रोहतास जिला मुख्यालय सासाराम चलनिया में चल रहे श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ में भारत के महान मनीषी संत श्री लक्ष्मी प्रपन्न जीयर स्वामी जी महाराज ने समाज सेवी राजनेता एवं संत की मर्यादा पर विशेष मार्गदर्शन दिया जिसमें उन्होंने कहा कि सभी को अपनी मर्यादा में रहना चाहिए हर व्यक्ति के लिए अपना अलग मर्यादा होता है नेता समाजसेवी की भी अपनी एक मर्यादा होती है लेकिन आज समाज में समाजसेवी नेता धर्म की चर्चा करने लगते हैं जबकि समाजसेवी की भी अपनी एक मर्यादा है
जिन्हें समाज सेवा, देश, राज्य, नीति, सिद्धांत, उन्नति, विकास पर उनका मार्गदर्शन देना चाहिए वही संत महात्मा की भी अपनी एक मर्यादा होती है जिन्हें अपने वाणी को धर्म, ज्ञान, सद्मार्ग, अच्छे संगति के बारे में मार्गदर्शन देना उनका धर्म है समाज में यदि हम अपने धर्म अपने पद स्थिति को समझते हुए संदेश नहीं देते हैं तो भ्रम की स्थिति उत्पन्न होती है जिससे सामाजिक सद्भाव बिगड़ जाता है तनाव उत्पन्न होता है आज कुछ समाजसेवी या नेता इस प्रकार से बयान देते हैं जिससे समाज में गलत संदेश जाता है
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि एक थाना प्रभारी का काम एक स्कूल टीचर नहीं कर सकते हैं दोनों सरकारी ही कर्मचारी हैं लेकिन दोनों का अपना-अपना अलग पद की गरिमा है इसी प्रकार से संत और समाजसेवी नेता की भी अपनी एक अलग गरिमा है जिसको बनाए रखना हम सभी के लिए बहुत जरूरी है। गलत बयान के कारण समाज में अस्थिरता पैदा होती है माहौल खराब होता है जिससे लोग एक दूसरे के विपरीत सोचने लगते हैं यह घर, परिवार, समाज, गांव, प्रदेश, देश के लिए अच्छा नहीं है।

रवि शंकर तिवारी एक आईटी प्रोफेशनल हैं। जिन्होंने अपनी शिक्षा इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी स्ट्रीम से प्राप्त किए हैं। रवि शंकर तिवारी ने डॉ एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी लखनऊ से एमबीए की डिग्री प्राप्त किया हैं।