Train – ट्रेन को हिंदी में क्या कहते हैं

ट्रेन जो कि हमारे यातायात का बहुत बड़ा साधन हैं Train ko hindi mein kya kahate hain इससे कहीं भी आने-जाने में बहुत भी आरामदायक होता हैं। यह एक ऐसा जरिया हैं जिससे कि यात्री को और यात्री के समान या माल को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने में आसान रहता हैं

सामान लेकर आने में भी सुरक्षित और आसान हो जाता हैं।हमें हमेशा ही कहीं दूर सफर करना होता है तो ट्रेन से सफर करते हैं लेकिन ट्रेन को हिंदी में क्या कहा जाता है इसके बारे में कम ही लोगों को पता होगा कई रेलवे स्टेशन से ट्रेन होकर गुजरता है स्टेशन को हिंदी में क्या कहा जाता है इसके बारे में भी कम लोगों को जानकारी होगा

तो इस लेख में हम लोग ट्रेन को हिीन्‍दी में क्‍या कहते हैं इसका क्या उपयोग हैं। Train का अविष्कार किसने किया Train का फुल फॉर्म क्या होता हैं।ट्रेन भारत में कब शुरू किया गया। कहां से कहां तक इसे शुरू किया गया आइए इसके बारे में नीचे विस्तार से जानते हैं।

Train ko hindi mein kya kahate hain

ट्रेन तो अक्सर हम लोग कहते हैं या रेलगाड़ी कहा जाता है आजकल के जो युवा पीढ़ी है वह ज्यादातर किसी भी शब्द का इंग्लिश शब्द है यूज करते हैं हिंदी तो शायद कम ही किसी का भी जानते होंगे लेकिन ट्रेन का हिंदी 100 में से 50 या 60 आदमी ही जानते होंगे क्योंकि ट्रेन का हिंदी कम इस्तेमाल किया जाता है

ट्रेन को हिंदी में वैसे तो रेल या रेल गाड़ी कहा जाता हैं। लेकिन इसके और भी संस्कृत भाषा में कई मतलब होता हैं। जिसे कि शायद कम ही लोग जानते होंगे, क्योंकि ज्यादातर ट्रेन को रेल या रेलगाड़ी ही कहा जाता हैं।

Train ko hindi mein kya kahate hain

ट्रेन को संस्कृत में संकट यान चालित लोह पथ गामिनी कहा जाता हैं। ट्रेन को लोह पथ गामिनी आवत जावत ठहरात स्थल भी कहा जाता हैं। तो ट्रेन को हिन्‍दी में लोह पथ गामिनी का मतलब Train जिस पटरी पर चलता हैं। वह लोहे के बने हुए होते हैं तो, इसलिए इसका संस्कृत भाषा लोह पथ गामिनी होता हैं।

लोहे के पथ पर ही Train उसी रास्ते से जाती हैं फिर उसी रास्ते से सवारी या माल लेकर आती हैं। आवत जावत ठहरात स्थल का मतलब की स्टेशन पर रुक रुक कर आती हैं

इसे मालवाहक गाड़ी भी कहा जाता हैं क्‍योंकि Train से सवारी के साथ-साथ लोगों का सामान या बहुत मात्रा में माल भी एक जगह से दूसरी जगह पर लेकर आता और जाता हैं।

रेलवे स्टेशन को हिंदी में लोह पथ गामिनी विराम बिंदु कहां जाता है और इसे लोह पथ गामिनी विश्राम स्थल भी कहा जाता है स्टेशन पर Train रुकने की वजह से उसे रेलगाड़ी पड़ाव स्थल भी कई लोग कहते हैं

ट्रेन का फुल फॉर्म क्या होता हैं

Train हमारे लिए यातायात का बहुत ही अच्छा और बड़ा साधन हैं। इसको आजकल के जितने भी साधन हैं उनमें ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला यातायात का साधन माना जाता हैं। Train का फुल फॉर्म टूरिज्म रेलवे एसोसिएशन इंक होता हैं।

  • T:-Tourism
  • R:-railway
  • A:-association
  • I:-ink

ट्रेन क्या हैं

यह एक दुनिया भर में बहुत बड़ा यातायात का साधन हैं। Train परिवहन का बहुत बड़ा जरिया हैं जिससे यात्रियों को अपना सामान लेकर जाने में आने में बहुत ही आसानी होता हैं।

Train के नीचे जो पहिए होते हैं वह इस्पात के बने होते हैं। इसमें कई डब्बे होते हैं जो कि एक जंजीर के सहारे एक दूसरे से जुड़े होते हैं। पहले Train कोयले से चलाया जाता था लेकिन आधुनिक युग में डीजल या बिजली से बने इंजन जो कि उर्जा से चलता हैं कि सहायता से चलती हैं।

रेल लंबी दूरी तय करने के लिए एक बहुत बड़ा साधन हैं। भारतीय रेलवे दुनिया में सबसे बड़ा चौथा रेलवे नेटवर्क हैं। क्योंकि यह 7651 मिलियन यात्री और 921 मीट्रिक टन हर साल माल भी एक जगह से दूसरी जगह लेकर जाती हैं और आती हैं।

अक्‍सर हमने रेलगाड़ी Train नाम का ही इस्तेमाल करते हैं लेकिन ट्रेन लोहे की पटरी पर चलने की वजह से लोह पथ गामिनी के नाम से जाना जाता है। ट्रेन को हिंदी में क्या कहते हैं रेलवे स्टेशन को हिंदी में क्या कहते हैं इसके बारे में हमें जानकारी ले लिया लेकिन ट्रेन को संस्कृत में क्या कहा जाता है

इसके बारे में भी जानकारी कम लोगों को होगा Train को संस्कृत में रेल यानमं कहा जाता हैं और रेलवे स्टेशन को रेल स्‍थानकं कहा जाता है ट्रेन कई डब्बों से जुड़कर बना होता है इसका उपयोग सबसे ज्यादा सवारी या कोई दूसरा सामान स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने के लिए किया जाता है

ट्रेन का अविष्कार 

यूनाइटेड किंगडम के एक इंजीनियर रिचर्ड ट्रिवेथीक ने 21 फरवरी 1804 में भाप से चलने वाले इंजन का अविष्कार किया। लेकिन यह सफल नहीं हो पाया। इसके बाद बहुत इंजीनियरों ने Train बनाने का प्रयास किया।

इन्हीं प्रयासों के फलस्वरूप 27 सितंबर 1825 में इंग्लैंड के एक इंजीनियर George Stephenson ने सफलतापूर्वक चलने वाली Train का अविष्कार किया। ट्रेन का अविष्कार के बारे में पूरी जानकारी पाने के लिए यहां क्लिक करें।

ट्रेन भारत में कब शुरू किया गया

Train का अविष्कार तो बहुत पहले ही हो गया था। लेकिन भारत में अभी तक ट्रेन का शुरुआत नहीं हो पाया था तो, भारत में सबसे पहले रेल सेवा का शुरुआत 16 अप्रैल 1853 में हुआ था।

भारत में रेल मार्गों का निर्माण उस समय के वायसराय लॉर्ड डलहौजी ने किया था। जब भारत में ट्रेन का शुरुआत हुआ तो सबसे पहले मुंबई से थाणे के बीच ट्रेन चलाया गया। इसमें 400 यात्रियों को बैठा कर परीक्षण किया

ट्रेन का क्या उपयोग हैं 

Train माल ले जाने के लिए यात्रियों के जाने के लिए बहुत बड़ा और मुख्य परिवहन का साधन हैं। इसका उपयोग किसी भी सवारी और उसके सामान को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाना हैं।अगर किसी को लंबी यात्रा तय करना हैं तो, उसके लिए ट्रेन बहुत ही आरामदायक होता हैं।

Train से कहीं जाने आने में अन्य यातायात के साधनों से समय का भी बचत होता हैं। गया। इसमें बैठने में सामान रखने में भी आरामदायक होता हैं क्योंकि जिस को जिस तरह का जरूरत हैं। कोई स्लीपर में कोई एसी में अपना रिजर्वेशन करा कर लंबी दूरी तय करता हैं। जिसमें कि आराम से सो करके बैठ कर जा सकते हैं।

सारांश  

Train हमारे लिए सभी यातायात के साधनों में एक बहुत ही मुख्य और महत्वपूर्ण साधन हैं। भारतीय रेलवे दुनिया में चौथा सबसे बड़ा रेलवे नेटवर्क हैं। इसमें यात्रियों को कहीं भी जाने के लिए बहुत आराम रहता हैं।

इस लेख में ट्रेन को हिन्‍दी में क्‍या कहते हैं ट्रेन का फुल फॉर्म क्या होता हैं। इसका उपयोग क्या हैं। इसका अविष्कार कब हुआ। यह सारी जानकारी विस्तार से दी गई हैं। आप लोगों को यह कैसा लगा। हमें कमेंट करके जरूर बताएं। इस जानकारी को अपने दोस्त मित्रों और अन्य सोशल नेटवर्क पर भी शेयर जरूर करें।

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