सीएससी क्या हैं? सीएससी सेंटर कैसे खोलें, लाभ व उद्देश्‍य

सीएससी क्‍या हैं? भारत सरकार द्वारा हर एक पंचायत में लोगों की सुविधा के लिए एक स्कीम लाया गया है. जिसके द्वारा भारत के हर एक पंचायत में सीएससी सेंटर खोलने का लक्ष्य निर्धारित किया गया.

लोगों को प्रखंड या विलेज से बाहर किसी मार्केट में नहीं जाना पड़े, इसके लिए उनके पंचायत में ही एक सीएससी खोल करके हर प्रकार की सुविधा देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.

जिसमें द्वारा किसान से संबंधित जुड़ी हुई सभी प्रकार की लाभ आय, प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, कृषि से संबंधित कार्य होता हैं. ऑनलाइन टिकट, इंश्योरेंस के अलावा जितने भी प्रकार के इंटरनेट सर्विस हैं, उन सभी सुविधाओं को सीएससी सेंटर पर मुहैया कराया जाता है.

भारत में वर्तमान में हर एक पंचायत में लगभग सीएससी Center को खोला जा चुका है. लेकिन अभी भी हो सकता है कुछ ऐसे पंचायत होंगे जहां पर खोला जाना निर्धारित होगा.

वैसे पंचायत जहां पर सीएससी नहीं है वहां यदि आप खोलना चाहते होंगे तो उसके लिए डिजिटल वेबसाइट से अप्लाई कर पाएंगे.

सीएससी सेंटर क्‍या हैं

इसे कॉमन सर्विस सेंटर नाम से भी जानते हैं. कॉमन का मतलब होता है साधारण सेवा केंद्र. जहां कंप्यूटर इंटरनेट से जुड़ी हुई हर एक छोटी से छोटी काम जो भी ऑनलाइन सर्विसेज से जुड़ी हुई सेवा है, उसको दीया जाता हो. उसे कॉमन सर्विस सेंटर के नाम से जानते हैं.

इस सुविधा को भारत सरकार के आईटी मंत्रालय द्वारा प्रसारित किया जाता है. हर पंचायत में 6 गांव पर एक जन सेवा केंद्र खोलना अनिवार्य है. ताकि भारत के ग्रामीण इलाके और कस्बे में रहने वाले लोगों को सरकारी योजनाओं के साथ-साथ अन्य जरूरी डिजिटल कार्य आसानी से हो पाए.

सीएससी का फुल फॉर्म

इसका फुल फॉर्म कॉमन सर्विस सेंटर होता है. जिसको हिंदी में जन सेवा केंद्र कहते हैं.यह भारत सरकार द्वारा चलाए जाने वाला एक ई प्रोग्राम या ई सर्विसेस है. जिसकी माध्यम से विलेज के स्थानीय लोगों को हर तरह का  सुविधा उपलब्ध कराया जाता है.

जन सेवा केंद्र द्वारा कई सरकारी सुविधाओं और भी ऑनलाइन कार्य को किया जाता है. जहां पर कंप्यूटर इंटरनेट आदि की सुविधा नहीं मिल पाती है, 

वहां पर सीएससी सेंटर खोलकर गांव के स्थानीय लोगों को जरूरी सुविधाएं या योजनाओं को उपलब्ध कराया जाता है. इसके साथ ही उससे अच्छी खासी कमाई भी हो जाती है.

लोगों को कृषि, शिक्षा, मनोरंजन, स्वास्थ्य, बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं के साथ-साथ कई जरूरी सुविधाएं आसानी से मिल जाती है.

सीएससी का शुरुआत

2006 में भारत सरकार द्वारा नेशनल ई गवर्नेंस प्लान के तहत इस सेवा को शुरू किया गया था. लेकिन 16 जुलाई 2009 को सीएससी e-governance सर्विसेज इंडिया लिमिटेड नाम से स्थापना हुआ. जिससे गांव के लोगों को कई तरह के जरूरी सुविधाएं और सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जाने लगा. 

कोरोनावायरस के समय सीएससी के माध्यम से भारत सरकार ने कई जरूरी स्कीम और सुविधाओं को ग्राम और कस्बे में बसे स्थानीय लोगों पास पहुंचाया था.

पहले कृषि से संबंधित किसी भी तरह की योजनाओं को जानने के लिए ब्लॉक पर जाना पड़ता था. लेकिन जन सेवा केंद्र खुल जाने से स्थानीय लोग वहीं से हर तरह की योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर लेते हैं.

सीएससी सेंटर खोलने के लिए योग्यता

अगर कोई खोलना चाहता है तो उसके लिए कुछ जरूरी योग्यता होनी चाहिए. जन सेवा केंद्र खोलने के लिए उम्र 18 साल से अधिक होने चाहिए.

  • दसवीं पास होनी आवश्यक है.
  • जहां भी खोलना है वहां 100 से 200 वर्ग मीटर की जगह होनी चाहिए.
  • कंप्यूटर इंटरनेट मोबाइल आदि का अच्छी तरह से जानकारी होना आवश्यक है.
  • अंग्रेजी भाषा का ज्ञान आवश्यक है.
  • जहां भी जन सेवा केंद्र खोलना चाह रहे हैं वहां का स्थानीय भाषा पढ़ना और लिखना अच्छे से आना चाहिए.
  • टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग सेंटर से सर्टिफिकेट प्राप्त होना चाहिए.
  • सीएससी आईडी और पासवर्ड प्राप्त होना चाहिए.
  • टेक सर्टिफिकेट प्राप्त करने के लिए एक टेस्ट देना पड़ता है. अगर यह टेस्ट पास कर लेते हैं तो टेक सर्टिफिकेट प्राप्त हो जाता है.

सीएससी पर उपलब्ध सेवाएं

गांव और कस्बे में सीएससी सेंटर खोलने के लिए भारत सरकार द्वारा एक स्कीम चलाया गया है. जहां पर इंटरनेट कंप्यूटर आदि की सुविधा नहीं है.

स्थानीय लोगों को डिजिटल कार्य करने में परेशानी होती है. वहां पर जन सेवा केंद्र से कोई भी सरकारी कार्य सरकारी योजनाओं या ऑनलाइन कार्य को किया जाता है. इसके साथ ही और भी कई सुविधा मिलने लगी है.

  • बिजली बिल भुगतान 
  • बीमा सेवाएं 
  • कौशल विकास 
  • रेलवे टिकट 
  • एरोप्लेन टिकट 
  • बैंकिंग सुविधाएं 
  • एलआईसी 
  • आवास प्रमाण पत्र 
  • आधार कार्ड 
  • जाति प्रमाण पत्र 
  • स्वास्थ्य देखभाल सेवाएं 
  • निवास प्रमाण पत्र 
  • इंश्‍योरेंस 
  • मोबाइल रिलेटेड सर्विसेज 
  • एग्रीकल्चर सर्विसेज 
  • फास्ट टैग सेवाएं 
  • इलेक्शन कमिशन सर्विसेज 
  • ईमेल अपडेट 
  • मोबाइल नंबर अपडेट 
  • आधार अपडेट और सुधार 
  • ऑनलाइन इनकम टैक्स भरना 
  • भर्ती प्रक्रिया.

सरकारी सेवाएं

  • भारत बिल भुगतान 
  • पेंशन सेवाएं
  • किसान क्रेडिट कार्ड 
  • प्रधानमंत्री जन धन योजना 
  • स्वच्छ भारत अभियान 
  • कानूनी साक्षरता 
  • साइबर ग्राम योजना 
  • बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ 
  • प्रधानमंत्री आवास योजना 
  • पैन कार्ड 
  • मृदा स्वास्थ्य कार्ड 
  • पासपोर्ट 
  • एफएसएसआई 
  • उज्जवला योजना
  • चुनाव मतदाता पहचान सेवा 
  • समग्र आईडी

सीएससी का उद्देश्य

डिजिटल इंडिया योजना का विकास करने के लिए भारत सरकार द्वारा सीएससी हर पंचायत में खोलने का प्रक्रिया शुरू किया गया है. जिसके माध्यम से डिजिटली हर तरह के कार्य होने लगा है 

जिससे गांव के लोगों को केंद्र सरकार द्वारा चलाए जाने वाले हर तरह की योजनाओं की जानकारी भी प्राप्त हो रही है. साथ ही योजनाओं का लाभ भी मिल रहा है.

भारत सरकार द्वारा इस योजना को चलाए जाने का मुख्य उद्देश्य हैं, लोगों को हर तरह की सुविधा आसानी से अपने नजदीक में और स्थानीय विलेज में ही मिल जाए.

  • डिजिटल इंडिया योजना को साकार करना है.
  • हर तरह का सरकारी योजना आम पब्लिक के पास पहुंच जाए.
  • लोगों को ऑनलाइन कार्य करने की सुविधा उपलब्ध हो.
  • गांव और कस्बे के हर एक आम नागरिकों डिजिटलाइजेशन के साथ जोड़ना है.
  • जो भी सरकारी योजनाएं हैं वह सही तरीके से आम नागरिक को उपलब्ध हो.
  • आम नागरिकों कम पैसे में और आसानी से हर तरह के सामाजिक क्षेत्र की सेवाएं और सरकारी निजी सेवाएं प्राप्त हो.
  • प्रमाण पत्र, जॉब के लिए आवेदन, आधार कार्ड, पैन कार्ड आदि इंटरनेट कार्य अपने गांव में ही उपलब्ध हो.

जन सेवा केंद्र का लाभ

भारत सरकार द्वारा चलाए जाने वाले सीएससी का लाभ गांव के आम नागरिकों को बहुत ही ज्यादा प्राप्त हो रहा है. भारत सरकार द्वारा जो भी योजनाएं या सुविधाएं दी जा रही हैं उसकी जानकारी आम नागरिकों को आसानी से मिल जा रही है. जो भी सुविधाएं हैं उसकी जानकारी सही और सटीक लोगों को मिलती हैं.

आम नागरिकों की समय की भी बचत हो रही हैं. क्योंकि पहले ऑनलाइन कार्यों को करवाने के लिए कहीं बाजार में या ऐसी जगह पर जाना पड़ता था जहां इंटरनेट और कंप्यूटर की सुविधा होती थी. लेकिन जन सेवा केंद्र खुल जाने की वजह से अपने गांव में ही हर तरह के डिजिटल कार्य आसानी से उपलब्ध हो रहे हैं. 

जो व्यक्ति खोलता है उसे भी अपने गांव में रहकर लाभ प्राप्त होता हैं. उसे अपने गांव में ही कमाई करने का जरिया मिल गया है.अगर किसी नौकरी का फॉर्म भरना हैं तो कॉमन सर्विस सेंटर पर आसानी से भर सकते हैं.

सीएससी खोलने के लिए जरूरी सामान

अगर कोई व्यक्ति कॉमन सर्विस सेंटर खोलना चाहता है तो उसके लिए उसे कुछ जरूरी चीजों की आवश्यकता है.

  • सबसे पहले 100 से 200 वर्ग मीटर का खाली स्थान आवश्यक हैं.
  • कम से कम दो कंप्यूटर पास में रहना चाहिए.
  • जो भी कंप्यूटर आपके पास हैं उसमें पावर बैकअप अच्छी होनी चाहिए.
  • लोगों की जो भी जरूरी कागज या सर्टिफिकेट बनाते हैं तो उसे प्रिंट करने के लिए प्रिंटर आवश्यक हैं.
  • डिजिटल कार्य करने के लिए इंटरनेट कनेक्शन बेहतर होना चाहिए.
  • कम से कम 120gb का हार्ड डिस्क ड्राइव होना चाहिए.
  • कंप्यूटर में 512 एमबी रैम, डीवीडी ड्राइव, सीडी, यूपीएस आवश्यक हैं.
  • कलरफुल प्रिंटर वहां पर आवश्यक हैं.
  • डिजिटल पेमेंट करने के लिए यूपीआई पेटीएम आदि ऑनलाइन सुविधा आपके पास होनी चाहिए.
  • आधार कार्ड या अन्य कार्यों के लिए एक या दो फिंगरप्रिंट सेंसर आवश्यक है.

कॉमन सर्विस सेंटर से कमाई कैसे होती है

जहां भी गांव में कॉमन सर्विस सेंटर है वहां पर अगर लोगों को एक जगह से दूसरी जगह मनी ट्रांसफर करवाना होता है किसी भी तरह का बिल पेमेंट करना होता है, तो वह जन सेवा केंद्र पर जाकर ही करवाते हैं ऐसे में जो वहां के संचालक होते हैं उन्हें हर एक बैंकिंग ट्रांजैक्शन पर 11 रू का फायदा होता हैं. 

अगर किसी व्यक्ति का टिकट बुकिंग करते हैं जैसे की रेल का बस का हवाई जहाज का तो उन्हें हर एक टिकट बुकिंग पर 10 रू से 20 रू तक का फायदा होता हैं. क्योंकि जब वो टिकट बुकिंग करते हैं तो हर एक बुकिंग पर 10 रू या 20 रू अपना चार्ज रखते हैं. 

भारत सरकार द्वारा चलाए जाने वाले सरकारी योजना या कोई भी बिल भुगतान करने के लिए जब रजिस्ट्रेशन करते हैं, तो भारत सरकार से भी उन्हें पैसे प्राप्त होता हैं.

अगर किसी के पास वेडिंग कार्ड प्रिंटिंग, आईडी कार्ड प्रिंटिंग आदि की जानकारी हैं तो वह भी अपने सीएससी पर करके पैसे कमा सकते हैं.

सारांश

कोई भी डिजिटली कार्य को करने के लिए या केंद्र सरकार ने कौन सी योजनाएं चलाई हैं, इसकी जानकारी लेने के लिए ब्लॉक पर या कहीं दूर जाना पड़ता था लेकिन वर्तमान समय में केंद्र सरकार द्वारा Common service centre डिजिटल सेवा शुरू किया गया हैं.

जिसके माध्यम से हर तरह के ऑनलाइन कार्य आसानी से हो जाती हैं. कोई भी ऑनलाइन कार्य करने के लिए एक छोटी सी फीस देकर जन सेवा केंद्र पर अपने गांव में ही कराया जा सकता हैं. सीएससी केंद्र क्‍या होता हैं का पूरा इंफॉर्मेशन दिया गया हैं।

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FAQ

Q1. सीएससी का फुल फॉर्म क्या होता हैं?

Ans. कॉमन सर्विस सेंटर.

Q2. कॉमन सर्विस सेंटर क्या हैं?

Ans केंद्र सरकार द्वारा चलाए जाने वाला एक डिजिटल सेवा हैं. जिसके द्वारा आम नागरिकों को शिक्षा बैंकिंग कृषि वित्तीय सेवाओं के साथ-साथ अन्य ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध होती हैं.

Q3. पूरे भारत में कितने कॉमन सर्विस सेंटर हैं?

Ans. ढाई लाख से भी ज्यादा भारत में जन सेवा केंद्र द्वारा आम नागरिकों को सेवाएं उपलब्ध हो रही है.

Q4. कॉमन सर्विस सेंटर पर कितनी सेवाएं उपलब्ध है?

Ans. सरकारी और गैर सरकारी लगभग 400 से भी ज्यादा सेवाएं उपलब्ध होती है.

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