आज से लगभग कुछ वर्ष पहले एक परंपरा थी गांव में किसी के घर नई-नई बहू आती थी तो गांव की महिलाएं मुंह देखने के लिए जाती थी उस समय बहू को उनके घर के लोग इस प्रकार से दिखाते थे जैसे कोई एआई से बनाया हुआ दृश्य हो। दोनों आंख बंद चेहरा केवल दिखाई पड़ता था बाकी शरीर कपड़ों से छुपा करके रखा जाता था। घर में बहू के आए हुए कई दशक बीत जाते थे फिर भी उनका मुख दिखाई नहीं पड़ता था द्वार पर कोई अजनबी आ जाता था तो बहू अगर आवाज सुन लेती तो ऐसे दौड़ करके घर में जाकर छुपती थी जैसे पुलिस चोर को पकड़ने आया है। लेकिन आज का युग पूरी तरीके से बदल गया है
आज के डिजिटल युग में जिस प्रकार से एक साथ बैठे हुए पांच लोग किसी से बात नहीं करते हैं बल्कि बात करने के लिए एक दूसरे के मोबाइल को देखते हैं और मोबाइल पर ही जवाब लिखते हैं जबकि बैठे हुए हैं एक साथ लेकिन एक संवाद एक दूसरे के साथ अगर साझा करना है तो या तो फेसबुक पर साझा करेंगे व्हाट्सएप पर या इंस्टाग्राम या सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अब एक बड़ा बदलाव आज की आधुनिक युग में भी हुआ है जिसमें पहले लोग दूसरे के घर के बारे में जानने के लिए आपस में बैठकर के चुगली करते थे उसके घर में क्या हो रहा है आज खाना क्या बना है उसके घर में कौन मेहमान आए हैं उसके घर के लोग कहीं बाहर जा रहे हैं तो लोग पता लगाने लगते थे कि आखिर वह लोग कहां गए हैं।
लेकिन आज यह सब कुछ करने की जरूरत नहीं है बस अपना मोबाइल खोल दीजिए पूरे गांव जवार के जितने भी घर हैं और उनके घर में किस प्रकार की आज कार्य प्रणाली चल रही है पूरी जानकारी मोबाइल पर मिल जाएगी और दूसरों के घर नई नवेली दुल्हन भी अगर आई है तो उनका भी दृश्य आप अपने घर पर बैठ करके देख सकते हैं। अब नई नवेली दुल्हन का केवल आपको मुखड़ा ही नहीं दिखाई पड़ेगा बल्कि उनके पूरे हाव-भाव भी आपको समझ में आ जाएगा उनके मधुर आवाज को भी आप सुन पाएंगे वही उनके किचन में सुबह शाम दोपहर में कौन सी सब्जी बन रही है दाल चावल रोटी पनीर पूरी खाने की भी खबर आपको मिल जा रही है।
आज भी कुछ परसेंट लोग हैं जो की अपनी निजी जिंदगी की किताबों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ओपन नहीं करते हैं डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आना गलत नहीं है बल्कि कुछ चीज हैं जो कि दुनिया के सामने नहीं रखना चाहिए वह चीज हम दुनिया के सामने रखते हैं यह अपनी निजता का हनन है डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अगर यदि कुछ दिखाना ही है तो अपने कुछ टैलेंट को दिखाइए अपने अंदर छुपे उस स्किल्स को दिखाइए जिससे दुनिया आपको पहचानने लगे। लेकिन घर में हो रहे गतिविधियां जिसमें घर के अंदर हर छोटी सी छोटी जानकारी जो घर के अंदर होना चाहिए वही जानकारी आज घर के बाहर दी जा रही है जो घर के बाहर जानकारी देना चाहिए वह जानकारी अंदर रखी जा रही है आधुनिक युग में आज यह नकारात्मक बदलाव भी एक बड़ी समस्या है। रविशंकर तिवारी के कलम से..

रवि शंकर तिवारी एक आईटी प्रोफेशनल हैं। जिन्होंने अपनी शिक्षा इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी स्ट्रीम से प्राप्त किए हैं। रवि शंकर तिवारी ने डॉ एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी लखनऊ से एमबीए की डिग्री प्राप्त किया हैं।