सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की हकीकत

फेसबुक, यूट्यूब और इंस्टाग्राम आज के समय में तीन सबसे लोकप्रिय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म हैं, जहां बड़ी संख्या में लोग अपना करियर बनाना चाहते हैं। इनमें फेसबुक और इंस्टाग्राम का उपयोग करने वाले लोगों की संख्या काफी अधिक है। इंस्टाग्राम पर वैसे डायरेक्ट इनकम बहुत कम होती है, लगभग न के बराबर, लेकिन इंस्टाग्राम के माध्यम से अन्य स्रोतों से पैसे कमाए जा सकते हैं। वहीं, फेसबुक वर्तमान समय में सीधे पैसे कमाने का अवसर दे रहा है। पेज या प्रोफाइल के मोनेटाइज हो जाने के बाद कंटेंट के माध्यम से कमाई की जा सकती है।

लेकिन एक बड़ा सवाल यह है कि आखिर फेसबुक कितना पैसा देता है?

आज पढ़ाई की उम्र में भी लोग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपना करियर आगे बढ़ाना शुरू कर देते हैं। लेकिन यह उन लोगों के लिए सही नहीं है, जिनके पास अभी बेहतर शिक्षा प्राप्त करने का समय है और अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी एक बेहतर पहचान बनाने का अवसर है। यदि वे केवल फेसबुक पर वीडियो और कंटेंट बनाकर लोकप्रिय होना चाहते हैं या पैसे कमाना चाहते हैं, तो उनके लिए यह सही समय नहीं है।

हां, वैसे लोग जिनके पास दूसरा कोई विकल्प नहीं है, न कोई रोजगार है, न कोई व्यवसाय है और न ही कमाई का कोई अन्य साधन है, उनके लिए फेसबुक एक माध्यम हो सकता है। लेकिन फेसबुक पर यह जरूरी नहीं है कि हर व्यक्ति इतना पैसा कमा ले, जिससे उसके परिवार का जीवन-यापन आसानी से चल सके। फेसबुक पर कमाई होती है, लेकिन अच्छी कमाई के लिए बड़ी संख्या में व्यूज और लगातार अच्छा प्रदर्शन बनाए रखना जरूरी हो सकता है। लाखों या करोड़ों व्यूज प्राप्त करना और हर दिन उस स्तर के प्रदर्शन को बनाए रखना भी एक बड़ी चुनौती है।

लेकिन आज लोग फेसबुक पर वायरल होने और कुछ पैसे कमाने के लिए कुछ भी करने लगे हैं। जो मन में आ रहा है, वही बोल दो, चाहे उसका समाज पर किसी भी प्रकार का गलत प्रभाव क्यों न पड़े। आजकल फेसबुक पर जातीय उन्माद फैलाने वाले कुछ लोगों का एक उद्देश्य यह भी दिखाई देता है कि समाज में तनाव पैदा किया जाए, इसे अपनी कमाई का एक माध्यम बनाया जाए, जिससे कुछ पैसा भी मिलता रहे और समाज में एक विशेष वर्ग के हिमायती के रूप में अपनी छवि भी बनाई जा सके।

क्योंकि वैसे तो फेसबुक पर बकवास करने से कोई आपकी बात नहीं सुनेगा, इसलिए गाली देना शुरू करो, कुछ भड़काऊ बातें बोलना शुरू करो और ऐसा कंटेंट बनाओ जिससे लोगों की भावनाएं भड़कें। यही एक नया धंधा फेसबुक पर शुरू हो चुका है।

फेसबुक पर वीडियो बनाना गलत नहीं है, लेकिन आपके पास यह भी होना चाहिए कि आप समाज को बेहतर क्या दे सकते हैं। फेसबुक समाज में नफरत, तनाव या लोगों के बीच द्वेष फैलाने के लिए नहीं है। लेकिन जब पैसा कमाना ही लक्ष्य बन जाए, तो उसके लिए गलत से गलत काम करने की कोशिश शुरू हो जाती है।

बहुत जल्द फेसबुक पर भी ऐसे नियम और सख्त हो सकते हैं, जिनके तहत इस प्रकार के कंटेंट को हटाया जा सके, जिस तरह यूट्यूब पर आज उतना ज्यादा आपत्तिजनक या हानिकारक कंटेंट फैलाना आसान नहीं है। इसी प्रकार इंस्टाग्राम और फेसबुक पर भी नियमों को सख्त करने की आवश्यकता है और फेसबुक लगातार अपने एल्गोरिथम तथा नीतियों में बदलाव भी कर रहा है।

फेसबुक से पैसा वही लोग अच्छी तरह कमा सकते हैं, जो बेहतर कंटेंट बना सकते हैं, नियमित रूप से कंटेंट तैयार करते हैं और समाज में अपनी एक अच्छी छवि बनाए रखते हैं। जिन्हें लोग दिल से पसंद करते हैं, वे फेसबुक के माध्यम से हर महीने अच्छी कमाई कर सकते हैं।

फेसबुक पर भी जो बड़े-बड़े क्रिएटर हैं, जिनके फॉलोअर्स लाखों या मिलियंस में हैं और जो अच्छा तथा वैल्यू देने वाला कंटेंट बनाते हैं, वे निश्चित रूप से अच्छी कमाई कर सकते हैं।

लेकिन ऐसे लोगों में से बहुत से क्रिएटर ऐसे भी हैं, जो यूट्यूब पर भी कंटेंट बनाते हैं, यूट्यूब की गाइडलाइन का पालन करते हैं और यूट्यूब पर भी उनके अच्छे फॉलोअर्स हैं। लोग उन्हें वहां भी पसंद करते हैं।

इसलिए यूट्यूब और फेसबुक, दोनों प्लेटफॉर्म पर जो लोग नियमित रूप से कंटेंट बनाते हैं और अपने दर्शकों के लिए अच्छा तथा वैल्यू देने वाला कंटेंट तैयार करते हैं, उनके लिए आज भी डिजिटल प्लेटफॉर्म या सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक अच्छा माध्यम है, जहां वे नियमित मेहनत करके अपना करियर बना सकते हैं।

लेकिन सोशल मीडिया को करियर बनाने का माध्यम मानने से पहले यह समझना जरूरी है कि वायरल होना और सफल होना दो अलग-अलग चीजें हैं। कुछ समय के लिए वायरल होकर पैसा कमाना आसान लग सकता है, लेकिन लंबे समय तक एक अच्छी पहचान बनाए रखना तभी संभव है, जब आपके पास बेहतर कंटेंट, निरंतर मेहनत और समाज के प्रति जिम्मेदारी हो।

Leave a Comment