बच्चे और बच्चियों को हॉस्टल में रखकर पढ़ाना सुरक्षित नहीं 

बच्चे और बच्चियों के पढ़ने के लिए माता-पिता अपने बच्चियों को हॉस्टल में रखते हैं। लेकिन जिस प्रकार से आज कई घटनाएं घट रही हैं उसको ध्यान में रखते हुए अब खास करके लड़कियों को हॉस्टल में पढ़ाना पूरी तरीके से सुरक्षित नहीं है। ताजा मामला अभी बिहार की राजधानी पटना से है जहां पर शंभू गर्ल्स हॉस्टल में एक छात्रा का संदिग्ध स्थिति में अस्पताल में मौत हो गया। जिसके पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कई बड़े खुलासे हुए हैं। जिसमें उस छात्रा की मौत की वजह शारीरिक रूप से चोट पहुंचाना भी बताया गया है। जिसमें कई प्रकार के अंदरूनी चोटें बताई गई है। 

यह साफ बताता है कि आज जो माता-पिता अपने बच्चे या बच्चियों को पढ़ने के लिए हॉस्टल में रखते हैं जहां पर हर महीने हजारों हजार रुपए भी देते हैं। लेकिन वहां पर सुरक्षा के नाम पर उनके बच्चे और बच्चियों का इस प्रकार से मौत के मुंह में चले जाना एक बड़ा सवाल खड़ा करता है। इस घटना को लेकर के पहले कई तर्क दिए गए जिसमें बताया गया कि लड़की ने कुछ ऐसी दवाई खा ली थी जिसके कारण उसका तबीयत बिगड़ गया था। जबकि उसकी हकीकत अभी कुछ और ही दिखाई पड़ रहा है। 

वर्तमान के हाईटेक दुनिया में जहां पर पल-पल की चीज सीसीटीवी कैमरा में रिकॉर्ड की जा रही है फिर भी मौत के कई दिनों के बाद भी आज तक पूरी सच्चाई सामने नहीं आई है। यह केवल पटना की ही घटना सबक लेने के लिए काफी नहीं है बल्कि यह घटना जो है जितने भी माता-पिता अपने बच्चे या बच्चियों को हॉस्टल में रखकर के पढ़ाते हैं तो भविष्य में किसी के भी साथ घट सकती है। आज समाज में मानवता पूरी तरीके से खत्म हो चुकी है। क्योंकि हम सभी लोग समाज में रहते हैं लेकिन जब समाज ही इस प्रकार से किसी के भी बच्चे और बच्चियों के प्रति इस प्रकार की दुर्भावना रखने लगे तो आखिर विश्वास किस पर किया जा सकता है।

आज एक माता-पिता अपने आप को विवश महसूस कर रहे हैं। क्योंकि शासन प्रशासन के द्वारा माता-पिता अपने बच्चे और बच्चियों के लिए आवाज उठाते हैं तो उन पर ही लाठीचार्ज होता है, केस में फंसाया जाता है। जबकि जिनकी बच्ची दुनिया से चली गई है उसके लिए किसी भी प्रकार की कार्रवाई जांच के नाम पर केवल खाना पूर्ति हो रही हैं तो आज समझा जा सकता है कि पैसे की ताकत के सामने एक माता-पिता की बच्चे और बच्चियों की समाज में कितनी कीमत है।

आज माता-पिता को खरीदने का प्रयास किया जाता है जो हुआ सो हुआ आप अपनी बच्ची का कीमत लेकर के चुप हो जाओ। आज मानवता पैसे के ऊपर हावी हो चुकी है जैसे अब दुनिया में केवल एकमात्र पैसा ही सब कुछ है नए युग में प्रवेश कर रहे हैं। 

इस आधुनिक दुनिया में अपने बच्चे और बच्चियों को सुरक्षित रखने के लिए अपने माता-पिता के साथ रहकर पढ़ने की जरूरत है। क्योंकि हर माता-पिता के लिए उनका बच्चा और बच्ची बहुत ज्यादा अनमोल है। इसीलिए आज के इस पोस्ट में मैं रवि शंकर तिवारी सभी माता-पिता से निवेदन करता हूं कि आप अपने बच्चे और बच्चियों को सुरक्षित रखते हुए ही बेहतर शिक्षा देने का प्रयास करें।

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