैं या कहीं जाना आना हैं तो कलाई पर बांध कर भी घड़ी लेकर जाते हैं और हर समय उसमें समय देखते रहते हैं. टेलीविजन का आविष्कार किसने किया

 

सारांश

घड़ी का अविष्कार किसने किया घड़ी का अविष्कार घड़ी का अविष्कार कब हुआ पेंडुलम घड़ी का अविष्कार कब हुआ घड़ी क्या हैं घड़ी का क्या महत्व हैं घड़ी का अविष्कार सारी जानकारी हम लोगों ने इस लेख में प्राप्त किया हैं

फिर भी अगर इस लेख से जुड़े आप कोई सवाल हैं तो हमें कमेंट करके जरूर पूछें. इस लेख में हमने घड़ी का अविष्कार किसने किया के बारे में पूरी जानकारी देने की कोशिश की हैं आप लोगों को यह जानकारी कैसी लगी हमें कमेंट करके जरूर बताएं और शेयर भी जरूर करें.

How useful was this post?

Click on a star to rate it!

Average rating 0 / 5. Vote count: 0

No votes so far! Be the first to rate this post.

Leave a Comment