अयोध्या में रामनवमी के दिन होता है सभी तीर्थों का वास

चैत्र रामनवमी के दिन अयोध्या में सभी तीर्थों का वास एक ही जगह पर होता है भगवान श्री राम की जन्मस्थली अयोध्या में विशेष कर रामनवमी का विशेष महत्व बताया गया है श्री राम का जन्म रामनवमी के दिन हुआ था इसलिए रामनवमी के दिन दुनिया के सभी तीर्थ क्षेत्र में जाने का फल एक ही स्थान, एक ही जगह पर अयोध्या में प्राप्त होता है भगवान विष्णु राम के रूप में अयोध्या में रामनवमी के दिन ही जन्म लिए थे इसीलिए भगवान विष्णु के जितने भी अवतार पृथ्वी पर हुए हैं उनमें चार प्रमुख अवतार बताए गए हैं जिसमें रामावतार, कृष्णावतार, वामनावतार, नरसिंहावतार है

ऐसे भगवान विष्णु के चार प्रमुख अवतारों में एक श्री राम के जन्‍म दिवस के अवसर पर पावन नगरी अयोध्या में सभी तीर्थ में वास करने का फल प्राप्त होता है।

भारत के महान मनीषी संत श्री लक्ष्मी प्रपन्‍न जीयर स्वामी जी महाराज ने श्री राम की नगरी अयोध्या में चल रहे श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ सह श्री राम हनुमत यज्ञ के अवसर पर श्री राम के महत्व पर प्रकाश डाला। जिसमें उन्होंने कहा अयोध्या के पावन भूमि मोक्ष की भूमि है वैसे भूमि पर एक साथ श्री राम, हनुमान जी, श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ का दर्शन प्राप्त करने से एक साथ सभी तीर्थों में वास करने का फल प्राप्त होता है।

श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ 20 मार्च से जलभरी के साथ शुरू हो चुका है जहां 1251 हवन कुंड बनाया गया है हर एक कुंड पर चार यजमान आहुति दे रहे हैं इस प्रकार से विशाल यज्ञशाला में लगभग 5000 यजमानों के द्वारा विश्व कल्याण के लिए हवन किया जा रहा है इस महायज्ञ के प्रधान यजमान अयोध्या हनुमानगढ़ी के महंत श्री धर्मदास जी महाराज है वही इस विशाल महायज्ञ के अध्यक्ष उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह है।

इस महायज्ञ में शामिल होने के लिए उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश सहित अन्य राज्यों से भी हजारों हजार की संख्या में लोग पहुंच रहे हैं प्रमुख लोगों में ओमप्रकाश राजभर, मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार, पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह, बी नरसिंम्हा शर्मा इत्यादि कई गणमान्‍य लोग शामिल हुए।

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