सूर्यपूरा प्रखंड के अगरेड़ गांव में भारत के महान मनीषी संत श्री लक्ष्मी प्रपन्न जीयर स्वामी जी महाराज ने कथा कहते हुए कहा कि जीवन में सात सूत्र को अपनाना चाहिए। वह शास्त्र सूत्र इस प्रकार है। जीत आसनों यह जीवन का पहला सूत्र है। हम जिस आसन पर बैठते हैं वह आसन पवित्र होना चाहिए। दूसरा जीत स्वासो हमें अपने श्वास पर भी नियंत्रण करना चाहिए। व्यक्ति को हर दिन प्राणायाम करके श्वास के माध्यम से स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए प्रयास करना चाहिए।
तीसरा जीवन जीने का सूत्र जीत संगों है। हमें अपना संगत भी सुधारना चाहिए। हमें उन लोगों के साथ ही अपना उठन बैठन रखना चाहिए जो संस्कारी हो जिनका आचरण मर्यादित हो। चौथा जीत आहारो हैं। बेहतर और सुंदर जीवन के लिए आहार भी पवित्र और सुंदर होना चाहिए। मानव जीवन में हमारा शरीर मन रूपी एक मंदिर है जिस मंदिर में हमें अच्छे भोजन को डालना चाहिए। जीवन जीने का पांचवा सूत्र जीत व्यवहारों है। हमें दूसरों के साथ भी मर्यादित व्यवहार करना चाहिए।
वैसा व्यवहार जिससे किसी का अहित नहीं होता हो वैसा व्यवहार होना चाहिए। बेहतर जीवन के लिए छठवां सूत्र क्रोध पर विजय होना चाहिए। जीत क्रोधों हमें अपने क्रोध गुस्सा पर भी नियंत्रण होना चाहिए। जीवन जीने का सातवां सूत्र जीत इंद्रियों है। हमें अपने इंद्रियों पर भी विजय प्राप्त करना चाहिए। शरीर में पांच कर्मेंद्रियां और पांच ज्ञानेंद्रीयां है और उनके मालिक मन है। हर व्यक्ति को इन 11 इंद्रियों पर निग्रह होना चाहिए। जो व्यक्ति अपने इंद्रियों को वश में कर लेता है इंद्रियों पर विजय प्राप्त कर लेता है उसका जीवन मंगलमय होता है। यह सात सूत्र हमारे जीवन के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। जिससे हमें अपने जीवन में अच्छे परिणाम हासिल करने में मदद करते हैं।
वहीं शनिवार के दिन श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ की पूर्णाहुति भी हुई। जिस अवसर पर भोज भंडारे की भी विशेष तैयारी की गई थी। इस अवसर पर यज्ञ मंडप में नारियल डालकर यज्ञ की पूर्णाहुति की गई। वहीं लगातार सुबह से शाम तक भंडारे का भी आयोजन हुआ। जिसमें संत महात्माओं को यज्ञ समिति के द्वारा विदाई की गई।

रवि शंकर तिवारी एक आईटी प्रोफेशनल हैं। जिन्होंने अपनी शिक्षा इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी स्ट्रीम से प्राप्त किए हैं। रवि शंकर तिवारी ने डॉ एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी लखनऊ से एमबीए की डिग्री प्राप्त किया हैं।