Pyar – प्यार क्‍या हैं प्यार का परिभाषा क्या हैं

प्यार एक ऐसा एहसास हैं Pyar kya hai in hindi जोकि सभी लोग किसी न किसी से जरूर करते होंगे। इसलिए प्यार का मतलब समझना भी जरूरी हैं कि, इसका परिभाषा क्या होता हैं। प्यार क्या होता हैं। प्यार को इंग्लिश में क्या कहते हैं।

Pyar क्‍या हैं यह सारी जानकारी हम लोग इस लेख में प्राप्त करेंगे। प्यार के अहसास को सभी लोग जीते हैं। प्यार हर किसी इंसान के जिंदगी में कई रूप में आता हैं। यह एक बहुत ही सुखद एहसासों  में से एक होता हैं।

इसमें लोग अपनी भावनाएं प्रदर्शित कई रूप में करते हैं तो आइए इस लेख में हम प्यार का मतलब के बारे प्यार क्‍या हैं के बारे में जानते हैं। इसके कई पर्यायवाची शब्द हैं इसके बारे में भी विस्तृत रूप से जानते हैं।

Pyar kya hai in hindi

प्यार एक एहसास हैं। यह दिल से किया जाता हैं। इसको दिमाग से नहीं किया जाता हैं। प्यार क्‍या हैं प्यार एक ऐसा शब्द हैं जिसको सुनने से ही बहुत ही अच्छा अहसास होने लगता हैं। इसका कई रूप होता हैं। सच्चा प्यार उसे कहा जाएगा जोकि चाहे कैसा भी हालात हो वह एक दूसरे का साथ नहीं छोड़ते हैं।

चाहे सुख हो चाहे दुख हो। प्यार के कई रूप होते हैं जैसे कि माता पिता और उसके बच्चे का प्यार। भाई बहन का प्यार पति-पत्नी का Pyar किसी को किसी ऐसे जानवर से भी प्यार होता हैं जो कि देखने में अच्छा लगता हैं।जो एक दूसरे से प्यार करते हैं

Pyar kya hai in hindi

वह एक दूसरे से दूर रहना नहीं चाहते हैं। कुछ Pyar ऐसा होता हैं जो कि दूर रहकर भी एक दूसरे से लगाव रहता हैं। प्यार शब्द से पॉजिटिव एनर्जी मिलता हैं। इसमें मानसिक खुशी मिलती हैं। कभी कभी Pyar में कष्ट भी मिलता हैं।

प्यार ऐसा शब्द हैं जो किसी के भी रिश्ते के बीच में नहीं आता हैं। यह जीवन का बहुत ही सुनहरा मौका होता हैं। इसकी वजह से हम किसी से उम्मीद करना नहीं सीखते हैं।

प्यार का मतलब क्या होता हैं

Love का मतलब या प्यार का परिभाषा कई लोगों ने कई तरीकों से दिया हैं जो एक दूसरे से प्यार करते हैं। वह कभी भी दूसरे व्यक्ति को गलत रास्ते पर नहीं जाने देंगे। प्यार दो तरह के होते हैं। एक तो जो कि हमें जन्म से ही मिलता हैं

जैसे कि माता पिता चाचा चाची मामा मामी नाना-नानी दादा-दादी यह सारे रिश्ते हमें समाज में मिलते हैं। इसे बाय डिफॉल्ट रिलेशन कहते हैं। दूसरा Pyar वह होता हैं जोकि हमें अपने आप किसी से हो जाता हैं। जैसे कि महिला और पुरुष यानी कि पति पत्नी का रिश्ता इससे ऑन क्रिएटिव रिलेशन कहते हैं।

बाय डिफॉल्ट रिलेशन

माता पिता का प्यार जब हम जन्म लेते हैं तभी हम मां और पिता को समझने लगते हैं। मां से तो बच्चे को गर्भ से ही रिश्ता बन जाता हैं। जब भी हमारे माता-पिता को कोई कष्ट होता हैं तो हमें भी कष्ट होता हैं। Pyar का एक यह भी अलग रूप हैं। माता पिता का प्यार अपने बच्चों के प्रति निस्वार्थ होता हैं।

ऑन क्रिएट रिलेशन

यह एक पति पत्नी के रिश्ते होते हैं। जिसमें की असीम प्यार होता हैं। लेकिन दोनों को एक दूसरे से बहुत आशाएं होती हैं। क्योंकि पति और पत्नी दो अलग परिवेश से समाज से अलग सोच वाले एक जगह मिलते हैं तो उनका तालमेल बनाने में कुछ समय लगता हैं।

प्यार का फुल फॉर्म क्या होता हैं

Pyar का इंग्लिश लव होता हैं। प्यार एक सच्ची भावना हैं। किसी से अगर प्यार निस्वार्थ करते हैं तो वह हमारी जिंदगी में एक अलग मिठास लेकर आती हैं। अगर हम प्यार में स्वार्थ ढूंढने लगेंगे तो वह प्यार मिठास की जगह हमारी जिंदगी में कड़वाहट घोलने लगेगी।

एक दूसरे के साथ शिकायतें होगी विवाद होगा और वह रिश्ता खत्म होने के कगार पर चला जाता हैं। कुछ लोग इसे ढाई अक्षर का शब्द कहते हैं जो, कि जिसकी जिंदगी में होता हैं उसकी जिंदगी पूरी तरह से बदल जाती हैं।

लव यानी कि Pyar शब्‍द अपने आप में एक पूरा शब्द हैं। लेकिन फिर भी इसका कुछ फुल फॉर्म हैं।

  • L:-life’s
  • O:-only
  • V:-valuable
  • E:-emotion
  • L:-long lasting
  • O:-original
  • V:-valuable
  • E:-emotion

Love को समझना बहुत ही मुश्किल हैं। इसका डेफिनेशन देना बहुत ही मुश्किल हैं। क्योंकि इसको जितना समझा जाए उतना ही कम होता हैं। यह एक बहुत ही तीव्र भावना हैं। कई लोग ऐसे होते हैं कि किसी के प्यार के सहारे अपनी जिंदगी में बिता देते हैं।

प्यार के कितने रूप होते हैं 

Love प्यार एक शब्द हैं जो कि बहुत ही सुखद और आनंदमय एहसास होता हैं। यह एक ऐसा भावना होता हैं जो कि किसी वस्तु या किसी व्यक्ति से बहुत ही गहरा लगाव हो जाता हैं। उसकी कोई सीमा नहीं होती हैं।

उसमें चाहे कोई वस्तु हो जानवर हो व्यक्ति हो कोई स्थान हो आपके माता पिता और भाई बहन हो कोई भी हो सकता हैं। पारस्परिक स्नेह होता हैं। यह सकारात्मक भावना होता हैं। प्यार के कई रूप होते हैं जैसे कि

अवैयक्तिक प्रेम 

इसमें हम जिससे भी जुड़े रहते हैं चाहे वह कोई वस्तु हो कोई व्यक्ति हो या कोई जानवर हो। उसका हम बहुत ही सम्मान करते हैं। उसे एक अलग ही जुड़ाव होता हैं। उससे अलग होने के बारे में सोच भी नहीं सकते हैं।

कोई किसी पशु पक्षी को ही पाल लेते हैं और उनसे जुड़ाव होने के कारण वह उसे अपने आप से दूर नहीं करना चाहते हैं। यह भी एक तरह का प्रेम हैं कोई अपने माता से प्यार करता हैं।

छोटे बच्चे जो होते हैं वह अपने माता-पिता से दूर नहीं रहते हैं खासकर की अपनी माता से अलग ही प्रेम होता हैं।अवैयक्तिक प्यार ऐसा Pyar  हैं जो कि किसी इंसान या किसी वस्तु जानवर के प्रति अपने सोच के ऊपर आधारित हो सकता हैं। 

पारस्परिक प्यार 

यह Pyar एक मनुष्य और दूसरे मनुष्य के बीच का प्यार होता हैं। pyar kya hai इस में एक शक्तिशाली भाव होता हैं। इस तरह का प्यार अपने परिवार से अपने दोस्तों से किसी प्रेमी प्रेमिका के बीच में रहता हैं।

अगर कैसी भी परिस्थिति हो तो हम को अपने परिवार का साथ नहीं छोड़ना चाहिए। तभी दो मनुष्य का रिश्ता मजबूत होता हैं

प्यार का क्या परिभाषा हैं  

Pyar का वैसे तो कोई परिभाषा नहीं होता हैं। लेकिन कुछ ऐसी बातें हैं जिससे कि प्यार परिभाषित होता हैं। कुछ लोग ऐसे हैं जो हमारी जिंदगी में आने के बाद हमारे जीवन का मतलब बदल जाता हैं। उनका प्यार और भी मजबूत होता हैं।

जैसे कि एक पति पत्नी के बीच का रिश्ता तब मजबूत हो जाता हैं जब उनके बीच एक कोई बच्चा आ जाता हैं। सच्चा प्यार वही हैं जो किसी भी विकट परिस्थिति में एक दूसरे का साथ नहीं छोड़े। जो निस्वार्थ भाव से प्यार करते हैं वहीं सच्चा प्यार हैं।

ऐसा कहा जाता हैं कि जहां प्यार होता हैं वहां पर परवाह भी होता हैं क्योंकि हम जिससे प्रेम करते हैं उसके लिए चिंता करते हैं परवाह करते हैं। उसके बारे में अच्छा सोचते हैं। जिससे हम Pyar करते हैं  उस पर अंधविश्वास कभी नहीं करना चाहिए। कई दार्शनिकों के अनुसार प्यार का परिभाषा अलग-अलग हैं जैसे के

  • मदर टेरेसा ने कहा था कि प्यार सिर्फ किसी को पा लेना नहीं कहा जाता हैं बल्कि प्यार तो किसी के दिल में जगह बनाने को कहते हैं।
  • यह एक ऐसा फल हैं जो हर मौसम में मिलता हैं तथा जिसे सभी पा सकते हैं
  • Pyar kya hai के बारे में यूनान के एक दार्शनिक प्लेटो ने कहा था कि प्यार तो एक दिमागी बीमारी हैं।

प्यार का पर्यायवाची शब्द क्या क्या हैं

ऐसा कहा जाता हैं कि प्यार जीवन का आधार होता हैं। जिस के जिंदगी में प्यार नहीं हैं। उसका जीवन बेकार हैं। यह एहसासों का बंधन होता हैं। प्यार सबके लिए अलग होता हैं। इसका मायने सभी के जिंदगी में अलग अलग होता हैं

कोई त्याग को हैं Pyar कहता हैं कोई जिम्मेदारी को प्यार कहता हैं। कोई किसी के बारे में चिंता करता हैं उसी को प्यार कहा जाता हैं प्यार के कई पर्यायवाची शब्द होते हैं।

  • लव
  • प्रेम
  • चाह
  • अनुराग
  • प्रीति
  • स्नेह
  • लगाव
  • मुहब्बत
  • नेह
  • राग
  • लाड प्यार
  • ममता

 सारांश

मां का प्यार एक अलग होता हैं। मां अपने बच्चों के खुशी में ही खुश रहती हैं। सुखी रहती हैं पिता थोड़े कठोर होते हैं। लेकिन अंदर से अपने बच्चों को बहुत प्यार करते हैं। प्यार किसी भी मनुष्य के प्रति एक मजबूत स्नेह का भावना होता हैं।

यह एक दूसरे के प्रति दया और संभावना व्यक्त करना होता हैं। इस लेख में प्यार का मतलब क्या होता हैं Pyar क्‍या हैं प्यार का परिभाषा क्या होता हैं। प्यार का फुल फॉर्म क्या होता हैं।

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