अब नामांतरण (दाखिल-खारिज) के लिए घर-घर जाएंगे कर्मचारी

बिहार राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने नामांतरण (दाखिल-खारिज) को लेकर बड़ा आदेश जारी किया है। अब जमाबंदी में दर्ज ऐसे रैयतों, जिनकी मृत्यु हो चुकी है, उनके नाम हटाकर वर्तमान वैध उत्तराधिकारियों के नाम दर्ज किए जाएंगे। इसके लिए विभाग ने नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है।

नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक माह कम-से-कम पांच मामलों में कर्मचारी स्वयं गांव-गांव और घर-घर जाकर नामांतरण (दाखिल-खारिज) की प्रक्रिया पूरी कराएंगे। इसके लिए अंचल कार्यालय एवं प्रखंड स्तर पर उपलब्ध जन्म एवं मृत्यु रजिस्टर से भी जानकारी प्राप्त की जाएगी। साथ ही गांव के चौकीदार, मुखिया, सरपंच, वार्ड सदस्य तथा अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी जानकारी ली जाएगी कि किन रैयतों की मृत्यु हो चुकी है।

इसके बाद संबंधित कर्मचारी मृत रैयत के घर जाकर वर्तमान उत्तराधिकारियों को नामांतरण की पूरी प्रक्रिया समझाएंगे तथा आवश्यक दस्तावेज, जैसे मृत्यु प्रमाण-पत्र, जमीन के कागजात और आपसी सहमति से हुए बंटवारे से संबंधित दस्तावेज ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड कर नामांतरण (दाखिल-खारिज) की प्रक्रिया पूरी करेंगे।

विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन मामलों में उत्तराधिकारियों के बीच आपसी सहमति नहीं बन पाएगी, उन मामलों में भी नियमानुसार नामांतरण की कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए स्थानीय स्तर पर उपलब्ध उत्तराधिकारियों की जानकारी के आधार पर आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जाएगी, ताकि वास्तविक उत्तराधिकारियों के नाम सरकारी अभिलेखों में दर्ज किए जा सकें।

यह व्यवस्था तब तक जारी रहेगी, जब तक बिहार में सभी जमीनों का रिकॉर्ड वर्तमान वैध उत्तराधिकारियों के नाम पर अद्यतन नहीं हो जाता। अभी भी बिहार में लाखों ऐसे मामले हैं, जिनमें जमीन की जमाबंदी कई पीढ़ी पहले के पूर्वजों—जैसे बाबा, दादा या अन्य पूर्वजों—के नाम पर दर्ज है। जबकि वर्तमान में परिवार के सदस्य आपसी सहमति से बंटवारा कर अपने-अपने हिस्से की जमीन का उपयोग कर रहे हैं, लेकिन सरकारी अभिलेखों में उनका नाम दर्ज नहीं है।

इस व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए अपर समाहर्ता (राजस्व एवं भूमि सुधार) तथा उपसमाहर्ता नियमित रूप से अंचल अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे, ताकि नामांतरण (दाखिल-खारिज) की प्रक्रिया गांव-गांव तक कर्मचारियों के माध्यम से सरल, पारदर्शी और प्रभावी तरीके से लागू की जा सके।

Leave a Comment