कबीर दास भक्ति काल के एक बहुत ही प्रसिद्ध और महान कृष्ण भक्त कवि थे

कबीरदास का जन्म 1398 ईसवी में मगहर उत्‍तर प्रदेश में हुआ था

कबीर दास एक कवि के साथ एक समाज सुधारक थे उन्होंने कई प्रथाएं और समाज की बुराईयों का विरोध किया

कबीर दास ने कई रचनाएं की जिनमें सबसे प्रमुख साखी शबद और रमैणी है

कबीर दास की रचनाओं की भाषा राजस्थानी ब्रज अवधि पूर्वी हिंदी पंजाबी और साधु कड़ी भाषा थी

कबीर दास भगवान के निराकार रूप का ब्रह्म का भक्ति करने के लिए लोगों को प्रोत्साहित किया था

कबीर दास के रचनाओं के काव्य की विशेषता यह थी कि वह भगवान के भक्ति रूप की पूजा करते थे

कबीर दास ने जात पात का रूढ़िवादी प्रथाओं का विरोध किया इसलिए उन्हें जन समाज के कवि कहा जाता है

कबीर दास के गुरु महान सुधारवादी संत रामानंद जी थे

कबीर दास की मृत्यु 1448 में हुई थी

कबीर दास की कविताओं की भाषा सीधी और सरल थी। www.gyanitechnews.com