राशन कार्ड बनवाने का नया नियम 2026

भारत के लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल होगा कि आखिर राशन कार्ड किसका बनेगा? राशन कार्ड बनवाने का नियम क्या है? तो चलिए, हम बात करते हैं।

भारत में राशन कार्ड बनवाने के लिए सबसे पहले योग्यता की जांच की जाती है। भारत में अभी दो प्रकार के राशन कार्ड बनाए जाते हैं। सबसे पहला *अंत्योदय अन्न योजना* और दूसरा *पीएचएच (प्रायोरिटी हाउसहोल्ड)* राशन कार्ड बनाया जाता है।

अब सबसे पहले बात करते हैं कि अंत्योदय अन्न योजना राशन कार्ड किसका बनता है। भारत में सबसे गरीब परिवारों को इसका लाभ सरकार देती है। वैसे परिवार या व्यक्ति, जो गरीबों में भी सबसे ज्यादा गरीब हों, विधवा महिला हों, दिव्यांग व्यक्ति हों, गंभीर बीमारियों से पीड़ित व्यक्ति हों, 60 वर्ष से अधिक उम्र के ऐसे व्यक्ति जिनका कोई सहारा न हो, वैसे व्यक्तियों का अंत्योदय अन्न योजना कार्ड बनाया जाता है।

वहीं, भूमिहीन मजदूर, रिक्शा चालक, ठेला चालक, कुली, फेरी लगाने वाले, कचरा बीनने वाले, जिनके पास अपनी खेती की जमीन नहीं है और जो मजदूरी से जीवन-यापन करते हैं, उन लोगों को भी अंत्योदय अन्न योजना का लाभ सरकार देती है। वहीं कोई भी अकेली महिला या पुरुष, जिनका समाज में कोई सहारा नहीं है, उनका भी यह कार्ड बनाया जाता है।

अंत्योदय अन्न योजना कार्ड के तहत एक परिवार को हर महीने 35 किलो अनाज सरकार मुफ्त में देती है, जिसमें लगभग 14 किलो गेहूं एवं 16 किलो चावल सरकार मुहैया कराती है। इसमें परिवार की संख्या चाहे कितनी भी हो, हर महीने 35 किलो मुफ्त अनाज सरकार देती है।

अंत्योदय अन्न योजना राशन कार्ड बनवाने के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट की भी जानकारी आपको होनी चाहिए।

वहीं दूसरा *प्रायोरिटी हाउसहोल्ड (PHH)* कार्ड उन परिवारों का बनता है, जिनके परिवार में कोई सरकारी नौकरी वाला न हो, आयकर रिटर्न फाइल नहीं करता हो, परिवार के किसी भी सदस्य की बहुत अधिक आय न हो, चार पहिया वाहन घर में न हो, पक्का मकान तीन कमरों से अधिक का न हो तथा 5 एकड़ से अधिक भूमि न हो। वैसे परिवारों का प्रायोरिटी हाउसहोल्ड के तहत राशन कार्ड बनाया जाता है।

पहले भारत में पीला कार्ड, लाल कार्ड और एपीएल कार्ड बनाए जाते थे। इसमें पीला कार्ड सबसे गरीब परिवारों के लिए होता था, जिन्हें अंत्योदय अन्न योजना के तहत लाभ मिलता था। लाल कार्ड बीपीएल (Below Poverty Line) परिवारों के लिए होता था, जो गरीबी रेखा के नीचे होते थे। वहीं एपीएल (Above Poverty Line) यानी गरीबी रेखा से ऊपर के परिवारों के लिए एपीएल कार्ड बनाया जाता था।

इस व्यवस्था में वर्ष 2013 में *नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट (राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम)* लागू होने के बाद अब भारत में केवल दो ही प्रकार के राशन कार्ड बनाए जाते हैं, जिनमें *अंत्योदय अन्न योजना* और *प्रायोरिटी हाउसहोल्ड (PHH)* शामिल हैं।

प्रायोरिटी हाउसहोल्ड के तहत जिनका राशन कार्ड बनता है, उनमें परिवार के मुखिया के नाम पर राशन कार्ड बनाया जाता है। यदि परिवार में पांच सदस्य हों या 10 सदस्य हों, तो प्रत्येक व्यक्ति को 5 किलो मुफ्त अनाज सरकार देती है। उदाहरण के लिए, यदि एक परिवार में पांच लोग हैं, तो उस परिवार को हर महीने 25 किलो मुफ्त राशन सरकार देती है।

अभी भारत में लगभग अंत्योदय अन्न योजना के तहत 2.3 करोड़ परिवारों का कार्ड बना है, जबकि प्रायोरिटी हाउसहोल्ड के तहत 18.3 करोड़ परिवारों का राशन कार्ड बना है। कुल मिलाकर भारत में लगभग 20.6 करोड़ परिवार राशन कार्ड बनवा चुके हैं।

वहीं, राशन कार्ड बनवाने के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट की सूची इस प्रकार है— सभी सदस्यों का आधार कार्ड, परिवार के मुखिया का आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, परिवार के सभी सदस्यों का फोटो, मोबाइल नंबर, बैंक खाते का विवरण, आय प्रमाण पत्र तथा यदि परिवार का कोई सदस्य दिव्यांग है, तो उसका दिव्यांगता प्रमाण पत्र आदि सबसे महत्वपूर्ण डॉक्यूमेंट हैं।

अब ऑनलाइन राशन कार्ड बनवाने के लिए आपको सबसे पहले जिस राज्य में आप रहते हैं, उस राज्य की वेबसाइट पर जाना है। जैसे, बिहार में आपको राशन कार्ड बनवाना है, तो उसके लिए *RC Online Bihar* की वेबसाइट पर जाना है। वहीं दूसरी वेबसाइट *EPDS Bihar* है।

इस वेबसाइट पर जाने के बाद आपको सबसे पहले *New Ration Card Online Apply* पर क्लिक करना है। उसके बाद मोबाइल नंबर डालकर अपना रजिस्ट्रेशन पूरा करना है। मोबाइल नंबर डालने के बाद ओटीपी आएगा, उसे दर्ज करके सबमिट कर देना है। फिर लॉगिन करके राशन कार्ड बनवाने के लिए आवश्यक जानकारी दर्ज करनी है।

सबसे पहले परिवार की जानकारी भरनी है, फिर सदस्यों का विवरण जोड़ना है, दस्तावेज अपलोड करने हैं और उसके बाद सबमिट पर क्लिक करना है। इसके बाद आपके क्षेत्र के अधिकारी जांच करेंगे और लगभग 15 से 20 दिनों में आपके आवेदन की जांच की जाएगी। यदि आप योग्य होंगे, तो आपका राशन कार्ड बना दिया जाएगा।

जांच के दौरान अधिकारी यह भी जांच करते हैं कि आप अंत्योदय अन्न योजना के लिए पात्र हैं या फिर प्रायोरिटी हाउसहोल्ड के लिए। उसी के अनुसार आपका राशन कार्ड बनाया जाता है। यदि आप अयोग्य पाए जाते हैं, तो आपका आवेदन रद्द कर दिया जाता है।

वर्तमान में भारत में खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के केंद्रीय मंत्री श्री प्रह्लाद जोशी हैं। वहीं केंद्रीय राज्य मंत्री श्री बी.एल. वर्मा एवं श्रीमती निमुबेन जयंतीभाई बामनिया हैं। बिहार में खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री अशोक चौधरी हैं।

भारत के किसी भी राज्य में आपको राशन कार्ड बनवाना है, तो इस प्रकार से आप आवेदन कर सकते हैं। अभी बिहार में 14 जुलाई से राशन कार्ड बनवाने की ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के अनुसार बिहार में एक करोड़ लोगों का राशन कार्ड बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

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