लोकतंत्र के चार स्तंभ कौन-कौन से हैं | Loktantra Ke Stambh

Loktantra के चार प्रमुख स्तंभ कौन-कौन से हैं. Loktantra ke stambh भारत एक लोकतांत्रिक देश है जिसके चार प्रमुख स्तंभ हैं. दुनिया में अलग-अलग देशों में वहां के लोकतांत्रिक व्यवस्था भी अलग-अलग है. कहीं प्रजातंत्र का शासन है, तो कहीं राजतंत्र का शासन है.

भारत देश में सरकार का चयन देश के आम नागरिकों के द्वारा किया जाता है. भारत देश को सही तरीके से आगे बढ़ाने के लिए संविधान के अनुसार भारत के चार प्रमुख स्तंभ बनाये गये है. जैसे विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका, पत्रकारिता. मुख्य रूप से इन चार स्तंभ से ही भारत के सभी तरह के कार्य संचालित होते हैं.

Loktantra ke stambh लोकतंत्र के चार स्तंभ कौन-कौन से हैं

जैसा कि ऊपर भारत के चार प्रमुख स्तंभ के बारे में बताया गया है, जिसके अनुसार भारत के हर तरह के कार्यों का निष्पादन किया जाता है. भारत में सभी तरह के जो भी विकास से संबंधित, न्याय से संबंधित, समाचार से संबंधित, राजनीति से संबंधित जो भी नीति तैयार किया जाता है, उन सभी के लिए यह चार प्रमुख स्तंभ अपने अलग-अलग क्षेत्र में प्रमुख भूमिका निभाते हैं.

प्रजातंत्र में देश के आम नागरिक ही सरकार का चयन करते हैं. आम नागरिक के द्वारा चुनी गई सरकार देश में शासन करती है. भारतीय Loktantra व्यवस्था में विधायिका का भूमिका महत्वपूर्ण है. क्योंकि विधायिका के द्वारा चुने गए जो भी प्रतिनिधि होते हैं, वह देश में हर तरह के कार्यों का संचालन करते हैं.

Loktantra ke stambh

देश को आगे बढ़ाने के लिए विधायिका का योगदान सबसे महत्वपूर्ण है. क्योंकि देश में जो भी संविधान बनाया जाता है या संविधान में सुधार किया जाता है या उसमें किसी भी तरह का बदलाव किया जाता है उसके लिए पूरी तरह से विधायिका ही जिम्मेदार होती हैं.

भारत में हर 5 साल पर देश का लोकसभा चुनाव होता है तथा राज्यों में सरकार गठन के लिए भी हर 5 साल पर चुनाव कराया जाता है, जिसके आधार पर भारत में प्रधानमंत्री का भी चुनाव होता है तथा राज्य में मुख्यमंत्री का चुनाव होता है.

देश के अलग-अलग क्षेत्रों से जीतकर आने वाले सभी लोकसभा के प्रतिनिधि देश के लिए जो भी जरूरी नियम कानून होता है, उसके लिए अपना विचार लोकसभा में रखते हैं.

इसीलिए विधायिका का भूमिका सबसे महत्वपूर्ण बताया गया है. अब आइए Loktantra के चार प्रमुख स्तंभ के बारे में एक-एक करके नीचे विस्तार से जानते हैं.

विधायिका

जैसा कि ऊपर बताया गया है यह देश में हर 5 साल पर आम चुनाव कराया जाता है जिसके आधार पर जनता के द्वारा चुने गए लोकसभा के सांसद के द्वारा जो भी संसद का नेता चुना जाता है उसको देश का प्रधानमंत्री नियुक्त किया जाता है.

ठीक किसी प्रकार राज्य में है हर 5 साल पर चुनाव होता है जिसके आधार पर विधानसभा में जितने भी विधायक चुनकर आते हैं उनके द्वारा सदन का नेता चुना जाता है और वही नेता राज्य का मुख्यमंत्री होता है.

विधायिका का मतलब होता है जो भी आम नागरिक के द्वारा चुने गए प्रतिनिधि होते हैं, वही विधायिका के सदस्य होते हैं. आम नागरिक के द्वारा चुना जाने वाले जो भी प्रतिनिधि होते है जैसे कि सांसद, विधायक, मुखिया, सरपंच, मेयर, पार्षद, वार्ड कमिश्नर, पंचायत समिति सदस्य, पंच, विधान परिषद सदस्य इत्यादि सभी भारत के आम नागरिकों के द्वारा चुने जाते हैं. जिसके बाद सरकार का गठन होता है.

कार्यपालिका

कार्यपालिका का काम देश के नागरिकों के लिए बेहतर सुविधाओं को मुहैया कराने के लिए जो भी जरूरी कदम है उसको उठाना होता है. जैसे विधायिका के द्वारा बनाए गए कानून को सही तरीके से लागू करवाना.

विकास के संबंधी कामों को जमीन पर लागू करना. कानून व्यवस्था को बेहतर बनाना सरकार के द्वारा बनाए गए नीतियों को लागू करना.

देश के हित में विकास के कार्यों को गति देना, यह सभी काम कार्यपालिका का होता है. कार्यपालिका में सबसे प्रमुख आईएएस ऑफिसर होते हैं जो कि सरकार के बनाए गए जो भी जरूरी कानून होते हैं उसको सही तरीके से आम नागरिकों के लिए लागू करना होता है.

कार्यपालिका में आईएएस ऑफिसर, आईपीएस ऑफिसर के अलावा भी और कई तरह के निम्न स्तर के भी कर्मचारी होते हैं. जो सभी  मिलकर के कार्यपालिका को मजबूती प्रदान करते हैं.

कार्यपालिका का मतलब होता है सरकार के अधीन काम करने वाले जो भी कर्मचारी होते हैं वही कार्यपालिका के प्रमुख कार्य निष्पादन करने वाले पदाधिकारी होते हैं.

न्यायपालिका

भारत एक लोकतांत्रिक देश है जहां पर Loktantra के द्वारा शासन किया जाता है. भारत में शासन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कानून व्यवस्था को सही से पालन करवाने के लिए न्यायपालिका का स्थापना किया गया.

न्यायपालिका के द्वारा न्याय दिलाया जाता है. कोई भी आम नागरिक जिसको किसी भी प्रकार की असुविधा है, वह नागरिक न्यायपालिका से न्याय के लिए गुहार लगा सकते हैं.

भारत देश के हर एक नागरिक का अधिकार है कि वह अपने सुरक्षा अधिकार या अपने हक के लिए वह न्यायपालिका का सहारा लेने के लिए स्वतंत्र है.

न्यायपालिका का काम भारत के हर एक काम जो किसी कारण से सही तरीके से नहीं किया जा रहा है या कानून व्यवस्था को सही तरीके से लागू नहीं किया जा रहा है या किसी का कुछ भी हनन हो रहा है तो उसको देखने के लिए न्यायपालिका स्वतंत्र है.

भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था में न्यायपालिका को सबसे ऊपर रखा गया है. क्योंकि एक न्यायाधीश विधायिका के द्वारा बनाए गए कानून को भी यदि उसमें किसी भी प्रकार की संशोधन या कुछ भी उसमें बदलाव की जरूरत है, तो उसके लिए अपने स्तर से भी आदेश दे सकते हैं.

किसी भी प्रकार के घटना, दुर्घटना, मारपीट, चोरी डकैती या जमीन से संबंधित विवाद या किसी भी प्रकार के विवाद से संबंधित कामों का निपटारा न्यायपालिका के द्वारा ही किया जाता है.

पत्रकारिता

पत्रकारिता का महत्व भी बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण है. क्योंकि इस देश में कहां क्या हो रहा है इसके बारे में सही जानकारी लोगों को मुहैया कराना पत्रकारिता का ही सबसे महत्वपूर्ण काम है. पत्रकारिता पूरी तरह से स्वतंत्र होता है जो कहीं भी किसी भी तरह के खबर को सही तरीके से दिखाने के लिए जिम्मेदार होता है.

वर्तमान समय में पत्रकारिता प्रिंट मीडिया एवं डिजिटल मीडिया के द्वारा किया जा रहा है. दोनों का भूमिका देश के योगदान में सबसे महत्वपूर्ण होता है.

क्योंकि देश में कहां क्या हो रहा है, किस चीज की जरूरत है कहां किस तरह का काम किया जा रहा है, देश दुनिया में क्या चल रहा है, इन सभी चीजों के बारे में जानकारी रखना और लोगों को जानकारी देना पत्रकारिता का प्रमुख काम है.

सरकार के सभी नीतियों के बारे में जानकारी देना कार्यपालिका के द्वारा किए जा रहे कार्यों का आकलन करना न्यायपालिका के द्वारा दिए गए न्याय से संबंधित जानकारियों को इकट्ठा करना इन सभी तरह के जो भी काम होते हैं वह सभी काम पत्रकारिता के द्वारा ही किया जाता है.

एक पत्रकार स्वतंत्र होता है. पत्रकारिता का काम बहुत ही ईमानदारी पूर्ण होता है. इसीलिए पत्रकारिता को भारत का चौथा स्तंभ कहा गया है.

सारांश

Loktantra ke stambh. भारतीय लोकतंत्र के चार प्रमुख स्तंभ कौन-कौन से हैं के बारे में इस लेख में पूरी जानकारी दी गई है. फिर भी यदि Loktantra के चार प्रमुख स्तंभ से संबंधित किसी प्रकार के सवाल या सुझाव हो तो कृपया कमेंट बॉक्स में कमेंट करके जरूर पूछें.

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