हरिवंश राय बच्चन की जीवनी – Harivansh Rai Bachchan in hindi

हरिवंश राय बच्चन बायोग्राफी इन हिन्‍दी हिंदी साहित्य में छायावाद काल में कई ऐसे लेखक और कवि हुए जिन्होंने इतिहास में अपना नाम सुनहरे अक्षरों में लिख दिया वैसे ही उत्तर छायावाद काल में हिंदी कविता के प्रमुख कवि हरिवंश राय बच्चन थे जिन्होंने कई प्रसिद्ध कविताएं और लेख लिखे उनकी सबसे प्रसिद्ध कविता मधुशाला है जो कि आज भी लोग बहुत ही ज्यादा पसंद करते हैं.

हिंदी साहित्य के एक महान कवि और लेखक थे. Harivansh rai bachchan biography in hindi language हरिवंश राय बच्चन छायावाद काल के प्रमुख कवियों और लेखकों में से एक थे उनकी सबसे प्रसिद्ध रचना मधुशाला है.

मधुशाला से ही उन्हें बहुत ख्याति मिली है हम लोग इस लेख में छायावाद  के प्रमुख कवि हरिवंश राय बच्चन के जीवन चरित्र के बारे में विस्तार से जानेंगे Harivansh rai bachchan के बारे में पूरी जानकारी पाने के लिए आप लोग इस लेख को पूरा जरूर पढ़ें तो आइए जानते हैं. आचार्य रामचंद्र शुक्ल का जीवन परिचय

Harivansh rai bachchan biography in hindi 

हिंदी भाषा और भारतीय हिंदी साहित्य के प्रमुख कवि और लेखक थे बच्चन जी उत्तर छायावाद काल के प्रसिद्ध कवियों में एक माने जाते हैं. उन्होंने अपनी ख्याति मधुशाला जैसी रचना करके लोगों  में बहुत पाई है वह अपनी उत्कृष्ट कृतियों की वजह से लोगों के दिलों में छाप छोड़ गए हैं.

बहुत सारी रचनाएं की जो लोगों को बहुत पसंद भी आया और इसी वजह से एक महान कवि बन गए. हरिवंश राय बच्चन एक प्रसिद्ध लेखक और कवि होने के साथ भारत सरकार में विदेश मंत्रालय में हिंदी विशेषज्ञ के पद पर भी कार्य कर चुके थे और वह हमेशा राज्यसभा के मनोनीत सदस्य भी चुने जाते थे.

Harivansh rai bachchan biography in hindi language

हरिवंश राय बच्चन ने कई प्रसिद्ध कविताएं लिखी है उनकी कविताएं हमेशा उनके पुत्र बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन बोलते रहते हैं हरिवंश राय बच्चन ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से अंग्रेजी की पढ़ाई की थी

अपने कविताओं से लेखों से वह छायावाद काल के प्रमुख कवियों में स्थान रखते हैं उनकी सबसे ज्यादा प्रसिद्ध कविता मधुशाला थी.

हरिवंश राय बच्चन के जन्म

बच्चनजी उत्तर प्रदेश के बाबू पट्टी रानीगंज प्रतापगढ़ के रहने वाले थे. उनका जन्म 27 नवंबर 1907 को हुआ था Harivansh Rai Bachchan जी के पिता का नाम प्रताप नारायण श्रीवास्तव था और उनकी माता का नाम सरस्वती देवी था

इन्हें बचपन में लोग बच्चन कह कर बुलाते थे बच्चन का अर्थ होता है छोटा बच्चा असल में इनका नाम हरिवंश राय श्रीवास्तव था लेकिन लोग उन्हें बच्चन कहते थे इसीलिए बाद में इन्होंने बच्चन को अपना सरनेम बना लिया.

हरिवंश राय बच्चन का शिक्षा

हरिवंश राय छायावादी युग के प्रमुख हिंदी कवि थे इनके शुरुआती पढ़ाई जिला परिषद प्राथमिक स्कूल से हुई थी उसके बाद उन्होंने कायस्थ पाठशाला से अपनी पढ़ाई की वहीं से उन्होंने उर्दू की भी पढ़ाई की उसके बाद आगे की पढ़ाई के लिए वह इलाहाबाद विश्वविद्यालय चले गए.

वहां से उन्होंने M.A. की पढ़ाई पूरी की उसके बाद आगे की पढ़ाई के लिए वह विदेश चले गए लंदन के कैंब्रिज विश्वविद्यालय से उन्होंने डब्ल्यूबी यीट्स और पीएचडी की पढ़ाई पूरी की.

नामहरिवंश राय बच्चन
असली नामहरिवंश राय श्रीवास्तव
बचपन का नामबच्चन
जन्‍म27 नवंबर 1907
जन्‍म स्‍थानउत्तर प्रदेश के बाबू पट्टी रानीगंज प्रतापगढ़
पिता का नामप्रताप नारायण श्रीवास्तव
माता का नामसरस्वती देवी
पत्नि का नामपहली पत्नि श्यामा देवी दूसरी पत्नि तेजी बच्चन
पुत्रअमिताभ बच्‍चन और अजिताभ बच्‍चन
शिक्षाइलाहाबाद विश्वविद्यालय से उन्होंने M.A., कैंब्रिज विश्वविद्यालय से इंग्लिश लिटरेचर में डाक्टरेट
कार्यक्षेत्रकवि,लेखक, विदेश मंत्रालय में हिंदी विशेषज्ञ, ऑल इंडिया रेडियो में कार्य
रचनाएंकविता संग्रह,आत्‍मकथा,विविध
कविता संग्रहतेरा हार,मधुशाला,मधुबाला,

 

मधुकलश,आत्म परिचय,निशा निमंत्रण,एकांत,गीत मिलन,

यामिनी,त्रिभंगीमा,दो चट्टानें

कटती प्रतिमाओं की आवाज है

आत्‍मकथाक्या भूलूं क्या याद करूं,नीड़ का निर्माण फिर,बसेरे से दूर

 

10 द्वार से सोपान तक

विविधबच्चन के साथ क्षणभर,उमर खय्याम की रुबाइयां,कवियों में शौम्य संत पंत,आज के लोकप्रिय हिंदी कवि सुमित्रानंदन पंत
सम्‍मान और पुरस्‍कारसाहित्य अकादमी पुरस्कार,

 

सोवियत लैंड नेहरू पुरस्कार,

कमल पुरस्कार,बिरला फाउंडेशन के लिए उन्हें सरस्वती सम्मान,

पद्म भूषण सम्मान

मृत्‍यु18 जनवरी 2003

 

हरिवंश राय बच्चन का विवाह

उनका विवाह 19 साल के उम्र में श्यामा देवी से हुआ था श्यामा देवी उस समय 14 साल की थी लेकिन श्यामा देवी का टीवी रोग हो जाने की वजह से कुछ ही दिनों बाद निधन हो गया इस वजह से हरिवंश राय बच्चन बहुत आहत हुए थे .

उनकी दूसरी शादी तेजी सूरी जो कि एक पंजाबन थी से हुई थी तेजी बच्चन थिएटर से जुड़ी हुई थी लेकिन शादी के बाद उन्होंने गृहणी जीवन ही चुना वैसे उनको फिल्मों के लिए भी ऑफर मिले थे

लेकिन उन्होंने ऑफर ठुकरा दिया और अपना ग्रीहणी जीवन ही उन्होंने चुना तेजी बच्चन से Harivansh Rai को दो बच्चे हुए अमिताभ बच्चन और अजिताभ बच्चन अमिताभ बच्चन फिल्म जगत के बहुत बड़े सुपरस्टार हीरो है और अजिताभ बच्चन एक बिजनेसमैन है.

हरिवंश राय बच्चन का व्यक्तित्व

हिंदी साहित्य में एक प्रसिद्ध कवि महान लेखक के रूप में हरिवंश राय बच्चन को जाना जाता है उनकी सबसे ज्यादा प्रसिद्धि मधुशाला कविता से मिली थी उनको कविता या लेख लिखने का शौक पढ़ाई के समय से ही था

इसीलिए जब वह m.a. की पढ़ाई कर रहे थे तभी फारसी के प्रसिद्ध कवि उमर खय्याम के कई रचनाओं को हिंदी में अनुवाद किया था और वही उनकी रचना उस समय के लोगों को बहुत पसंद आई थी

जिस वजह से उन्हें प्रेरणा मिला उत्साह मिला और उन्होंने मधुशाला, मधुकलश, मधुबाला आदि कविताओं का एक संग्रह लिख दिया Harivansh Rai की कविता और लेखों के लिए कई सम्मान और पुरस्कार भी मिले हैं हरिवंश राय बच्चन इंग्लिश लिटरेचर में डॉक्टरेट किए थे और भारत में यह दूसरे ऐसे भारतीय थे जिन्होंने कैंब्रिज विश्वविद्यालय से इंग्लिश लिटरेचर में डाक्टरेट किए थे

इंदिरा गांधी से हरिवंश राय बच्चन का घरेलू रिश्ता था इसीलिए जब इंदिरा गांधी का हत्या हुआ तो उन्होंने इंदिरा गांधी के हत्या पर एक कविता लिखा और उसके बाद कभी भी उन्होंने कोई भी लेख या कविता नहीं लिखा उन्होंने शेक्सपियर के मैकबेथ और ऑथेलो का हिंदी में अनुवाद किया श्रीमद्भागवत गीता का भी अनुवाद किया था.

हरिबंश राय बच्चन का साहित्यिक जीवन 

वह इंग्लैंड से पढ़ाई करके वापस आए तब उन्होंने ऑल इंडिया रेडियो में कुछ दिन काम किया था हरिवंश राय बच्चन जब कैंब्रिज विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर रहे थे उसी दौरान उन्होंने अंग्रेजी साहित्य काव्य पर सोध भी किया था

भारत वापस आने के बाद भारत सरकार के विदेश मंत्रालय में उन्होंने हिंदी विशेषज्ञ के रूप में भी कार्य किया था उस समय पंडित जवाहरलाल नेहरू भारत के प्रधानमंत्री थे

उन्होंने हिंदी भाषा को बढ़ावा दिया और इस काम को जारी रखने के लिए हरिवंश राय बच्चन को प्रेरित भी किया Harivansh Rai Bachchan ने अपना कविता लिखना आगे भी जारी रखा विदेश मंत्रालय में हिंदी विशेषज्ञ के रूप में उन्होंने 10 साल तक काम किया.

Harivansh rai bachchan ki rachnaye

हरिवंश राय बच्चन की रचनाओं में सबसे प्रसिद्ध रचना मधुशाला है उन्होंने भागवत गीता का भी हिंदी में अनुवाद किया था हरिवंश राय बच्चन ने इंदिरा गांधी की हत्या पर भी अपनी एक कविता लिखी है बच्‍चनजी राज्यसभा के मनोनीत सदस्य भी रहे हैं उन्होंने बहुत सारी रचनाएं की हैं .

1. कविता संग्रह 

  • तेरा हार
  • मधुशाला
  • मधुबाला
  • मधुकलश
  • आत्म परिचय
  • निशा निमंत्रण
  • एकांत
  • गीत मिलन
  • यामिनी
  • त्रिभंगीमा
  • दो चट्टानें
  • कटती प्रतिमाओं की आवाज है

2.  आत्मकथा 

  • क्या भूलूं क्या याद करूं
  • नीड़ का निर्माण फिर
  • बसेरे से दूर
  • 10 द्वार से सोपान तक 

3. विविध 

  •  बच्चन के साथ क्षणभर
  • उमर खय्याम की रुबाइयां
  • कवियों में शौम्य संत पंत
  • आज के लोकप्रिय हिंदी कवि सुमित्रानंदन पंत

हरिवंश राय बच्चन को मिले सम्मान और पुरस्कार

उनकी महान कृतियों के लिए बहुत सारे सम्मान और पुरस्कार भी मिले हैं उनको मिले सामान कुछ प्रमुख है

  • साहित्य अकादमी पुरस्कार
  • सोवियत लैंड नेहरू पुरस्कार
  • कमल पुरस्कार
  • बिरला फाउंडेशन के लिए उन्हें सरस्वती सम्मान
  • पद्म भूषण सम्मान

हरिवंश राय बच्चन का मृत्यु

बच्चन जी हिंदी भाषा को बहुत ही सम्मान और महत्व देते थे वह विदेश मंत्रालय के एक विशेष अधिकारी के रूप में कई वर्षों तक कार्य किए थे उन्होंने कुछ दिनों तक ऑल इंडिया रेडियो में भी कार्य किया था. अमिताभ बच्चन के फिल्मों में कई ऐसे गाने हैं जो कि हरिवंश राय बच्चन के लिखे हुए हैं.

जैसे कि सिलसिला फिल्म का बहुत ही प्रसिद्ध गाना रंग बरसे भीगे चुनरवाली गाना हरिवंश राय बच्चन ने लिखा था और अग्निपथ फिल्म में जो बार-बार अमिताभ बच्चन अग्निपथ अग्निपथ बोलते हैं वह भी Harivansh Rai Bachchan का ही लिखा हुआ रचना है.

हरिवंश राय बच्चन की मृत्यु 18 जनवरी 2003 में हुई थी उन्हें सांस की बीमारी थी इसी वजह से उनकी मृत्यु हो गई जब उनकी मृत्यु हुई तो उनकी उम्र 95 साल थी वह लोगों के दिलों पर अपनी एक अलग छाप छोड़ गए उनकी कृतियां हमेशा अमर रहेगी.

सारांश 

इस लेख में उत्तर छायावाद काल के प्रमुख कवि और लेखक Harivansh Rai Bachchan से संबंधित पूरी जानकारी दी गई है जैसे कि हरिवंश राय बच्चन का जन्म कहां हुआ

उन्होंने कहां से शिक्षा प्राप्त किया था बच्चन जी का विवाह किससे हुआ उनके पुत्र कौन है हरिवंश राय बच्चन ने कौन-कौन सी रचनाएं लिखी है उनका मृत्यु कब हुआ

इस लेख से संबंधित कोई सवाल आपके मन में है तो कृपया कमेंट करके जरूर पूछें इस लेख में हमने हरिवंश राय बच्चन बायोग्राफी इन हिन्‍दी हरिवंश राय बच्चन के बारे में पूरी जानकारी देने की कोशिश की है आप लोगों को यह जानकारी कैसा लगा कृपया कमेंट करके जरूर बताएं और शेयर भी जरूर करें.

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