भारत के महान मनीषी संत श्री त्रिदड़ी स्वामी जी महाराज का मंदिर परमानपुर में बनाया जा रहा है। जिसका निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। भगवान के शेषावतार श्री रामानुज स्वामी के श्री वैष्णव परंपरा में कई महान संत महापुरुष हुए। श्री रामानुज संप्रदाय जो दक्षिण भारत में जन्म लिए थे जिन्होंने मानव कल्याण एवं मानव समाज के लिए कई सामाजिक संदेश दिए जिससे मानव समाज में भेदभाव को सबसे पहले खत्म करने का संदेश श्री रामानुज स्वामी ने दिया था। जिनके बाद उनके शिष्य गादी स्वामी जी महाराज हुए आगे श्री रामकृष्णाचार्य जी के शिष्य श्री त्रिदंड़ी स्वामी जी महाराज हुए। जिन्होंने बिहार में जन्म लेकर के श्री वैष्णव संप्रदाय के ध्वज पताका को पूरे भारत में आगे बढ़ाया ऐसे महान संत श्री त्रिदड़ी स्वामी जी महाराज का मंदिर निर्माण हो रहा है।
जिन्होंने अपने तपस्या साधना से लगातार 80 वर्षों तक केवल दूध का पान करके हम समाज के प्राणियों के लिए तपस्या और साधना का संदेश दिया था। उन महापुरुष का मंदिर निर्माण यह हम सभी को संदेश देता है कि जीवन में साधना तपस्या के साथ उन परम ब्रह्म परमेश्वर भगवान श्रीमन नारायण का चिंतन स्मरण मनन करने से हम अपने जीवन में अच्छा परिणाम हासिल कर सकते हैं।
उन्होंने अपने संपूर्ण जीवन में अनेकों अनेक चातुर्मास्य व्रत एवं श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ का आयोजन कराया जिनके तप साधना से कई बड़े-बड़े काम भी आसानी से सफल हो जाते थे। ऐसे दिव्य स्वरूप का वंदन स्मरण करने से मानव कल्याण का मार्ग प्रशस्त होता है।

रवि शंकर तिवारी एक आईटी प्रोफेशनल हैं। जिन्होंने अपनी शिक्षा इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी स्ट्रीम से प्राप्त किए हैं। रवि शंकर तिवारी ने डॉ एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी लखनऊ से एमबीए की डिग्री प्राप्त किया हैं।