अपने गांव में एक घर जरूर बनाएं

रोहतास जिला मुख्यालय सासाराम चलनिया में प्रवचन करते हुए भारत के महान मनीषी संत श्री लक्ष्मी प्रपन्‍न जीयर स्वामी जी महाराज ने कहा कि चाहे आप कितना भी बड़ा आदमी बन जाइए प्रदेश, देश, विदेश में कई बड़े घर बना लीजिए लेकिन आपको अपने गांव में भी एक घर जरूर बनना चाहिए। बिहार के प्रसिद्ध लेखक यूट्यूबर रविशंकर तिवारी ने बताया कि स्‍वामी जी ने कहा एक व्यक्ति की पहचान उसके माता-पिता से है इस प्रकार से आपके माता-पिता की पहचान भी आपके गांव से है या आपके दादा-दादी पूर्वज का पहचान आपके गांव की मिट्टी से है। व्यक्ति का जन्म स्थान एक ऐसा स्थान होता है जिससे उसका लगाव अंतरात्मा से होती है। 

व्यक्ति जहां पर जन्म लेता है जहां के हवा में सांस लेता है वहां के वातावरण वह गांव की मिट्टी आस पड़ोस के लोग और गांव की परंपरा को आने वाली पीढ़ी को महसूस कराने के लिए गांव से जुड़ना बहुत जरूरी है। चाहे आप रोजी रोजगार के लिए कहीं भी रहिए लेकिन अपने गांव में एक घर सबसे पहले आपको जरूर बनना चाहिए। क्योंकि आपकी पहचान इस घर और गांव से है। भविष्य में ऐसा हो सकता है कि आप जिस शहर में रह रहे हैं वहां पर आबादी जिस प्रकार से बढ़ रही है आने वाले समय में उन बड़े शहरों में जमीन की कमी या कई प्रकार की समस्याओं की सामना करना पड़ सकता है।

लेकिन जब आपके बच्चे और बच्ची गांव से नहीं जुड़े रहेंगे तो उन्‍हें उसे गांव की भी भविष्य में याद नहीं आएगी। इसीलिए आप हर वर्ष अपने गांव में दो से तीन बार, चार बार, पांच बार जब भी आपको समय मिले त्यौहार के अवसर पर गांव में जरूर जाएं। अपने घर में दीपक जलाएं देवी देवता का पूजन विधि विधान से करें। अपने गांव से सदैव जुड़े रहें। क्योंकि वह मिट्टी भी बहुत ज्यादा सौभाग्यशाली है जहां पर बड़े से बड़े विद्वान ज्ञानी जन जन्म लिए हैं जो समय-समय से अलग-अलग शहरों में जाकर के अपना नाम रोशन करते हैं। उस मिट्टी को भी पूरे जीवन तक आपको याद करने की जरूरत है।

हर व्यक्ति के जीवन में समय के कई पड़ाव होते हैं। बचपन, जवानी, फिर बुढ़ापा लेकिन जीवन के अलग-अलग पड़ाव पर आपको कई प्रकार की ऐसी चीजें महसूस होगी जिसकी जरूरत हो सकता है कि अभी आपको बचपन में जवानी में महसूस नहीं होगा। गांव की वह शांत सुरक्षित एवं स्वच्छ वातावरण को महसूस करने के लिए गांव जरूरी है। गांव में घर जरूरी है मकान दलान जरूरी है। जिससे आपके पूरे गांव और आपके पास पड़ोस के जितने भी पड़ोसी गांव हैं उन सभी लोगों से आपका जो बरसों वर्ष पुराना संबंध है उसको जीवित रखने के लिए भी आपके गांव से जुड़ने की जरूरत है। 

लेकिन गांव से आप तभी जुड़ेंगे जब उस गांव में आपका अपना घर होगा। क्योंकि हर व्यक्ति के जीवन में सबसे जरूरी चीज है उसका निवास स्थान। क्योंकि भोजन वस्त्र आपको कहीं राह चलते भी मिल जाता है लेकिन आपको रात्रि विश्राम और रुकने के लिए एक घर की आवश्यकता होती है और वह घर आपका पहचान होता है। जिससे आपके मुख्य निवास स्थान का पहचान होता है। जहां पर आपके जानने वाले लोग भी आपसे मिलने के लिए पहुंचते हैं। लेकिन आपका घर गांव में नहीं है तो चाहे आप गांव जाते हो रहते हो लेकिन आपकी पहचान विलुप्त सी हो जाती है। इसीलिए अपने गांव में एक घर जरूर बनाएं।

अपने आने वाली पीढ़ी बच्चे और बच्चियों को गांव के बारे में जानकारी दीजिए आज समाज में लोग अपने गांव को छोड़कर के शहरों की ओर रुक कर रहे हैं लेकिन रोजी रोजगार शिक्षा के लिए आप बाहर जाइए लेकिन अपने गांव को कभी भी भूलिए मत यह आपकी जड़ है जिससे सदैव जुड़े रहने की जरूरत है। आज के समय में तो गांव में भी बेहतर स्कूल और अस्पताल जरूरी चीजों की व्यवस्था तेज गति से हो रही है। बिजली, पानी, सड़क स्वास्थ्य, रोजगार, शिक्षा की व्यवस्था भी अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी बढ़ रही है। इसीलिए अपने गांव की मिट्टी जन्म स्थान से लगाव बना करके रखें।

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