रामचरितमानस संदेश – Ramcharitmanas in hindi

Ramcharitmanas in hindi. मानव का जीवन सबसे सर्वश्रेष्ठ जीवन माना जाता है और इस मानव के जीवन में भी हम सही गलत को नहीं समझते हैं, तो यह हमारे लिए दुर्भाग्य की बात है. इस मानव जीवन में हम सभी को एक बात को अवश्य समझना चाहिए जो सत्य है.

अब समझना यह जरूरी है कि सत्य क्या है. सत्य को समझने के लिए हम लोग किसी स्कूल यूनिवर्सिटी या किसी भी चीज की जरूरत नहीं है. सत्य को सत्य प्रमाणित कर सकता है और सत्य क्या है. रामचरितमानस सत्‍य हैं, जीवन और मरण सत्य है.

जिससे हम मानव समाज के लोगों को यह संदेश प्राप्त होता है कि जीवन में यदि जन्म होता है तो उसका मरण भी निश्चित है. इस जीवन मरण के खेल में कोई न कोई एक ऐसा है जो इस सृष्टि को संचालित करता है. उसी को हम लोग इस संसार में अलग-अलग नामों से जानते हैं.

आज वर्तमान समय में हम सत्‍य को अपने ही स्‍वेक्षा के अनुसार अलग-अलग नामों से संबोधित करके अपने समाज में परिभाषित करते हैं. लेकिन हम समाज के लोगों को यह समझना चाहिए कि जिनका हम नाम अपने इच्छा के अनुसार लेते हैं, वह सभी अलग अलग नहीं है. वह एक ही है. जिनका नामकरण हम लोग अलग-अलग नामों से कर दिए हैं और उसे ही अलग अलग शब्द के नाम से जानते हैं.

Ramcharitmanas in hindi रामचरितमानस प्रसंग

आज के समय में लोग अपनी इच्छा के अनुसार किसी भी ग्रंथ को परिभाषित करने लगते हैं. जब तक हम किसी ग्रंथ के बारे में पूरी तरह से समझेंगे नहीं तब तक उसको कैसे हम लोगों को समझा सकते हैं. रामचरितमानस जिसका रचना तुलसीदास जी ने 16वीं सदी में किया था.

Ramcharitmanas in hindi

वैसे रामचरितमानस ग्रंथ से हम सभी मनुष्यों को इस संसार में रहने की शिक्षा प्राप्त होती है. अपने जीवन जीने की शिक्षा प्राप्त होती है. वैसे रामचरितमानस के बारे में गलत तथ्य प्रस्तुत करने वाले लोगों को सबसे पहले Ramcharitmanas को अच्छे से पढ़ कर समझना चाहिए.

Ramcharitmanas एक ऐसा ग्रंथ है जिसमें मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के संपूर्ण जीवन को वर्णित किया गया है. इस ग्रंथ में भगवान श्रीराम ने हम सभी को अपने जीवन में लोगों के साथ किस तरह से आहार व्यवहार संबंध और मर्यादा स्थापित करना चाहिए, उसके बारे में बताया हैं.

हम सभी मानव के लिए के कल्याण के लिए एक बेहतर मार्गदर्शन दिया है. वैसे श्रीरामचरितमानस के केवल नाम लेने से ही जीवन में एक नई ऊर्जा एवं शक्ति का संचार होता है.

रामचरितमानस का रचना तुलसीदास जी ने किया था. जिसमें भगवान श्री रामचंद्र के बारे बताया गया हैं. जो त्रेता युग में पृथ्वी पर मानव के रूप में अवतार लिए थे. जिनके द्वारा धरा धाम को पवित्र किया गया.

कई राक्षसों अधार्मिक प्रवृत्ति के लोगों को नाश करके मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम ने धर्म का स्थापना किया था. वैसे आराध्य भगवान श्री राम के बारे में रचित श्रीरामचरितमानस हम सभी जीवो के कल्याण का एक बेहतर काव्य है. जिससे हम सभी मनुष्य ज्ञान प्राप्त कर सकते हैं.

वैसे आज के समय में बहुत ऐसे भी लोग हैं जिनको रामायण के बारे में जानकारी नहीं है. Ramcharitmanas के बारे में जानकारी नहीं है. फिर भी गलत व्याख्या करते हैं. इसलिए सबसे पहले रामचरितमानस रामायण को जरूर पढ़ें. जिसके बाद तुलसीदास जी के द्वारा रचित श्री Ramcharitmanas के प्रेरणादाई दोहा छंद चौपाई सोरठा संस्कृत श्लोक को समझ पाएंगे.

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