मनोविज्ञान क्‍या हैं परिभाषा , अर्थ 23+प्रकार या शाखा 

मनोविज्ञान जिसे इंग्लिश में साइकोलॉजी कहा जाता है तो साइकोलॉजी का नाम अक्‍सर सुना जाता है अगर किसी व्यक्ति को दिमाग से संबंधित किसी भी तरह का बीमारी हो जाता है तो उसे साइकोलॉजिस्ट से जांच कराया जाता है तो साइकोलॉजी क्या है Psychology kya hai मनोविज्ञान किसे कहते हैं

साइकोलॉजी का अर्थ क्या होता है परिभाषा क्या होता है के बारे में अक्सर सर्च किया जाता है जिसके बारे में पूरी जानकारी नहीं मिल पाती है तो इस लेख में साइकोलॉजी के बारे में पूरी जानकारी मिलेगी. साइकोलॉजी एक विज्ञान की शाखा है जिसे हिंदी में मनोविज्ञान कहा जाता है पहले मनोविज्ञान को दर्शनशास्त्र का एक शाखा माना जाता था.

मनोविज्ञान को मन का विज्ञान मस्तिष्क का विज्ञान कहा जाता है तो आइए नीचे मनोविज्ञान बारे में और भी जानकारी जैसे कि मनोविज्ञान के प्रकार के बारे में मनोविज्ञान की पढ़ाई करने से किस क्षेत्र में लाभ होता है मनोविज्ञान का जनक किसे कहा जाता है के बारे में विस्तार से जानते हैं. इतिहास क्या है

मनोविज्ञान क्‍या हैं

साइकोलॉजी जिसे हिंदी में मनोविज्ञान कहा जाता है तो इसके नाम से ही पता चलता है कि मनोविज्ञान यानी कि मन का विज्ञान. साइकोलॉजी का अध्ययन करने के बाद हर प्राणी के मानसिक प्रक्रियाओं का अध्ययन किया जा सकता है ऐसा माना जाता है कि मनोविज्ञान एक ऐसा पढ़ाई है एक ऐसा विद्या है

जो कि करने के बाद किसी भी प्राणी यानी कि मनुष्य जीव जंतु पशु पक्षी आदि के मानसिक स्थिति का मानसिक प्रक्रियाओं का उनके व्यवहार को आसानी से समझा जा सकता है. मनोविज्ञान को कुछ वैज्ञानिकों ने मस्तिष्क का विज्ञान कहा है. भूगोल क्‍या हैं

Psychology kya hai 

कुछ वैज्ञानिकों ने इसे आत्मा का विज्ञान माना है क्योंकि मनोविज्ञान का अध्ययन करने के बाद किसी भी प्राणी के व्यवहार का विचार का उसके मन का अध्ययन सफलतापूर्वक किया जा सकता है किसी ने इसे व्यवहार का शुद्ध विज्ञान कहा है अक्सर देखा जाता है कि अगर किसी व्यक्ति का दिमागी हालत ठीक नहीं रहता है तो उसे पागल खाने में यानी कि मेंटल हॉस्पिटल में इलाज कराने के लिए ले जाया जाता है

मेंटल हॉस्पिटल में उस व्यक्ति का इलाज एक साइकोलॉजिस्ट यानी मनोवैज्ञानिक ही करता है क्योंकि उसे किसी भी व्यक्ति के मन के बारे में पढ़ने की शिक्षा मिली है उसके व्यवहार के बारे में वह आसानी से समझ सकता है. 

मनोविज्ञान की उत्पत्ति कैसे हुई

मनोविज्ञान विज्ञान की वह शाखा है जिसका अध्ययन करने के बाद किसी भी व्यक्ति के मस्तिष्क में क्या चल रहा है उसका मानसिक स्थिति कैसा है उसकी याददाश्त कैसा है वह अगर डिप्रेशन में हैं तो उस पर किस चीज का प्रेशर है उसके दिमाग में कैसा विचार आ रहा है उसका फीलिंग कैसा है उसकी भावनाएं कैसी है उसका सोच कैसा है का पता लगाया जा सकता है.

साइकोलॉजी शब्द का उत्पत्ति ग्रीक भाषा से माना जाता है Psyche का मतलब आत्मा या दिमाग होता है और Logos का मतलब अध्ययन करना जानकारी प्राप्त करना तो दोनों को मिलाकर साइकोलॉजी का अर्थ दिमाग का अध्ययन करने वाला विज्ञान को मनोविज्ञान कहा जाता है.

साइकोलॉजी शब्द का प्रयोग सबसे पहले 1590 में Rudolf Gockel ने किया था मनोविज्ञान को 16 वीं शताब्दी तक आत्मा का विज्ञान ही कई वैज्ञानिक मानते थे लेकिन 17वीं शताब्दी में मनोविज्ञान को मन का विज्ञान बहुत ही रिसर्च के बाद वैज्ञानिकों ने साबित किया.

1879 में विलियम वुण्ट ने सबसे पहला मनोवैज्ञानिक प्रयोगशाला का स्थापना किया जिसमें मनोविज्ञान सब्जेक्ट का अध्ययन किया जाने लगा इस सब्जेक्ट को एक नई पहचान मिली इसीलिए विलियम वुण्‍ट को आधुनिक मनोविज्ञान का पिता कहा जाता है 19वीं शताब्दी के बाद मनोविज्ञान को चेतना का विज्ञान कहा जाने लगा और मनोविज्ञान का यह नाम वैज्ञानिक विलियम जेम्स ने दिया. 

मनोविज्ञान का परिभाषा 

जिस तरह इतिहास भूगोल बायलॉजी विज्ञान आदि का परिभाषा हर वैज्ञानिक के द्वारा अलग-अलग दिया जाता है उसी तरह मनोविज्ञान यानी साइकोलॉजी का परिभाषा कई वैज्ञानिकों के द्वारा अलग-अलग दिया गया कुछ वैज्ञानिकों का कहना है कि मनोविज्ञान एक मस्तिष्क का विज्ञान है.

किसी का कहना है कि मनोविज्ञान चेतना का विज्ञान होता है मनोविज्ञान को मन का विज्ञान किसी ने माना है इसी तरह वाटसन के द्वारा मनोविज्ञान का परिभाषा व्यवहार का एक शुद्ध विज्ञान निश्चित विज्ञान मनोविज्ञान को माना गया है

वुडवर्थ ने मनोविज्ञान किसी व्यक्ति के व्यवहार और उसके संबंधों का आपसी अध्ययन को मनोविज्ञान कहा जाता है क्रो एवं क्रो का मानना है कि किसी पशु पक्षी व्यक्ति के बीच आपसी संबंध होता है व्यवहार होता है उनके हर एक कार्य का लक्ष्य उद्देश्य का पूर्ण रूप से अध्ययन करना ही मनोविज्ञान है किसी वैज्ञानिक का कहना है कि मानव के प्रक्रियाओं का अध्ययन करना मनोविज्ञान है. 

साइकोलॉजी का अर्थ 

मनोविज्ञान का अर्थ किसी व्यक्ति पशु पक्षी या किसी भी प्राणी के समस्त प्रक्रियाओं जैसे उसका व्यवहार करने का तरीका उसकी चेतना भावना आदि का अध्ययन करना ही मनोविज्ञान कहलाता है जो छात्र साइकोलॉजी का पढ़ाई करते हैं

उन्हें किसी भी व्यक्ति के मन के भावनाओं को समझने में उसके मस्तिष्क की हर एक व्यवहार के बारे में सोचने समझने की क्षमता हो जाती है जो साइकोलॉजी से अपना पढ़ाई करते हैं उन्हें psychologist कहा जाता है और उन्हें हिंदी में मनोवैज्ञानिक के नाम से जाना जाता है.

मनोविज्ञान का प्रकार या शाखा 

साइकोलॉजी की पढ़ाई करने के बाद कई तरह के क्षेत्रों में कार्य किया जा सकता है हर किसी के जीवन में साइकोलॉजी की हर एक शाखाओं का बहुत ही महत्व होता है तो मनोविज्ञान की कई शाखाएं हैं जैसे कि 

सामान्य मनोविज्ञान :- यह एक ऐसा मनोविज्ञान है जिसका अध्ययन करने के बाद किसी भी मनुष्य के समान्‍य व्यवहार के बारे में साधारण जानकारी का पता लगाया जा सकता है. 

शिक्षा मनोविज्ञान:- जब कोई शिक्षक क्लास में अपने स्टूडेंट को पढ़ाता है तो उस स्टूडेंट के मन में क्या चल रहा है कैसा प्रक्रिया है छात्रों को किस चीज की आवश्यकता है उन्हें किस तरह से अपने टीचर का सहायता चाहिए एक शिक्षक को जानना चाहिए इसे ही शिक्षा मनोविज्ञान कहा जाता है. 

असामान्य मनोविज्ञान :- अगर कोई व्यक्ति किसी के साथ और असाधारण और असामान्य व्यवहार करता है तो उस व्यक्ति की व्‍यवहार के बारे में उसकी भावनाओं के बारे में उसके ज्ञान के बारे में उसके विचारों के बारे में अध्ययन करना एक असामान्य मनोविज्ञान होता है

क्योंकि सामान्य तरीके से हर व्यक्ति तो रहता है अगर कोई व्यक्ति किसी के साथ अजीब तरह का बिहेव करता है तो उस पर किसी को भी आश्चर्य होता है उसके स्वभाव को जानने का कोशिश किया जाता है तो इसे असामान्य मनोविज्ञान कहा जाता है.

पशु मनोविज्ञान:- पशु मनोविज्ञान के नाम से ही पता चलता है कि यह पशु पक्षियों की व्यवहारों के बारे में उनके हाव भाव के बारे में जानकारी प्राप्त करना अध्ययन करना ही पशु मनोविज्ञान होता है देखा जाता है कि किसी व्यक्ति को जानवरों पशु पक्षियों से बहुत लगाव होता है

अपने घर में कई तरह के पशु पक्षी जानवर पाल करके रखते हैं जैसे कि तोता, गाय, कुत्ता, खरगोश, हिरन, आदि तो उस व्यक्ति में पशु पक्षियों के साथ लगाव होता है उसके हाव-भाव और उसके व्यवहार को समझने का शक्ति होता है.

अपराधिक मनोविज्ञान :- अगर कोई व्यक्ति अपराधिक प्रवृत्ति का है वह किसी भी तरह का अपराध करता है तो उसक अपराधी के मन के भावनाओं को समझने के लिए अपराधिक मनोविज्ञान का अध्ययन किया जाता है ताकि उस अपराधी की अपराधिक भावना के बारे में विस्तार से जाना जा सके

कि वह क्यों अपराध कर रहा है उसके पीछे उसकी क्या हालात है उसने सबसे पहला जो अपराध किया किस मजबूरी में किया किस भावना के तहत किया यह अध्ययन अपराधिक मनोविज्ञान में किया जाता. 

बाल मनोविज्ञान:- छोटे-छोटे बच्चों के दिमाग को उनके व्यवहार को हर कोई नहीं समझ पाता है तो बच्चों के व्यवहार से संबंधित ज्ञान प्राप्त करना ही बाल मनोविज्ञान होता है.

 विकासात्मक मनोविज्ञान :- विकासात्मक मनोविज्ञान के अंतर्गत किसी भी व्यक्ति के जीवन में विकास में हो रहे परिवर्तन का अध्ययन करना उसके हर एक अवस्था के बारे में अध्ययन करना है विकासात्मक मनोविज्ञान होता है. 

स्वास्थ्य मनोविज्ञान :- हमेशा से कई तरह के नई नई बीमारियां फैलती है शुरू शुरू में वह बीमारी बहुत ही घातक होती है लोगों को कई तरह की परेशानियां  होती है तो उस बीमारी का इलाज खोजना नई नई तकनीक के माध्यम से इलाज करना तरीके खोजना स्वास्थ्य मनोविज्ञान के अंतर्गत आता है स्वास्थ्य मनोविज्ञान हर किसी व्यक्ति के स्वास्थ्य के बारे में सोचने का अध्ययन करने वाला मनोविज्ञान है.

वैसे तो कई तरह के मनोविज्ञान है लेकिन ऊपर कुछ विशेष मनोविज्ञान के शाखाओं के बारे में वर्णन किया गया है इसके अलावा भी और भी कई मनोविज्ञान की शाखाएं हैं जैसे कि

मनोविज्ञान की शाखाएं
समान्‍य मनोविज्ञान असमान्‍य मनोविज्ञान
संज्ञानात्मक मनोविज्ञान विकासात्‍मक मनोविज्ञान
आलोचनात्मक मनोविज्ञान अपराधिक मनोविज्ञान
शिक्षा मनोविज्ञान पशु मनोविज्ञान
बाल मनोविज्ञान स्‍वास्‍थ्‍य मनोविज्ञान
विद्यालयी मनोविज्ञान सामाजिक मनोविज्ञान
योग मनोविज्ञान पर्यावरणीय मनोविज्ञान
व्यक्तित्व मनोविज्ञान सामुदायिक मनोविज्ञान
तुलनात्मक मनोविज्ञान स्वास्थ्य मनोविज्ञान
सोशल साइकोलॉजी पर्सनल साइकोलॉजी
इंडस्ट्रियल मनोविज्ञान जैविक साइकोलॉजी
क्लिनिकल साइकोलाॅॅॅजी फॉरेंसिक साइकोलॉजी

  

साइकोलॉजी के फायदे या लाभ 

जिस तरह हर सब्जेक्ट का अध्ययन करने से छात्र को कई तरह के लाभ मिलते हैं उस सब्जेक्ट का अध्ययन करने के बाद कई क्षेत्रों में उसे कार्य करने का मौका मिलता है उसे एक नई पहचान मिलती है उसी तरह साइकोलॉजी यानी कि मनोविज्ञान का अध्ययन करने के बाद कई तरह के फायदे होते हैं 

किसी व्यक्ति का मानसिक संतुलन अच्छा नहीं रहता है तो उसको मेंटल हॉस्पिटल में एडमिट किया जाता है उसका इलाज किया जाता है तो जो व्यक्ति मनोविज्ञान का पढ़ाई करता है उसे मनोवैज्ञानिक या साइकोलॉजिस्ट कहा जाता है तो साइकोलॉजिस्ट उस मेंटल हॉस्पिटल में एडमिट किए गए हर एक मेंटल पेशेंट का इलाज करता है

उसके दिमाग को भावनाओं को समझने का कोशिश करता है मनोविज्ञान की पढ़ाई करने से शिक्षा के क्षेत्र में भी फायदा होता है जिससे कि अध्यापक को अपने छात्र के बारे में जानने में समझने में आसानी होता है कि उस छात्र का व्यवहार कैसा है उसे किस तरह के सहायता की जरूरत है आदि. 

साइकोलॉजी की पढ़ाई करने से किसी को भी सोचने समझने में आसानी होती है जिससे आत्मविश्वास बढ़ता है किसी व्यक्ति के बारे में जानकारी हासिल करने के बाद मनोबल बढ़ता है अगर कोई छात्र पढ़ाई कर रहा है तो उसे अपने सहपाठी के बारे में जानने में मदद मिलती है.

साइकोलॉजी की पढ़ाई करने के बाद अच्छा जॉब मिल सकता है क्‍योंकि कई मेंटल हॉस्पिटलों में साइकोलॉजिस्ट की जरूरत रहती है किसी कॉलेज, यूनिवर्सिटी, स्कूल ऑर्गेनाइजेशन आदि में साइकोलॉजी पढ़ाने वाले टीचर की जॉब मिल सकती है भारत की रक्षा विज्ञान संस्था जिसमें कि कई तरह के रिसर्च किए जाते हैं.

उसमें भी जॉब मिल सकता है या अगर कोई चाहे तो अपना खुद का क्लीनिक भी खोल सकता है हमेशा ही नई नई बीमारियां होती रहती हैं और उन बीमारियों के लिए नए-नए इलाज खोजे जाते हैं रिसर्च किए जाते हैं तो अगर कोई इस तरह का मनोविज्ञान का पढ़ाई करता है तो नई-नई बीमारियों का इलाज खोजने में अन्य वैज्ञानिकों का सहायता कर सकता है.

मनोविज्ञान का पिता किसे कहते हैं 

साइकोलॉजी का जनक या पिता जर्मन के एक फिलॉसफर विलियम वुण्ट को कहा गया है इन्होंने मनोविज्ञान को एक नई दिशा प्रदान की थी इसलिए इन्हें आधुनिक मनोविज्ञान का जनक कहा जाता है.

वैसे मनोविज्ञान के हर एक सिद्धांत और मूल्यों का विकास सिगमंड फ्रायड ने किया था इन्होंने मनोविज्ञान का सही स्थान क्या होता है बताया था 1905 में एक साइकोलॉजी लैब की स्थापना श्री विजेंद्र नाथ जी ने किया था लेकिन इस साइकोलॉजी लैब को ज्यादा लोग नहीं जान सके.

फिर 1916 में श्री विजेंद्र नाथ जी ने एक साइकोलॉजी डिपार्टमेंट का शुरुआत किया जो कि भारत का सबसे पहला साइकोलॉजी डिपार्टमेंट था भारत के सबसे पहले मनोवैज्ञानिक नरेंद्र नाथ सेनगुप्ता थे जिन्होंने भारत में सबसे पहला मनोविज्ञान प्रयोगशाला का स्थापना किया था.

 EAQ 

Manovigyan kya hai 

मन के विज्ञान को मनोविज्ञान कहते हैं. 

मनोविज्ञान के कितने प्रकार हैं

समान्‍य मनोविज्ञान, असामान्य मनोविज्ञान, संज्ञानात्मक मनोविज्ञान, विकासात्मक मनोविज्ञान ये सभी मनोविज्ञान की शाखाएं हैं. 

साइकोलॉजी का जनक या पिता किसे कहते हैं

विलियम वुण्ट को आधुनिक मनोविज्ञान का जनक कहा जाता है.

भारत का पहला साइकोलॉजी डिपार्टमेंट का कब स्‍थापना हुआ 

1916 में श्री विजेंद्र नाथ जी ने भारत का सबसे पहला साइकोलॉजी डिपार्टमेंट का स्‍थापना किया था. 

भारत का सबसे पहला मनोविज्ञान प्रयोगशाला का स्‍‍थापना किसने किया

मनोवैज्ञानिक नरेंद्र नाथ सेनगुप्ता ने भारत में सबसे पहला मनोविज्ञान प्रयोगशाला का स्थापना किया था.

 

ये भी पढ़े

सारांश 

जब मनोविज्ञान का पहचान नहीं था लोग ज्यादा जानते नहीं थे उस समय यह दर्शनशास्त्र का एक शाखा माना जाता था लेकिन बाद में मनोविज्ञान को नई दिशा मिली नई पहचान मिली जिससे ज्यादा लोगों को इसमें पढ़ने की रुचि भी होने लगी मनोविज्ञान की पढ़ाई करने के बाद कई क्षेत्रों में कार्य करने का मौका मिलता है

कई तरह के फायदे मिलते हैं. इस लेख में साइकोलॉजी क्या है साइकोलॉजी के कितने प्रकार होते हैं मनोविज्ञान का पिता किसे कहा जाता है मनोविज्ञान से क्या फायदा है मनोविज्ञान का क्या अर्थ होता है क्या परिभाषा होता है

साइकोलॉजी शब्द की उत्पत्ति किस भाषा से हुई के बारे में पूरी जानकारी दी गई है इस लेख से संबंधित कोई सवाल या सुझाव है तो कृपया कमेंट करके जरूर बताएं और इस लेख को अपने दोस्त मित्रों को शेयर जरूर करें.

How useful was this post?

Click on a star to rate it!

Average rating 5 / 5. Vote count: 1

No votes so far! Be the first to rate this post.

Leave a Comment