PAN ka Full Form – पैन कार्ड का फुल फॉर्म क्या होता हैं

पैन कार्ड का फुल फॉर्म क्या होता हैं पैन कार्ड क्या होता हैं Pan ka full form के बारे में इंफॉर्मेशन रखना सबके लिए आवश्यक हैं

क्योंकि जब भी किसी भी तरह का कोई ऑफिशियल बैंक में या कोई भी काम होता हैं तो वहां पर पैन कार्ड बहुत जरूरी होता हैं बिना पैन कार्ड का कोई भी काम नहीं हो सकता हैं विश्व में जितने भी देश हैं उन देशों के हर एक व्यक्ति को पहचानने के लिए पहचान पत्र जरूरी हैं तभी पता चल सकता हैं कि किस देश का नागरिक हैं

तो आइए इस लेख में पैन कार्ड का फुल फॉर्म क्या होता हैं पैन कार्ड क्या हैं पैन कार्ड का इस्तेमाल किस-किस कामों के लिए किया जाता हैं, के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त करते हैं.

Pan ka full form

जब भी हम किसी बैंक से जुड़े कामों को करने जाते हैं या किसी को इनकम टैक्स भरना हैं तो वहां पर बिना पैन कार्ड का कोई भी कार्य नहीं हो सकता हैं वैसे हर देश का अपना अपना एक अलग अलग पहचान पत्र होता हैं जिससे पता चलता हैं कि वह व्यक्ति किस देश का मूल निवासी हैं

जैसे कि आधार कार्ड पैन कार्ड वोटर आईडी कार्ड ड्राइविंग लाइसेंस इन सारे पहचान पत्रों से किसी भी व्यक्ति के नागरिकता उसका नाम के बारे में बहुत ही आसानी से पता चल जाता हैं.

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जिससे उस व्यक्ति का पहचान किया जा सकता हैं जिस तरह पहले किसी व्यक्ति की पहचान करने के लिए वोटर आईडी कार्ड होता था आधार कार्ड होता हैं उसी तरह पैन कार्ड भी किसी भी व्यक्ति का एक सबसे महत्वपूर्ण पहचान पत्र होता हैं पैन कार्ड एक दस्तावेज की तरह होता हैं.

जिस पर कि किसी भी तरह का फाइनेंसियल स्टेटस को दिखाया जाता हैं इसलिए पैन कार्ड का फुल फॉर्म यानी कि पैन कार्ड का पुरा नाम जानना भी जरूरी हैं.

पैन कार्ड का अहमियत किसी भी व्यक्ति के लिए बहुत ही ज्यादा हैं. pan ka full form :- permanent account number होता हैं बिना पैन कार्ड के बैंक में किसी भी तरह का फिनेंशियल ट्रांजैक्शन या खाता खुलवाना हो या कोई भी काम हो वह नहीं हो सकता हैं.,

Pan card ka full form 

पैन कार्ड का नाम हर व्यक्ति के से सुनते हैं यह एक बहुत ही प्रचलित नाम हो गया हैं किसी भी तरह का सरकारी कोई भी काम करने के लिए पैन कार्ड का जरूरत होता हैं क्योंकि पैन कार्ड से ही किसी भी व्यक्ति का नागरिकता को पहचान सकते हैं.

अगर किसी दूसरे देश में जाना हो तो पैन कार्ड से ही उस व्यक्ति को पहचान सकते हैं कि वह किस देश का मूल नागरिक हैं. पैन कार्ड का फुल फॉर्म परमानेंट अकाउंट नंबर होता हैं इसको हिंदी में स्थाई खाता संख्या कहा जाता हैं.

  • P:-Permanent:- स्थाई
  • A:-Account :- खाता
  • N:-Number :- संख्या

Pan card kya hai 

पैन कार्ड आयकर विभाग के द्वारा जारी किया गया एक लैमिनेटेड कार्ड होता हैं जिस पर कि 10 अंकों का अल्फान्यूमैरिक संख्या होते हैं उसी से किसी भी व्यक्ति का नागरिकता को पहचान किया जाता हैं पैन कार्ड पर शुरू के जो 5 संख्या होते हैं वह कैरेक्टर में होते हैं तथा चार संख्या अंको में होता हैं और लास्ट में जो एक संख्या होता हैं वह भी कैरेक्टर में ही होता हैं.

पैन कार्ड का जो सबसे जरूरी हैं और मुख्य काम हैं जिसके लिए पैन कार्ड शुरू किया गया वह इनकम टैक्स भरने का होता हैं क्योंकि पहले लोग इनकम टैक्स नहीं भरते थे इसीलिए इसमें कई तरह के घोटाले होने की वजह से पैन कार्ड इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की तरफ से जारी किया गया लेकिन जो इनकम टैक्स भरते हैं और जो नहीं भरते हैं उनके लिए भी पैन कार्ड आजकल आवश्यक हो गया हैं

क्‍योंकि बिना पैन कार्ड के किसी को अगर पासपोर्ट बनवाना हैं तो नहीं बनवा सकता हैं बैंक से संबंधित कोई भी कार्य करना हैं तो पैन कार्ड जरूरी हैं इस तरह बहुत सारे ऐसे कार्य हैं

जहां पर की किसी भी व्यक्ति की आइडेंटिटी के रूप में पैन कार्ड का होना जरूरी होता हैं नहीं तो आजकल हर कामों में धोखाधड़ी और घोटाले हो रहे हैं. पैन कार्ड एक तरह का किसी भी व्यक्ति का नागरिकता हैं उसका पहचान पत्र हैं.

पैन कार्ड क्यों जरूरी हैं 

वर्तमान समय में पैन कार्ड का फुल फॉर्म यानी कि परमानेंट अकाउंट नंबर हर किसी के लिए एक बहुत ही जरूरी दस्तावेज के रूप में साबित हुआ हैं क्योंकि पैन कार्ड के नहीं रहने से कई परेशानियों का सामना किसी भी व्यक्ति को करना पड़ेगा क्योंकि इसका इस्तेमाल हर कामों में काफी जगह पर होता हैं.

पैन कार्ड जिस व्यक्ति के नाम से बनता हैं उसका सिग्नेचर उस व्यक्ति का फोटो नाम आदि पहचान के रूप में रहता हैं इसलिए किसी भी जगह आईडेंटिटी के लिए पहचान के लिए उस व्यक्ति का पहचान पत्र जरूरी होता हैं.

  • पैन कार्ड का सबसे ज्यादा जरूरत इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के समय होता हैं इनकम टैक्स भरने के लिए पैन कार्ड का होना बहुत आवश्यक हैं.
  • किसी भी बैंक में अकाउंट खुलवाने के लिए या बैंक से संबंधित किसी भी कार्य को करने के लिए पैन कार्ड बहुत जरूरी हैं.
  • अगर किसी को 5 लाख से ज्यादा के ज्वेलरी खरीदना हो या 5 लाख से ज्यादा की कीमत का गाड़ी खरीदना हो तो वहां पर अपने पैन कार्ड का डिटेल देना जरूरी होता हैं.
  • अगर किसी व्यक्ति को टेलीफोन कनेक्शन लेना हो मोबाइल सीम खरीदना हो तो वहां पर भी पैन कार्ड का जरूरत होता हैं.
  • किसी भी तरह के इंश्योरेंस पॉलिसी करने के लिए पैन कार्ड का आवश्यकता हैं.
  • अगर किसी को पोस्ट ऑफिस में सेविंग अकाउंट खुलवाना हो या क्रेडिट कार्ड डेबिट कार्ड का आवेदन देना हो तो वहां पर भी पैन कार्ड का जरूरत होता हैं किसी भी होटल में जाने पर वहां रूम लेने के लिए पहले पैन कार्ड दिखाकर अपना पहचान देना पड़ता हैं.

पैन कार्ड का क्या लाभ हैं

पहले लोग किसी भी कार्य को करने के लिए अपना पहचान गलत बता देते थे कई गलत गलत काम करके दूसरे लोगों को परेशानी में डाल देते थे तो इन सारे परेशानियों से बचने के लिए इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की तरफ से एक लेमिनेटेड कार्ड जारी किया गया जिसको पैन कार्ड कहा जाता हैं तो पैन कार्ड का सबसे ज्यादा लाभ हैं यह हैं कि इनकम टैक्स में टैक्स की परेशानियों से बचा जा सकता हैं.

पहले कई ऐसे व्यक्ति होते थे जो कि टैक्स नहीं भरते थे जिससे कि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को किसी भी व्यक्ति के इनकम के बारे में उसके आय के बारे में पता नहीं चल पाता था लेकिन पैन कार्ड के जारी होने से इन सारी बातों का पता चल जाता हैं. कहीं पर भी अपने आईडेंटिटी प्रूफ के लिए पैन कार्ड दिखा करके कोई भी कार्य बहुत ही आसानी से किया जा सकता हैं.

पैन कार्ड भारत सरकार के द्वारा जारी किया गया कार्ड हैं जो कि हर जगह मान्‍य रहता हैं चाहे वह सरकारी ऑफिस हो या प्राइवेट ऑफिस हो या बस हो ट्रेन हो बैंक हो कहीं पर भी आईडेंटिटी के तौर पर दिखाया जा सकता हैं.

आयकर विभाग के किसी भी तरह की गड़बड़ी से बचने में पैन कार्ड बहुत सहायक होता हैं अगर किसी व्यक्ति को घर खरीदना हैं किसी भी तरह का प्रॉपर्टी खरीदना हैं तो वहां पैन कार्ड का जरूरत होता हैं.

पैन कार्ड कब शुरू किया गया

इनकम टैक्स से जुड़े कई कामों के लिए तो पैन कार्ड का जरूरत होता ही हैं साथ ही साथ कई छोटे-बड़े कार्य होते हैं जिसमें जैसे की रेल टिकट नया सिम कार्ड लेना हो कहीं नौकरी करना हो बैंक से संबंधित कोई कार्य करना हो तो वहां पैन कार्ड का जरूरत होता हैं.

पैन कार्ड 1 जुलाई 2016 से सबके लिए बनाने का नियम लागू किया गया जिसके पास पैन कार्ड नहीं रहता हैं वह बैंक में खाता नहीं खुला सकता हैं या बैंक से संबंधित कोई भी कार्य करना हो तो pan ka full form यानी कि परमानेंट अकाउंट नंबर के बिना नहीं कर सकता हैं.

पैन कार्ड का नंबर का मतलब क्या होता हैं

पैन कार्ड पर जो शुरू में तीन डिजिट अंग्रेजी के होते हैं उसे आयकर विभाग के द्वारा जारी किया जाता हैं और चौथा जो अंग्रेजी के ही डिजिट होते हैं उससे किसी भी व्यक्ति के स्टेटस के बारे में पता किया जाता हैं कि वह पैन कार्ड किस तरह का व्यक्ति बना रहा हैं वह हिंदू हैं किसी ट्रस्ट से जुड़ा हुआ हैं.

किसी गवर्नमेंट जॉब में हैं एकल हैं किसी कंपनी से जुड़ा हुआ हैं इस तरह का इंफॉर्मेशन पता चलता हैं और जो पांचवा अंग्रेजी का लेटर होता हैं उससे उस व्यक्ति के सरनेम के हिसाब से लिखा रहता हैं पांचवा लेटर से उस कार्ड धारक का सरनेम का पता चलता हैं

इसके बाद 4 डिजिट नंबर होते हैं वो इनकम टैक्स डिपार्टमेंट द्वारा होता हैं और लास्ट में जो एक नंबर अंग्रेजी का अल्फाबेट नंबर होता हैं वह अल्फाबेट चेक  डिजिट होता हैं इस तरह आयकर विभाग द्वारा जारी किया यह एक परिचय पत्र पहचान पत्र होता हैं जो कि वित्तीय दस्तावेजों का लेनदेन में बहुत महत्वपूर्ण होता हैं.

सारांश

पैन कार्ड एक किसी भी व्यक्ति का आइडेंटिटी प्रूफ हैं कि किस देश का मूल निवासी हैं उसके बारे में बताता हैं पैन कार्ड एक किसी भी व्यक्ति का नागरिकता हैं जो की इनकम टैक्स भरने के लिए बैंक से संबंधित कार्यों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण होता हैं.

इस लेख में पैन कार्ड का फुल फॉर्म क्या होता हैं पैन कार्ड क्यों जरूरी हैं पैन कार्ड क्या होता हैं पैन कार्ड का आवश्यकता किस-किस कामों में होता हैं इसके बारे में पूरी जानकारी दी गई हैं फिर भी अगर pan ka full form से संबंधित कोई सवाल मन में हैं तो कृपया कमेंट करके जरूर पूछें और इस जानकारी को अपने दोस्त मित्रों को शेयर जरूर करें.

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