गंगा और सागर के मिलन पर जीयर स्वामी जी महाराज ने प्रकाश डाला – गंगासागर भारत का एक सर्वोत्तम तीर्थ स्थल है। जहां पर भारत ही नहीं बल्कि अलग-अलग देशों से भी लोग आते हैं। गंगासागर पश्चिम बंगाल राज्य में स्थित है। इतिहास में पहले वहां केवल सागर था। जहां पर भगवान कपिल देव साधना कर रहे थे। कपिल देव भगवान की माता देवहुती के मृत्यु के बाद कपिल देव भगवान सागर के किनारे जाकर के साधना करने लगे थे। वहीं भगवान श्री राम के वंशज सगर राजा एक समय पर अश्वमेघ यज्ञ कर रहे थे। उस समय यज्ञ के सफल होने के डर से भगवान इंद्र ने यज्ञ के घोड़े को कपिल देव भगवान जहां तपस्या कर रहे थे, वहीं पर ले जाकर छुपा दिए।
गंगा और सागर के मिलन पर जीयर स्वामी जी महाराज ने प्रकाश डाला
इधर सगर राजा के पुत्रों के द्वारा यज्ञ के घोड़े को खोजा जा रहा था। सगर राजा के पुत्र अनंत थे। लगभग 60000 की संख्या उनके पुत्रों की बताई जाती है। वहीं उनके पुत्र यज्ञ के घोड़े को खोजते खोजते कपिल भगवान के आश्रम पर पहुंचे। जहां पर उन्होंने देखा कि यज्ञ का घोड़ा यहीं पर रखा हुआ है। राजा सगर के लड़कों के द्वारा कपिल मुनि भगवान को अपशब्द बोला जाने लगा। जबकि घोड़ा इंद्र के द्वारा वहां पर बांधा गया था। वहीं कपिल भगवान तपस्या कर रहे थे। अचानक उनका आंख खुला और उतने से ही सारे लोग भस्म हो गए। अब सगर राजा के पुत्र जब वहीं पर भस्म हो गए, उसके बाद हाहाकर मच गया।

सगर राजा के विनती के कारण कपिल मुनि भगवान ने उन लोगों को फिर से वापस लाने के लिए उपाय बताया। कपिल मुनि भगवान ने राजा सगर से कहा कि आप गंगा जी को लेकर के आईए, तभी आपके सभी पुत्र जीवित हो पाएंगे। वहीं राजा सागर के तीन पीढ़ी तक तपस्या की गई। जिसके बाद ब्रह्मा जी को खुश करके भागीरथी गंगा को लाने में सफल हुए।
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गंगा का उद्गम स्थल
हरिद्वार से जब गंगा निकलती है, तो कहा जाता है कि भागीरथी गंगा है। हरिद्वार से पहले जो गंगा है, वह देवभूमि के अंदर आती है। गंगा का उद्गम स्थल गौमुख है। जहां से गंगा निकलती है। वैसे तीर्थ में गंगोत्री को ही गंगा का उद्गम स्थल कहा जाता है। लेकिन गंगा का मुख्य स्थान जहां से गंगा निकलती है वह गौमुख है।
भगवान श्री राम के वंशज भागीरथी गंगा को सागर तक लेकर आए। जिसके बाद वही गंगा राजा सगर के पुत्रों को फिर से पुनर्जीवित कर पाई। जिसके बाद से सागर और गंगा का मिलन हुआ। वही तीर्थ में सर्वश्रेष्ठ तीर्थ स्थल गंगासागर कहा जाता है। जहां पर भगवान विष्णु के अवतार कपिल भगवान का आश्रम भी उपस्थित है। गंगासागर आप स्नान करने के लिए जाते हैं, तो वहां पर भगवान कपिल मुनि का भव्य मंदिर है। जहां पर सभी लोग दर्शन पूजन भी करते हैं।

रवि शंकर तिवारी एक आईटी प्रोफेशनल हैं। जिन्होंने अपनी शिक्षा इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी स्ट्रीम से प्राप्त किए हैं। रवि शंकर तिवारी ने डॉ एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी लखनऊ से एमबीए की डिग्री प्राप्त किया हैं।