एमसीए क्‍या हैं, सिलेबस फायदें | What is MCA in hindi

MCA kya hai आज के समय में हर एक कार्य कंप्यूटर के माध्यम से किया जा रहा है. इसलिए हर एक छात्र कंप्यूटर से जुड़े कोर्स करना चाहते हैं ताकि आगे चलकर कंप्यूटर साइंस, आईटी सेक्टर आदि के क्षेत्र में अपना कैरियर बना सके. जो छात्र ग्रेजुएशन के बाद आईटी सेक्टर से जुड़े कोर्स करना चाहते हैं उनके लिए MCA एक बेहतर कोर्स होता है. 

MCA मास्टर लेवल का कोर्स है जिसमें कंप्यूटर हार्डवेयर, नेटवर्किंग, सॉफ्टवेयर, प्रोग्रामिंग आदि की जानकारी विस्तार से दी जाती है. अक्सर इंटरनेट पर MCA से जुड़े हर एक सवाल सर्च किए जाते हैं 

तो इस लेख में MCA करने के लिए क्या योग्यता होनी चाहिए MCA कितने साल का कोर्स है, इस कोर्स को करने के बाद किस क्षेत्र में जॉब प्राप्त कर सकते हैं, इस कोर्स में कौन-कौन से सब्जेक्ट लिए जा सकते हैं के बारे में आइए नीचे विस्तार से जानते हैं.कैट क्या है कैट एग्‍जाम सब्‍जेक्‍ट,फी,योग्‍यता एवं पैटर्न

MCA kya hai 

MCA एक मास्टर डिग्री कोर्स है जिसको ग्रेजुएशन पास करने के बाद किया जाता है. यह एक टेक्नोलॉजी कोर्स है.इस कोर्स में आईटी सेक्टर, नेटवर्किंग, सॉफ्टवेयर, प्रोग्रामिंग, लैंग्वेज आदि के बारे में जानकारी दी जाती है.

आज के हर एक युवा जब ग्रेजुएशन पास कर लेते हैं उसके बाद सबसे पहला चुनाव उनका कंप्यूटर के क्षेत्र में किसी भी कोर्स का होता है. MCA कोर्स करने के बाद कंप्यूटर के क्षेत्र में हर एक परेशानी को सॉल्व कर सकते हैं.

MCA kya hai

इस कोर्स को करने के बाद सॉफ्टवेयर डेवलप कर सकते हैं.MCA कोर्स करने के बाद कंप्यूटर के क्षेत्र में एक मास्टर के रूप में पूरी तरह से तैयार हो जाते हैं. 

कंप्यूटर के हर एक प्रोग्राम, भाषा, सॉफ्टवेयर, हार्डवेयर आदि के बारे में पूर्ण रूप से जानकारी हो जाता है. यह कोर्स करने वाले छात्र कंप्यूटर के एक्सपर्ट बन जाते हैं. इसके बाद नौकरी के लिए भी कई ऑप्शन मिलने लगते हैं.बीकॉम के बाद क्या करें 

MCA ka full form

यह एक पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्स MCA का फुल फॉर्म मास्टर आफ कंप्यूटर एप्लीकेशन होता है. जिसे हिंदी में कंप्यूटर एप्लीकेशन में स्नातकोत्तर कहा जाता है. इस कोर्स के नाम से ही पता चलता है की कंप्यूटर एप्लीकेशन के मास्टर बनने के लिए कंप्यूटर में एक्सपर्ट बनने के लिए इस कोर्स को किया जाता है.नीट का फुल फॉर्म क्या होता हैं

MCA के लिए योग्यता

यह कोर्स ग्रेजुएशन करने के बाद किया जाता है MCA कोर्स के लिए जब भी कोई छात्र किसी कॉलेज में एडमिशन लेने के लिए जाते हैं तो कॉलेज उस स्टूडेंट में कुछ योग्यता जरूर ढूंढती है.

  • MCA करने के लिए सबसे पहले किसी भी मान्यता प्राप्त कॉलेज यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन पास होना जरूरी है.
  • ग्रेजुएशन बीसीए, बीएससी, बीकॉम या बीए से कम से कम 50 परसेंट मार्क्स के साथ ग्रेजुएट होना आवश्यक है.
  • इसमें भी जो आरक्षण कोटे से आते हैं उनके लिए कुछ छूट दी जाती है.
  • इस कोर्स में एडमिशन लेने के लिए मैथ सब्जेक्ट का होना सबसे आवश्यक है.
  • C, C++ java, .net, एसक्यूएल सर्वर, लिनक्स, पीएचपी, एचटीएमएल आदि की जानकारी होनी आवश्यक है.
  • कंप्यूटर के बारे में पूरी तरह से जानकारी रहेगी तभी इस कोर्स को करने में ज्यादा आसानी होगी.
  • वैसे तो किसी भी सब्जेक्ट से ग्रेजुएशन किये हो तो MCA में एडमिशन मिल जाता है लेकिन कई ऐसे कॉलेज हैं जिनमें बीटेक बीसीए आदि कंप्यूटर से स्नातक किए हैं तो बहुत ही आसानी से एडमिशन मिल जाता है.
  • English भाषा की अच्‍छी जानकारी होनी चाहिए.

MCA कोर्स कितने साल का होता है

इस कोर्स की अवधि 3 साल होती है. MCA कोर्स में 6 सेमेस्टर होते हैं. हर 1 साल में 2 सेमेस्टर पूरे किए जाते हैं.पीएचडी का फुल फॉर्म क्या होता हैं

MCA कोर्स सिलेबस

इस कोर्स का ड्यूरेशन 3 साल का होता है हर 1 साल में 2 सेमेस्टर होते हैं. जिनमें कई विषय है जो कि स्टूडेंट के लिए आवश्यक होते हैं. MCA कोर्स में एडमिशन लेना चाहते हैं कौन सा सब्जेक्ट आवश्यक है के बारे में जानकारी नहीं है तो यहां पर हर सब्जेक्ट के बारे में पूरी जानकारी दी गई है. एमबीए का फुल फॉर्म क्या होता हैं

MCA कोर्स First Year सिलेबस

First Year Syllabus

First Semester

Second Semester

Fundamentals of Computer organization

Infosystem Analysis Design and fundamentals 

Mathematical Foundation

Oral and Wireless Communication

Web technology

Operating system

Elements of basic communication

Probability and Combinatorics

Data and File Structure

Business program lab

Data and File Structure

UNIX and windows lab

MCA कोर्स 2nd year सिलेबस

2nd Year Syllabus

First Semester

Second Semester

Computer Communication Network

Network Programming 

Statistical Computing

Organization Behavior 

Management Support System

Network Lab

Database Management Systems

CASE Tools Lab

Object oriented Analysis and Design

Software Engineering 1

DBMS Lab

Elective 1 And 2

MCA 3rd Year सिलेबस

3rd Year Syllabus

First Semester

Second Semester

Optimisation techniques

Project

Software engineering 2

Seminar

industrial project

All and application lab

Elective 3

Elective 4

एमसीए कैसे करें

इस कोर्स को करने के लिए किसी भी स्टूडेंट के लिए दो तरीके हैं एक किसी भी प्राइवेट MCA कॉलेज से यह कोर्स कर सकते हैं और दूसरा ऑप्शन किसी भी गवर्नमेंट कॉलेज से इस कोर्स को किया जा सकता है.

पहला ऑप्शन

अगर किसी प्राइवेट संस्थान से MCA का कोर्स करना चाहते हैं तो उसमें किसी भी कॉलेज में ग्रेजुएशन में मिले नंबर के आधार पर मेरिट बेस पर डायरेक्ट एडमिशन मिल सकता है. लेकिन प्राइवेट कॉलेज में फीस बहुत ही ज्यादा लगता है. 

कई ऐसे भी कॉलेज हैं जो कि एंट्रेंस एग्जाम पास करने के बाद एडमिशन देते हैं तो किसी भी कॉलेज या यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेने से पहले वहां का रूल रेगुलेशन एडमिशन लेने के तरीके के बारे में पूरी तरह से जानकारी प्राप्त कर लें. उसके बाद ही एडमिशन कराएं तो ज्यादा बेहतर होता है.

किसी भी प्राइवेट कॉलेज में अगर एडमिशन ले रहे हैं तो सबसे पहले उस कॉलेज के बारे में पूरी तरह से जानकारी रखना चाहिए कि वह मान्यता प्राप्त कॉलेज है या नहीं अगर किसी मान्यता प्राप्त कॉलेज यूनिवर्सिटी से MCA करते हैं

तो आगे चलकर नौकरी के लिए आसानी हो जाता है क्योंकि कई ऐसी कंपनी है जिनमें किसी भी मान्यता प्राप्त कॉलेज से कोर्स करने के बाद ही अपने कंपनी में जॉब देते हैं.

दूसरा ऑप्शन

इस कोर्स में एडमिशन लेने के लिए दूसरा ऑप्शन गवर्नमेंट कॉलेज है. गवर्नमेंट कॉलेज से MCA में एडमिशन लेने के लिए पहले एंट्रेंस एग्जाम पास करना पड़ता है.

अगर उस एग्जाम में अच्छे नंबर आते हैं मेरिट लिस्ट बनता है तो एडमिशन मिल जाता है. गवर्नमेंट कॉलेज में एडमिशन लेने का सबसे बड़ा फायदा है कि प्राइवेट कॉलेज से फीस का खर्चा कम लगता है.पीएचडी का फुल फॉर्म क्‍या होता हैं

MCA एंट्रेंस एग्जाम

भारत में कई बड़े-बड़े कॉलेज यूनिवर्सिटी है जहां पर एमसी में एडमिशन होता है. इस कोर्स को करने के लिए एंट्रेंस एग्जाम पहले लिया जाता है. अगर उस एग्जाम में पास कर जाते हैं तभी उस कॉलेज में एडमिशन मिल सकता है तो इस कोर्स में एडमिशन लेने के लिए कई एंट्रेंस एग्जाम है

  • जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी
  • ज्वाइंट एंटरेंस फॉर मास्टर ऑफ कंप्यूटर एग्जामिनेशन
  • एनआईटी MCA कॉमन एंट्रेंस टेस्ट
  • बनारस हिंदू विश्वविद्यालय पोस्टग्रेजुएट एंट्रेंस एग्जाम
  • महाराष्ट्र मास्टर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन कॉमन एंट्रेंस टेस्ट
  • पुणे यूनिवर्सिटी MCA एंटरेंस एक्जाम
  • बिरला इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी 
  • मेसरा MCA ऐडमिशन टेस्ट
  • इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी कॉमन एंट्रेंस टेस्ट
  • नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी MCA कॉमन एंट्रेंस टेस्ट
  • लखनऊ यूनिवर्सिटी कंप्यूटर साइंस एडमिशन टेस्ट. एमए का फुल फॉर्म क्या होता हैं

MCA में क्या पढ़ाया जाता है

इस कोर्स को करने के लिए सबसे पहले यह जानकारी रखना आवश्यक है इसमें कौन-कौन से सब्जेक्ट के बारे में किस चीज के बारे में पढ़ाया जाता है तो इस कोर्स को करने में और ही ज्यादा आसानी हो सकती है. MCA में कंप्यूटर से संबंधित जितने भी जानकारियां होती है उसको विस्तृत रूप से एक-एक करके पढ़ाया जाता है. जैसे कि 

  • प्रोग्रामिंग 
  • लैंग्वेज 
  • हार्डवेयर 
  • सॉफ्टवेयर 
  • नेटवर्किंग 
  • कंप्यूटर एप्लीकेशन 
  • इंटरनेट वर्किंग 
  • सिस्टम डेवलपमेंट 
  • मैनेजमेंट आदि.

MCA कोर्स फीस

हर एक कॉलेज की अलग-अलग फीस होती है. किसी भी कॉलेज में एडमिशन लेने से पहले उस कॉलेज में कितना फीस है आपके बजट के अनुसार है कि नहीं कि बारे में जानकारी लेने के बाद ही अगर एडमिशन ले तो ज्यादा बेहतर होता है. लेकिन एक अनुमानित तौर पर MCA कोर्स करने के लिए 30-40 हजार से लेकर ढाई तीन लाख तक फीस लग सकता है.

अगर किसी गवर्नमेंट कॉलेज में एडमिशन कराते हैं एंट्रेंस एग्जाम पास करने के बाद बहुत ही कम पैसों में एडमिशन ले करके इस कोर्स को पूरा कर सकते हैं. वहीं अगर प्राइवेट कॉलेज से इस कोर्स को करते हैं तो गवर्नमेंट कॉलेज के मुकाबले ज्यादा फीस लगता है लेकिन प्राइवेट कॉलेज में डायरेक्ट एडमिशन मिल सकता है. आईटीआई का फूल फॉर्म क्‍या होता हैं

MCA कोर्स के लिए टॉप कॉलेज

भारत में कई ऐसे टॉप प्राइवेट और गवर्नमेंट कॉलेज है जहां से MCA का कोर्स कर सकते हैं.

एमसीए कोर्स के लिए टॉप कॉलेज

जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) दिल्ली

दिल्ली यूनिवर्सिटी

नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी तेलंंगाना

प्रेसीडेंसी कॉलेज कर्नाटक

नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी केरला 

जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी न्यू दिल्ली 

एचबीटीयू कानपुर

माधव यूनिवर्सिटी राजस्थान

चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी 

आईटीएम यूनिवर्सिटी मध्य प्रदेश

क्राइस्ट यूनिवर्सिटी बैंगलोर

बनारस हिंदू विश्वविद्यालय

कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग त्रिवेंद्रम 

पटना वूमेंस कॉलेज

MCA करने के फायदे

इस कोर्स को करने के बाद हर एक छात्र को कंप्यूटर के क्षेत्र में मास्टर के रूप में जाना जा सकता है. इस पोस्ट ग्रेजुएशन को करने के बाद कंप्यूटर एक्सपर्ट बन जाते हैं. इसके साथ ही इस कोर्स करने के कई बड़े बड़े फायदे हैं.

  • इस कोर्स को करने के बाद कंप्यूटर के हर एक पार्ट्स के बारे में हर एक क्षेत्र के बारे में पूरी जानकारी हो जाती है. जैसे कि प्रोग्रामिंग कंप्यूटर नेटवर्क लैंग्वेज आर्किटेक्चर सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट आदि.
  • कई बड़ी-बड़ी कंपनियों में जॉब कर सकते हैं
  • एक प्रोग्रामर के रूप में कार्य करके अच्छी सैलरी कमा सकते हैं.
  • सॉफ्टवेयर डेवलपर बन कर बड़ी-बड़ी कंपनियों में एक सम्मानित नौकरी कर सकते हैं.
  • इंटरनेट के एक्सपर्ट बन जाएंगे.
  • प्राइवेट के साथ-साथ कई सरकारी कंपनियों में भी नौकरी प्राप्त कर सकते हैं.
  • अगर चाहे तो सरकारी है या प्राइवेट स्कूल में नौकरी कर सकते हैं.
  • बैंकिंग सेक्टर में जॉब कर सकते हैं.
  • MCA का कोर्स करने के बाद डाटा स्ट्रक्चर का नॉलेज हो जाता है.
  • जो भी लेटेस्ट टेक्नोलॉजी का विकास हो रहा है इसके बारे में पूरी तरह से परिचित हो जाते हैं.
  • कम्युनिकेशन स्किल बहुत ही स्ट्रांग हो जाते हैं.
  • अपनी खुद की कंपनी खेलकर सॉफ्टवेयर डेवलप कर सकते हैं.
  • किसी कोचिंग सेंटर में कंप्‍यूटर टीचर के रूप में छात्रों को कंप्‍यूटर सिखा सकते हैं.बीकॉम का फुल फॉर्म क्‍या होता हैं

MCA कोर्स करने के बाद जॉब अपॉर्चुनिटी

आज के समय में हर बड़ी बड़ी कंपनी या छोटी भी जो कंपनी है वह अपने यहां पर ऐसे एंप्लॉई को हायर करना चाहती है जिन्हें कंप्यूटर का ज्ञान हो कंप्यूटर से रिलेटेड कोई कोर्स किए हो क्‍योंकि हर एक कार्य चाहे सरकारी कंपनी हो प्राइवेट कंपनी हो हर जगह हर एक कार्य को कंप्यूटर के माध्यम से ही किया जा रहा है.

MCA कोर्स करने के बाद प्राइवेट सेक्टर या गवर्नमेंट सेक्टर में कई तरह के जॉब अपॉर्चुनिटी हो सकते हैं. कई बेहतर से बेहतर नौकरी प्राप्त कर सकते हैं.एलएलबी का फुल फॉर्म क्या होता हैं

  • सॉफ्टवेयर डेवलपर
  • बिजनेस एनालिस्ट
  • डाटा साइंटिस्ट 
  • टेक्निकल राइटर 
  • प्रोग्राम और कंप्यूटर ऑपरेटर 
  • कंप्यूटर टीचर 
  • असिस्टेंट प्रोफेसर 
  • वेब डिजाइनर
  • हार्डवेयर इंजीनियर 
  • इंटरनेट एक्सपोर्ट 
  • डेटाबेस मैनेजर 
  • सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन आर्किटेक्ट

MCA करने के बाद जॉब क्षेत्र

कंप्यूटर टेक्नोलॉजी की मांग हर क्षेत्र में हो गया है. हर जगह इंटरनेट के माध्यम से टेक्नोलॉजी के माध्यम से बड़े से बड़े और छोटे छोटे कार्य को किए जा रहे हैं. अगर किसी कंपनी मेंभी नौकरी करने जाते हैं वहां पर हर एक एप्‍लॉई के बारे में जानकारी कंप्यूटर के माध्यम से ही रखा जाता है तो MCA करने के बाद कई क्षेत्र में नौकरी कर सकते हैं. बीबीए का फुल फॉर्म क्या होता हैं

  • डिजिटल मार्केटिंग
  • बैंकिंग
  • प्राइवेट या गवर्नमेंट स्कूल
  • स्टॉक एक्सचेंज
  • सर्विलांस कंपनी
  • ई-कॉमर्स
  • आईटी सेक्टर
  • सॉफ्टवेयर डेवलपर कंपनी
  • साइबर सिक्योरिटी 
  • टेक्निकल राइटर
  • वेब डेवलपिंग कंपनी
  • हार्डवेयर इंजीनियर
  • सरकारी मंत्रालय
  • टीम लीडर आईटी
  • सफ्वेयर प्रोग्रामर
  • प्रोजेक्‍ट मैनेजर

MCA करने के बाद सैलरी

कई छात्र ऐसे भी है जो जानना चाहते हैं किस कोर्स करने के बाद किस तरह के सैलरी मिल सकते हैं तो अगर MCA कोर्स करते हैं अगर किसी कंपनी में जॉब करते हैं तो उस कंपनी में किस तरह का आपका रोल है कौन से पद पर कार्य कर रहे हैं उसके अनुसार सैलरी फिक्स होता है. 

अगर किसी बड़े बड़ी कंपनी जैसे कि फ्लिपकार्ट अमेजॉन माइक्रोसॉफ्ट गूगल आदि कंपनी में नौकरी करते हैं तो ज्यादा से ज्यादा सैलरी मिल सकता है. किसी भी कंपनी में 40 से 50 हजार शुरुआती दौर में नौकरी मिल सकता है और जैसे-जैसे आपका अनुभव बढ़ता जाएगा उसके अनुसार सैलरी में भी बढ़ोतरी होने लगती है.

तो किसी भी कंपनी में अनुभव एक्सपीरियंस और काम करने के तौर-तरीकों के अनुसार ही सैलरी में बढ़ोतरी होती है.

निष्कर्ष

MCA kya hai  इस कोर्स में MCA क्या है और एमसीए से जुड़े हर एक जानकारी के बारे में बताया गया है. लेख से अगर किसी भी तरह का सवाल है या सुझाव है तो कमेंट करके जरूर बताएं.

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