मलिक मोहम्मद जायसी का जीवन परिचय

Malik Muhammad Jayasi in hindi मलिक मोहम्मद जायसी इन्होंने पद्मावत जैसे रचना करके भारतीय हिंदी साहित्य में अमर हो गए मलिक मोहम्मद जायसी एक मुस्लिम कवि होते हुए भी हिंदू धर्म में जितने देवी देवता है उन पर रचनाएं की है.

उन्होंने हिंदुओं की कहानियां हिंदू की भाषा पर अपनी रचना करके हिंदी भारतीय साहित्य में अपना एक अलग स्थान बना लिया.

इस लेख में मलिक मोहम्मद जायसी जीवनी के बारे में विस्‍तार से जानेंगे मलिक मोहम्मद जायसी का जन्म कहां हुआ और कब हुआ उनके साहित्यिक जीवन के बारे में  उनकी रचनाओं के बारे में आइए नीचे जानते हैं.

Malik Muhammad Jayasi biography in hindi

 मलिक मोहम्मद जायसी एक प्रेम मार्गी शाखा के बहुत ही महान कवि थे Malik Muhammad Jayasi के रचनाओं में प्रकृति का सौंदर्य या चीजों का वर्णन किया है उसका ऐसा वर्णन करते थे जैसे वह सारी चीजें जीवंत है जायसी एक सूफी संत थे.महाकवि विद्यापति ठाकुर का जीवन परिचय

पद्मावत उनकी सबसे प्रसिद्ध और महान रचना थी कहा जाता है कि मलिक मोहम्मद जायसी ने 20 ग्रंथों की रचना की थी लेकिन उनके 5 ग्रंथ ही पाए जाते हैं उनकी रचनाओं में उनकी अवधी भाषा अलंकार छंद का बहुत ही महत्व मिलता है मलिक मोहम्मद जायसी जो भी रचनाएं करते थे उनमें दोहा और चौपाई प्रधान रहते थे.

Malik Muhammad Jayasi in hindi

कहा जाता है कि जिस तरह मैथिली भाषा के सबसे बड़े कवि मैथिल कोकिल विद्यापति ठाकुर थे उसी तरह अवधी भाषा के मलिक मोहम्मद जायसी एक बहुत बड़े कवि थे.

Malik Muhammad Jayasi भक्ति काल के प्रमुख कवि थे यह निर्गुण प्रेमाश्रयी धारा के कवि माने जाते हैं मलिक मोहम्मद जायसी उच्च कोटि के सरल और उधार सूफी महात्मा माने जाते हैं.

मलिक मोहम्मद जायसी भक्ति काल के प्रेम मार्गी शाखा के प्रमुख कवि थे वह भले ही एक मुसलमान थे.

Malik Muhammad Jayasi के सबसे प्रसिद्ध रचना है पद्मावत जिसमें रानी पद्मावती के बारे में लिखा हुआ है इसमें रानी पद्मावती का प्रेम गाथा के बारे में लिखा हुआ हैं.

मलिक मोहम्मद जायसी का जन्म

Malik Muhammad Jayasi के जन्म के बारे में अनेक मत हैं किसी का कहना है की मलिक मोहम्मद जायसी का जान्‍म 1467  के आसपास माना जाता है

कुछ लोगों का कहना है 1492 ईसवी के लगभग इनका जन्म हुआ था इनका जान्‍म रायबरेली जिला के जायज स्थान पर हुआ था उन्होंने अपने एक दोहा में लिखा भी है जायस नगर मोर स्थानों इससे अनुमान लगाया जाता है

कि वह जायस के निवासी थे इसीलिए उन्हें जायसी कहा गया हैं. ऐसा माना जाता है कि मलिक मोहम्मद जायसी मलिक वंश के थे उनका पिता का नाम मोहम्मद था

इसी वजह से इनका नाम Malik Muhammad Jayasi था मलिक मोहम्मद जायसी के पिता जी का मृत्यु हो जाने के कारण इनका पढ़ाई नहीं हो सका.गोस्वामी तुलसीदासजी का जीवन परिचय

मलिक मोहम्मद जायसी का विवाह

Jayasi जब 7 वर्ष के थे तभी चेचक हो जाने के चलते उनका एक आंख और एक कान खराब हो गया था एक तो वह पहले से ही काले और कुरूप थे

लेकिन एक आंख और कान खराब हो जाने की वजह से वह और भी कुरूप दिखने लगे थे ऐसा माना जाता है कि मलिक मोहम्मद जायसी का विवाह हुआ था और उनके पुत्र भी थे लेकिन इनके पुत्रों का मृत्यु हो गया था.

इस वजह से Malik Muhammad Jayasi को वैराग्य भावना उत्पन्न हो गया ऐसा कहा जाता है कि एक बार वह शेरशाह के दरबार में गए तो वह देखकर हंसने लगे

क्योंकि मलिक मोहम्मद जायसी देखने बहुत ही कुरूप थे उस पर उन्होंने कहा कि  मोहि का हंसेसी कि कोहरही इस वजह से शेरशाह बहुत लज्जित हुए.

मलिक मोहम्मद जायसी का साहित्यिक जीवन 

Muhammad Jayasi निर्गुण प्रेमाश्रय धारा के कवि थे वह बहुत ही सरल उदार सूफी महात्मा थे मलिक मोहम्मद जायसी जायसी वंश के माने जाते हैं मलिक मोहम्मद जायसी की रचनाओं में  प्रेम गाथा होती थी

मलिक मोहम्मद जायसी रहस्यवादी कवि थे रहस्यवादी ही उनकी सबसे बड़ी विशेषता थी मलिक मोहम्मद जायसी की सबसे प्रसिद्ध रचना पद्मावत है पद्मावत में इन्होंने प्रेमगाथा का वर्णन बहुत अच्छे से किया है .

मलिक मोहम्मद जायसी का व्यक्तित्व

जायसी एक मुसलमान परिवार में जन्म लिए थे लेकिन वह हिंदू धर्म के देवताओं पर अपनी रचनाएं करते थे मलिक मोहम्मद जायसी की बचपन में चेचक हो जाने की वजह से चेहरे में बहुत ही दाग धब्बे थे

और एक आंख और एक कान उनका खराब हो गया था और उनके चेहरे का रंग भी एकदम काला था देखने में एकदम कुरूप दिखाई देते थे एक बार बादशाह शेरशाह ने जब मलिक मोहम्मद जायसी को देखा

तो उनके रंग रूप को देखकर बहुत ही हंसने लगा जिसके बाद मलिक मोहम्मद जायसी ने कहां की मोहि का हंसीसे किकोराहिं यह सुनकर बादशाह शेरशाह बहुत ही ज्यादा लज्जित हो गए

Malik Muhammad Jayasi की रचनाओं में विरह वर्णन बहुत ही मर्मस्पर्शी हुआ करते थे उन्होंने रानी पद्मावती के जीवन पर पद्मावत नाम का रचना किया था

जिनमें उन्होंने रत्नसिंह नाम के नायक और उनकी प्रियतमा पद्मावती के बारे में वर्णन किया था एक इतिहासकार के अनुसार जब अमेठी के राजा ने पद्मावत के बारे में चर्चाएं सुना

जब उन्हें पता लगा कि पद्मावत किस व्यक्ति ने लिखा है तो उन्होंने मलिक मोहम्मद जायसी को अपने दरबार में बुलाया मलिक मोहम्मद जायसी एक सूफी संत थे

इसलिए अमेठी के राजा ने उन्हें बहुत ही सम्मान पूर्वक और मंगरा के वन में रहने के लिए उन्हें जो भी व्यवस्था थी करवा दिया ऐसी मान्यता है कि राजा राम सिंह को Malik Muhammad Jayasi के आशिर्वाद से 2 पुत्र प्राप्त हुए थे

उनकी इसी ख्याति की वजह से आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने जायसी को मध्य काल के प्रमुख कवि के रूप में सम्मान दिया है.

मलिक मोहम्मद जायसी की रचनाएं

Muhammad Jayasi की रचनाओं में अलंकार छंद आदि का महत्व होता था उनकी भाषा अवधी थी उनकी रचनाओं में बोलचाल की भाषा और लोक भाषा का वर्णन बहुत अच्छे से दिखाई देता है

उन्होंने अपनी रचनाओं में अलंकार का भी प्रयोग किया है .मलिक मोहम्मद जायसी की रचनाओं में दोहा और चौपाई की प्रधानता है पद्मावत में इन्होंने चित्तौड़ के राजा रतन सिंह और सिंहलदीप की राजकुमारी पद्मावती के प्रेम गाथा के बारे में वर्णन किया है .कबीर दास का जीवन सफर

मलिक मोहम्मद जायसी की प्रमुख रचनाएं

  • पद्मावत
  • अखरावट
  • आखिरी कलाम
  • चित्रलेखा

यह सभी रचनाएं मलिक मोहम्मद जायसी के प्रसिद्धि का कारण है और अक्षय कीर्ति का आधार भी है यह सभी रचनाएं उच्च कोटि की और सर्वश्रेष्ठ है उन्होंने अपनी रचनाओं में अलंकार का प्रयोग बहुत अच्छे से किया हैं.

मलिक मोहम्मद जायसी की मृत्यु 

Malik Muhammad Jayasi भक्ति काल के प्रसिद्ध कवि थे यह जन्म से भले ही मुसलमान थे लेकिन इन्होंने हिंदू कथा और हिंदू भाषाओं को ही आधार बनाकर अपनी रचना की है.

इनके कुछ प्रिय मित्र भी थे जैसे कि युसूफ मलिक सलार कादिम सलोने मियां और बड़े सेख ऐसा कहा जाता है कि बाद में मलिक मोहम्मद जायसी अमेठी में ही रहने लगे थे अमेठी के राजा के पुत्र हुआ था

मलिक मोहम्मद जायसी के कहने पर ही हुआ था इस वजह से अमेठी राजवंश में उनकी बहुत मान सम्मान होती थी इसीलिए वह अमेठी में ही रहने लगे थे.

अमेठी से दूर एक वन में साधना करने लगे थे किसी ने गोली मार दिया था ऐसा कहा जाता है कि शेर की आवाज जानकार किसी ने इन्हें गोली मारा था जिससे कि मलिक मोहम्मद जायसी की मृत्यु हो गई

Malik Muhammad Jayasi की मृत्यु 1542 ईसवी के आसपास मानी जाती है भक्ति काल के कवियों में Malik Muhammad Jayasi का एक अलग स्थान था.सूरदास कौन थे

सारांश 

मलिक मोहम्मद जायसी की सबसे प्रसिद्ध और महान रचना पद्मावत अखरावट चित्रलेखा आखरी कालाम थी जो कि बहुत ही प्रसिद्ध महाकाव्य है

मलिक मोहम्मद जायसी एक बहुत ही प्रसिद्ध कवि सरल और उदार सूफी संत थे इस लेख में मलिक मोहम्मद जायसी के बारे में पूरी जानकारी दी गई है जैसे कि उनके जन्म कहां हुआ उनका जन्म कब हुआ

Malik Muhammad Jayasi की शिक्षा कैसे प्राप्त हुई थी उनका विवाह किससे हुआ था उनका व्यक्तित्व कैसा था जायसी की कौन-कौन सी प्रसिद्ध रचनाएं है

इस लेख में हमने भक्ति काल के प्रमुख कवि मलिक मोहम्मद जायसी के बारे में पूरी दी गई जानकारी  आप लोगों को अच्छा लगा हो तो अपना राय कमेंट करके जरूर दें और जितना हो सके शेयर भी करें.

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