हिंदी भाषा की लिपि क्या हैं Hindi bhasha ki lipi kya hai

Hindi bhasha ki lipi kya hai. भारत में सबसे ज्यादा जो भाषा इस्तेमाल किया जाता है वह है हिंदी भाषा लेकिन हिंदी भाषा का लिपि कौन सा है. लिपि किसे कहते हैं hindi ki lipi kya hai के बारे में जानकारी शायद कम ही लोगों को होगा तो हिंदी भाषा का लिपी कौन सा है इस लेख में विस्तार से जानेंगे.

हिंदी भारत में लगभग हर राज्य में बोला और समझा जाता है क्योंकि हर भारतीय एक दूसरे से किसी भी बात को समझने के लिए हिंदी भाषा का प्रयोग करते हैं और हिंदी बोलना हर भारतीय के लिए एक गर्व का बात होता है क्योंकि हिंदी भाषा को मातृभाषा के रूप में जाना जाता है.

2019 में हिंदी भाषा को ओरिजिनल भाषा के रूप में स्थान दिया गया तो आइए नीचे जानते हैं कि लिपि क्या है लिपि के कितने भेद होते हैं देवनागरी लिपि का गुण क्या है विशेषता क्या है नागरी लिपि में कितने स्वर और व्यंजन होते हैं देवनागरी लिपि का विकास कब और कैसे हुआ इस लिपि का जन्म कैसे हुआ.

हिंदी भाषा की लिपि क्या हैं what is lipi in hindi

भारत में वैसे तो कई हजार भाषाएं बोली जाती है लेकिन उस भाषा को बोलने या लिखने के लिए एक लिपि का जरूरत होता है लिपि 30 से 40 प्रकार के होते हैं हिंदी भाषा का लिपि देवनागरी लिपि है देवनागरी लिपि को नागरी लिपि के नाम से भी जाना जाता है और इस लिपि को ब्राम्ही लिपि भी कहते हैं.

भारत में सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला हिंदी भाषा है और सबसे ज्यादा जिस लिपि में लिखा जाता है और बोला जाता है वह देवनागरी लिपि . देवनागरी लिपि हिंदी भाषा के अलावा और भी कई भाषाओं में इस्तेमाल किया जाता है.

Hindi bhasha ki lipi kya hai

जैसे कि संस्कृत मैथिली भोजपुरी गुजराती नेपाली सिंधी आदि हिंदी भाषा की लिपि क्या है के बारे में जानकारी हासिल कर ही लिए  है लेकिन इससे पहले यह जानना जरूरी है लिपि क्या होता है लिपि का मतलब क्या है तो आइए नीचे जानते हैं लिपि क्या है.

हिंदी की लिपि क्या है hindi ki lipi kya hai

किसी भाषा को आसानी से लिखने के लिए लिखावट के तरीके को लिपि कहा जाता है जिस तरह किसी भी भाषा को बोलने के लिए किसी चिन्ह का जरूरत है उसी तरह किसी भी भाषा को लिखने के लिए एक लिपि का जरूरत होता है.

लिपि के द्वारा किसी भी भाषा को लिखने और बोलने में बहुत ही ज्यादा आसानी हो जाता है किसी भी भाषा को चिन्ह के रूप में लिखना ही लिपि कहलाता है इस तरह दुनिया में हर भाषा को लिखने के लिए कई तरह के लिपि है जैसे कि देवनागरी गुरुमुखी यूनानी अरबी ब्राह्मी आदि.

लिपि के द्वारा किसी भी भाषा को लिखने में आसानी हो जाता है हिंदी भाषा की लिपि देवनागरी हैं हिंदी भाषा में कई शब्दों का इस्तेमाल किए गए किया जाता है जैसे कि तत्सम तद्भव आदि हिंदी भाषा का लिपि सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि विश्व में कई देशों में प्रचलित है हिंदी भाषा में अरबी फारसी आदि शब्दों का भी इस्तेमाल किया जाता है.

लिपि के कितने भेद होते हैं

किसी भी भाषा को उसके लिखावट के आधार पर ही जाना जाता है पहचाना जाता है अगर कोई लिपि नहीं है तो कोई भी भाषा लिखा नहीं जा सकता है तो लिपि के भी 3 रूप होते हैं चित्र लिपि अक्षर लिपि और अल्फा सिलेबिक लिपि.

चित्र लिपि

प्राचीन समय में जब किसी भी भाषा को लिखने के लिए किसी भी तरह का कोई भी लिपि नहीं था उस समय लोग एक दूसरे का बात समझने के लिए बताने के लिए आपस में सहयोग करने के लिए चित्रों का इस्तेमाल ज्यादा करते थे.

अपने मन की बात किसी को बताने के लिए वह चित्र बनाकर के अपनी भाषा दूसरों को समझाते थे इस तरह का साक्ष्य हड़प्पा संस्कृति में खुदाई में मिले अवशेषों से मिलते हैं  उस समय चित्र लिपि का प्रयोग करते थे चित्र लिपि में भी कई तरह के लिपि थे. जैसे कि

  • कांजी लिपि 
  • प्राचीन मिस्त्री लिपि 
  • चीनी लिपि

अक्षर लिपि

जिस तरह समय के अनुसार हर चीज में विकास होता रहता है लोगों को जैसे-जैसे जिस तरह का जरूरत होता है उस तरह का अविष्कार हुआ. कई तरह के धरती पर विकास हुए उसी तरह चित्र लिपि के बाद लोगों को अक्षर लिखने के लिए लिपि का जरूरत पड़ा तो अक्षर लिपि का विकास हुआ. जिस वजह से लोगों को किसी भी तरह के बात दूसरों को समझाने के लिए लिखने के लिए आसानी होने लगा.

अल्फा सिलेबिक लिपि

हड़प्पा संस्कृति और मोहनजोदड़ो सभ्यता के बारे में पुरातन विभाग की खुदाई से मिले अवशेषों से पता चलता है इन अवशेषों के द्वारा उस समय के लोगों के रहन-सहन लिखावट भाषा के बारे में लोगों को जानकारी मिलता है अल्फा सिलेबिक लिपि को चित्र लिपि के बाद इस्तेमाल किया जाता था.

देवनागरी लिपि क्या है

देवनागरी लिपि उस लिपि को कहते हैं जोकि हिंदी भाषा को लिखने के लिए इस्तेमाल किया जाता है देवनागरी लिपि में शब्दों को लिखने के लिए 136 रेखा खींचा जाता हैं जिसे शिरोरेखा कहते हैं और इसी शिरोरेखा के वजह से देवनागरी लिपि की पहचान होती है देवनागरी लिपि में 52 अक्षर होते हैं जिसमे 14 स्वर और 38 व्यंजन है.

देवनागरी लिपि का और भी कई भाषाओं में लिखने के लिए इस्तेमाल किया जाता है संस्कृत नेपाली भाषा सिंधी हिंदी मराठी हरियाणवी आदि. देवनागरी लिपि को एक वैज्ञानिक लिपि के रूप में भी जाना जाता है जब देवनागरी लिपि में भाषा लिखा जाता है तो उसको पढ़ने में और लिखने में बहुत ही आसानी होता है.

देवनागरी लिपि को बाएं से दाएं थी और लिखा जाता है और पढ़ा भी जाता है देवनागरी लिपि को नागरी लिपि के नाम से भी जाना जाता है और पहले इस लिपि को ब्राम्ही लिपि कहा जाता था.

देवनागरी लिपि का जन्म कब और कैसे हुआ

भारत में कई तरह के भाषाएं बोली जाती हैं और उन भाषाओं को लिखने के लिए कई तरह की लिपि का इस्तेमाल किया जाता है. लेकिन सबसे ज्यादा देवनागरी लिपि लिखने बोलने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. वैसे तो हिंदी भाषा का लिपि देवनागरी लिपि है लेकिन और भी कई भाषाओं को लिखने के लिए देवनागरी लिपि का इस्तेमाल किया जाता है.

देवनागरी लिपि का जन्म ब्राह्मी लिपि से हुआ है इसीलिए देवनागरी लिपि को ब्राम्ही लिपि के नाम से भी जाना जाता है ब्राह्मी लिपि का प्रयोग वैदिक काल में किया जाता था लेकिन बाद में ब्राह्मी लिपि को दो भागों में बांटा गया जिसे उतरी ब्राम्ही और कुटिल लिपि ब्रह्मी कहा गया है

उत्तरी ब्राह्मी लिपि से गुप्त लिपि और सिद्ध मातृका लिपि का अविष्कार हुआ और कुटिल लिपि से चार लिपियों का जन्म हुआ जैसे कि नागरी लिपि शारदा लिपि वेस्टर्न ब्राह्मी और देवनागरी लिपि.

हिंदी भाषा की लिपि का देवनागरी नाम कैसे पड़ा

हिंदी भाषा की लिपि का नाम देवनागरी लिपि पड़ने के पीछे कई तरह के तथ्य हैं देवनागरी लिपि को लोक नागरी या हिंदी लिपि भी कहा जाता है कहा जाता है कि गुजरात में नगर में जो ब्राम्हण रहते थे उन्हीं के नाम पर देवनागरी नाम पड़ा क्योंकि गुजरात में यह लिपि बहुत ही ज्यादा प्रचलित है.

देवनागरी लिपि का विकास आठवीं शताब्दी से लेकर बारहवीं शताब्दी के बीच माना जाता है कुछ लोगों का मत है कि प्राचीन समय में जब लोग मूर्ति बनाते थे तो दिव्य यंत्र का प्रयोग करते थे. उसी वजह से देवनागरी Lipi नाम रखा गया कुछ लोगों का कहना है कि देवनागरी लिपि का प्रयोग काशी में सबसे ज्यादा किया जाता था और काशी को देव नगर के नाम से जाना जाता था इसीलिए देवनागरी लिपि नाम पड़ा

देवनागरी लिपि का विकास

भारत में सबसे पहला आधिकारिक भाषा हिंदी भाषा को माना जाता है और अंग्रेजी भाषा को दूसरे अधिकारिक भाषा के रूप में जाना जाता है किसी भी शहर गांव छोटे स्तर के लोग कोई किसी भी तरह का भाषा समझे या न समझे लेकिन हिंदी भाषा जरूर समझता है और हिंदी भाषा का महत्व भी है इसे सर्वश्रेष्ठ भाषा माना जाता है.

हिंदी भाषा का सबसे ज्यादा विकास बीसवीं शताब्दी में हुआ क्योंकि इसका प्रयोग शिक्षा प्राप्त करने में ज्यादा किया जाने लगा लोग पत्र-पत्रिकाओं में लेख लिखने न्यूज़ लिखने के लिए हिंदी भाषा का ही प्रयोग करते हैं.

किसी भी राज्य में जाने पर उस राज्य का जो मेन भाषा होता है उसको अगर नहीं बोलना आता है तो सबसे आसानी से हिंदी भाषा को बोला और समझा जाता है और हिंदी भाषा को लिखने के लिए देवनागरी लिपि का प्रयोग किया जाता है.

राजा जय भट्ट के शासनकाल में सबसे पहले देवनागरी Lipi का इस्तेमाल किए जाने के बारे में कई शिलालेखों के माध्यम से पता चलता है. देवनागरी लिपि का विकास गुप्त काल के आरंभ से ही धीरे-धीरे होने लगा था वर्तमान में देवनागरी लिपि में ही कई भाषाओं को लिखा जाता है.

देवनागरी लिपि की विशेषताएं

भारत में जितनी भी लिपि है उनमें देवनागरी Lipi को सबसे पहला स्थान दिया जाता है क्योंकि इस लिपि में कई तरह की विशेषताएं हैं जब देवनागरी लिपि में किसी भी भाषा को लिखा जाता है तो उसका उच्चारण बहुत ही स्पष्ट तरीके से किया जाता है देवनागरी लिपि में वर्णों की संख्या सही मात्रा में होती है न ही कम होता है और न ही ज्यादा है.

इसीलिए देवनागरी Lipi में लिखना बहुत ही आसान हो जाता है इस लिपि में अगर किसी भी भाषा को लिखना होता है तो जिस तरह का हम उच्चारण करते हैं उसी तरह का सेम टू सेम लिखा जाता है उसमें किसी भी तरह का बदलाव नहीं किया जाता है.

इसीलिए देवनागरी लिपि का प्रयोग लगभग 175 भाषाओं को लिखने के लिए किया जाता है. अगर विश्व के किसी भी भाषा को ट्रांसलेट करना होता है तो देवनागरी लिपि में इतना क्षमता है कि बहुत ही आसानी से किया जा सकता है.

हिंदी के अलावा और भी कई भाषाओं को देवनागरी Lipi में ही लिखा जाता है देवनागरी लिपि का पहचान किसी भी शब्द के ऊपर जो क्षैतिज रेखा खींचा जाता है जिसे किस शिरोरेखा कहा जाता है से किया जाता है.

देवनागरी लिपि में स्वर और व्यंजन को मिलाकर के शब्द बनाया जाता है जैसे कि अगर का लिखना होता है तो क व्यंजन और अ स्वर को मिलाकर का लिखा जाता है. देवनागरी लिपि को बाएं से दाएं की ओर लिखा जाता है और पढ़ा जाता है इसलिए इस लिपि का लिखावट बहुत ही सुंदर सरल और पढ़ने में आसान होता है.

FAQ

हिंदी भाषा का लिपि क्या है

भारत के साथ-साथ और भी कई अन्य देशों में सबसे ज्यादा बोला जाने वाला भाषा हिंदी है और हिंदी भाषा की लिपि देवनागरी लिपि है जिसे नागरी लिपि भी कहा जाता है.

लिपि क्या है

किसी भी भाषा को लिखने के लिए जिस चिन्ह का प्रयोग किया जाता है उसको लिपि कहा जाता है.

देवनागरी लिपि में कौन-कौन सी भाषाओं को लिखा जाता है

हिंदी के अलावा देवनागरी Lipi में और भी कई भाषाओं को लिखा जाता है जैसे संस्कृत भोजपुरी गुजराती नेपाली सिंधी मैथिली आदि.

देवनागरी लिपि में कितने स्वर और व्यंजन होते हैं

देवनागरी लिपि में 52 अक्षर होते हैं उन अक्षरों में 14 स्वर होते हैं और 38 व्यंजन होते हैं.

Hindi bhasha ki lipi ka kya naam hai.

हिंदी भाषा की लिप‍ि का नााम देवनागरी हैं

देवनागरी लिपि का गुण

देवनागरी Lipi में किसी भी भाषा को दाएं से बाएं की ओर लिखा जाता है इसके हर शब्द पर ऊपर क्षैतिज रेखा खींचा रहता है जिसे शिरोरेखा कहा जाता है और इसी शिरोरेखा से देवनागरी लिपि का पहचान होता है इस वजह से इस लिपि में जिस भी भाषाओं को लिखा जाता है बहुत ही सुंदर दिखाई देता है सरल होता है और पढ़ने में बहुत ही आसान होता है.

ये भी पढ़े

सारांश

दुनिया में कई तरह की भाषाएं बोली जाती है लेकिन हिंदी भाषा सबसे ज्यादा लोकप्रिय भाषा है. भारत में हिंदी भाषा को मातृभाषा के रूप में जाना जाता है सभी भाषा को लिखने के लिए एक लिपि जरूर होता है इसी तरह हिंदी भाषा की लिपि देवनागरी लिपि है जो कि लिखने में पढ़ने में बहुत ही आसानी होता है.

इस लेख में Hindi bhasha ki lipi, हिंदी भाषा का लिपि क्या है देवनागरी Lipi का विकास कब और कैसे हुआ Lipi क्या है. देवनागरी Lipi का क्या गुण है क्या विशेषताएं हैं के बारे में पूरी जानकारी दी गई है. इस लेख से संबंधित कोई सवाल है तो कृपया कमेंट करके जरूर बताएं. इस जानकारी को अपने दोस्त मित्र रिश्तेदारों को सोशल साइट्स के माध्यम से शेयर जरूर करें. Gyanitechtechcomputer

Leave a Comment