हर चीज में जाति है, जाति से अलग कुछ भी नहीं : श्री जीयर स्वामी जी महाराज

jati se alag kuchh bhi nahi

हर चीज में जाति है, जाति से अलग कोई नहीं : श्री जीयर स्वामी जी महाराज – परमानपुर चातुर्मास्य व्रत स्थल पर भारत के महान मनीषी संत श्री लक्ष्मी प्रपन्‍न जीयर स्वामी जी महाराज ने कहा कि दुनिया में जाति हर चीज में है। जाति और जातीयता से कोई अलग नहीं है। हर घर में … Read more

लड़के-लड़कियों का विवाह एक बड़ी समस्या बन गई है : श्री जीयर स्वामी जी महाराज 

ladke ladkiyon ka vivah badi samsaya ban gai hai

लड़के-लड़कियों का विवाह एक बड़ी समस्या बन गई है : श्री जीयर स्वामी जी महाराज – परमानपुर चातुर्मास्य व्रत स्थल पर भारत के महान मनीषी संत श्री लक्ष्मी प्रपन्‍न जीयर स्वामी जी महाराज ने कहा कि आज समाज में लड़के लड़कियों की शादी एक बड़ी समस्या बन गई है। पिता, भाई, परिवार के लोग  शादी के … Read more

परमानपुर चातुर्मास्य व्रत स्थल पर धूमधाम से मना जन्माष्टमी 

parmanpur chaturmas vrat sthal par dhumdham se manaya gaya janmashtami

परमानपुर चातुर्मास्य व्रत स्थल पर धूमधाम से मना जन्माष्टमी – भारत के महान मनीषी संत श्री लक्ष्मी प्रपन्‍न जीयर स्वामी जी महाराज के मंगला अनुशासन में भगवान श्री कृष्ण का जन्म महा महोत्सव मनाया गया। इस अवसर पर भारत के अलग-अलग क्षेत्र से आए संत, महात्मा, विद्वान, आचार्य के द्वारा पूरे विधि विधान से पूजा की … Read more

जन्माष्टमी तिथि से नहीं बल्कि नक्षत्र से मनाना चाहिए : श्री जीयर स्वामी जी महाराज

janmashtami tithi se nahi nakshatra se manana chahiye

जन्माष्टमी तिथि से नहीं बल्कि नक्षत्र से मनाना चाहिए : श्री जीयर स्वामी जी महाराज – परमानपुर चातुर्मास्य व्रत स्थल पर भारत के महान मनीषी संत श्री लक्ष्मी प्रपन्‍न जीयर स्वामी जी महाराज ने कहा कि जन्माष्टमी तिथि से नहीं बल्कि नक्षत्र से मनाना चाहिए। भगवान श्री कृष्ण का जब जन्म हुआ, उस समय जो … Read more

गृहस्थ आश्रम में पुत्र होना चाहिए : श्री जीयर स्वामी जी महाराज 

grihast ashram me putra hona chahiye

गृहस्थ आश्रम में पुत्र होना चाहिए : श्री जीयर स्वामी जी महाराज – परमानपुर चातुर्मास व्रत स्थल पर भारत के महान मनीषी संत श्री लक्ष्मी प्रपन्‍न जीयर स्वामी जी महाराज ने कहा कि गृहस्थ आश्रम में एक पुत्र जरूर होना चाहिए। मातृ, पितृ ऋण से मुक्त होने के लिए पुत्र होना चाहिए। शास्त्रों में बताया गया … Read more

मैं कौन हूं यह समझना चाहिए : श्री जीयर स्वामी जी महाराज 

main kaun hu yah samajhna chahiye

मैं कौन हूं यह समझना चाहिए : श्री जीयर स्वामी जी महाराज – परमानपुर चातुर्मास व्रत स्थल पर भारत के महान मनीषी संत श्री लक्ष्मी प्रपन्‍न जीयर स्वामी जी महाराज ने कहा कि मैं कौन हूं, मैं किस लिए हूं, मुझे क्या करना चाहिए, इस बात को हमें समझना चाहिए। इसे समझने के लिए पांच तत्वों … Read more

24 तत्वों से ब्रह्मांड का सृष्टि हुआ : श्री जीयर स्वामी जी महाराज

24 tatwon se bragmand ka srishti hua

24 तत्वों से ब्रह्मांड का सृष्टि हुआ : श्री जीयर स्वामी जी महाराज – परमानपुर चातुर्मास व्रत स्थल पर भारत के महान मनीषी संत श्री लक्ष्मी प्रपन्‍न जीयर स्वामी जी महाराज ने सृष्टि के प्रारंभ में ब्रह्मांड के सृष्टि पर प्रकाश डाला। ब्रह्मांड की सृष्टि 24 तत्वों को मिला करके हुआ। उन 24 तत्वों को … Read more

सृष्टि की रचना पर श्री जीयर स्वामी जी महाराज ने प्रकाश डाला

srishti ki rachana ki sampurna jankari

सृष्टि की रचना पर श्री जीयर स्वामी जी महाराज ने प्रकाश डाला – परमानपुर चातुर्मास्य व्रत स्थल पर भारत के महान मनीषी संत श्री लक्ष्मी प्रपन्‍न जीयर स्वामी जी महाराज ने सृष्टि की रचना पर विस्तार से प्रकाश डाला। स्वामी जी ने कहा कि जब दुनिया में कोई नहीं था, उस समय केवल एकमात्र नारायण … Read more

देवताओं के नाराजगी के कारण जीवन में होती है परेशानियां : श्री जीयर स्वामी जी महाराज

dewtao ke narajgi ke karan jivan me hoti hai pareshaniya

देवताओं के नाराजगी के कारण जीवन में होती है परेशानियां : श्री जीयर स्वामी जी महाराज – परमानपुर चातुर्मास्य व्रत स्थल पर भारत के महान मनीषी संत श्री लक्ष्मी प्रपन्‍न जीयर स्वामी जी महाराज ने कहा कि कभी-कभी देवताओं के अधिक पूजा करने के कारण बहुत प्रतिष्ठा, मान, सम्मान, धन बढ़ जाता है। तब देवता … Read more

भक्ति और भक्त चार प्रकार के होते हैं : श्री जीयर स्वामी जी महाराज

bhakti aur bhakt char prakar ke hote hai

भक्ति और भक्त चार प्रकार के होते हैं : श्री जीयर स्वामी जी महाराज-परमानपुर चातुर्मास्य व्रत स्थल पर भारत के महान मनीषी संत श्री लक्ष्मी प्रपन्‍न जीयर स्वामी जी महाराज ने कहा कि भक्त चार प्रकार के होते हैं। जिनका भक्ति भी भिन्‍न प्रकार का होता है। पहले भक्त वैसे होते हैं जिनको दुनिया के … Read more