एम फार्मा क्या हैं? योग्‍यता, फुल फॉर्म व सिलेबस

एम फार्मा क्या हैं? हर युवा मेडिकल लाइन में पढ़ाई करना चाहते हैं. हजसके लिए एम फार्मा एक बहुत ही बेहतरीन कोर्स है. यह फार्मेसी का पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्स होता है. जिसमें दवाइयों की हर तरह की जानकारी दिया जाएगा.

एम फार्मा क्या हैं

यह 2 साल का पोस्ट ग्रेजुएशन फार्मेसी कोर्स है. जिसको करके दवाई के क्षेत्र में अच्‍छी जानकारी प्राप्त किया जाएगा. अच्छी नौकरी, मेडिकल स्टोर खोलने के लिए या मेडिकल क्षेत्र में अपना करियर बनाने के लिए एम फार्मा कोर्स किया जाता है. 

पहले फार्मेसी का ग्रेजुएशन कोर्स बी फार्मा करना पड़ेगा. उसके बाद ही एम फार्मा में एडमिशन लेने के लिए आवेदन कर पाएंगे.

M Pharma kya hai - एम फार्मा

इस कोर्स को करने के बाद कई क्षेत्र में नौकरी प्राप्त किया जा सकेगा. अगर आप सरकारी या प्राइवेट सेक्टर में अपना करियर बनाना चाहते होंगे तो उसके लिए भी कई बेहतरीन द्वार खुल जाएंगे।

एम फार्मा का फुल फॉर्म

Master of pharmacy होगा.  इस डिग्री को प्राप्त करने के बाद फार्मेसी के मास्टर बन जाते हैं. भारत में कई ऐसे मेडिकल कॉलेज है. जहां पर एम फार्मा की पढ़ाई होती है. इसमें दवाई बनाना सिखाया जाता है. साथ ही दवाई पर रिसर्च करने का भी मौका दिया जाता है.

कई तरह की बीमारियों को बताया जाता है. किस बीमारी में किस तरह का मेडिसिन ले सकेंगे. यह जानकारी दिया जाता है.

एम फार्मा के लिए योग्यता

इस कोर्स को अगर करना चाहते हैं तो सबसे पहले फार्मेसी का ग्रेजुएशन डिग्री बी फार्मा करना आवश्यक है. एम फार्मा करने के लिए छात्र में कुछ बेहतरीन एलिजिबिलिटी आवश्यक है.

  • किसी भी मान्यता प्राप्त कॉलेज से 12 वीं पास करें.
  • उसके बाद बी फार्मा कोर्स किसी भी मान्यता प्राप्त कॉलेज या यूनिवर्सिटी से करें.
  • बी फार्मा में कम से कम 50 से 60% परसेंट नंबर होना चाहिए.
  • जो विद्यार्थी आरक्षण कोटे से हैं उनके लिए पांच परसेंट की छूट दी जाएगी.
  • एज लिमिट नहीं है. बी फार्मा बाद कोई भी एम फार्मा का कोर्स कर पाएंगा.

एम फार्मा कैसे करें

इसके लिए छात्र को दो ऑप्शन मिलते हैं एक किसी भी कॉलेज में डायरेक्ट एडमिशन लेकर इस कोर्स को कर सकते हैं. दूसरा ऑप्शन इस कोर्स को करने के लिए पहले एंट्रेंस एग्जाम देना पड़ता है उसके बाद ही एडमिशन मिल सकता है.

भारत में कई ऐसे बड़े-बड़े मेडिकल कॉलेज या यूनिवर्सिटी है जहां पर एम फार्मा में एडमिशन लेने के लिए पहले एंट्रेंस एग्जाम देना पड़ता है. इसलिए कभी भी अगर एडमिशन लेने जाए तो पहले उस कॉलेज या यूनिवर्सिटी के बारे में अच्छे से जांच पड़ताल करके ही एडमिशन अगर कराते हैं तो बेहतर होगा.

1. डायरेक्ट एडमिशन

डायरेक्ट एडमिशन लेने के लिए ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों तरह की सुविधाएं मिलती है. जिस कॉलेज में एडमिशन लेना चाहते होगा. उसके ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर एडमिशन लिया जा सकेगा. अगर ऑफलाइन एडमिशन लेना चाहते हों तो उसके लिए कॉलेज जाकर अच्छे से बातचीत करके संपर्क करके एडमिशन करा पाएंगे.

2. एम फार्मा के लिए एंट्रेंस एग्जाम

वैसे हर कॉलेज यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेने का प्रोसेस अलग होता है जो भी एंट्रेंस एग्जाम आयोजित किया जाता है उसमें आवेदन प्रक्रिया डिफरेंट होता है.

हर कॉलेज का नियम कानून उस यूनिवर्सिटी के हिसाब से ही होता है. उसी के माध्यम से एंट्रेंस एग्जाम दे सकते हैं. पास होने के बाद अच्‍छे  कालेज में एडमिशन ले सकते हैं.

2.1 GPAT

जीपीएटी एक नेशनल लेवल का एंट्रेंस एग्जाम होता है. यह एग्‍जाम 2019 से शुरू किया गया . इसे पहले एआईसीटीई के माध्यम से एग्जाम कराया जाता था.

लेकिन 2019 के बाद से NTA द्वारा इस एग्जाम को आयोजित किया जाता है. जीपीएटी का फुल फॉर्म ग्रैजुएट फार्मेसी एप्टिट्यूड टेस्ट होता है. यह एग्जाम हर साल आयोजित किया जाता है. अगर इसमें पास हो जाते हैं तो काउंसलिंग द्वारा भारत के मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी या कॉलेज में छात्रों को एडमिशन मिलता है.

2.2 HP CET 

इसका फुल फॉर्म हिमाचल प्रदेश कंबीनेड एंट्रेंस टेस्ट होता है. यह एंट्रेंस एग्जाम एक स्टेट लेवल का एग्जाम है. जिसे हिमाचल प्रदेश द्वारा ही आयोजित किया जाता है.

2.3 O JEE

यह उड़ीसा राज्य में आयोजित होने वाला एक एंट्रेंस एग्जाम है ओ जेईई का फुल फॉर्म उड़ीसा जॉइंट एंट्रेंस टेस्ट होता है.

इसके अलावा और भी कई एंट्रेंस एग्जाम है जिसको पास करके एम फार्मा पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्स कर सकते हैं.

  • AU AIMEE
  • TANCET
  • NIPER JEE
  • TS PGECET
  • AP PGECET

एम फार्मा कोर्स टॉप कॉलेज

भारत में कई बेहतरीन मेडिकल कॉलेज है जहां पर फार्मेसी का कोर्स कराया जाता है. बी फार्मा ,एम फार्मा आदि कोर्स करने के लिए भारत में जितने भी मेडिकल कॉलेज है उसका अच्छे से जांच पड़ताल करने के बाद ही एडमिशन के जो भी प्रोसेस है उसको पूरा करना आवश्यक है ताकि आगे चलकर किसी भी तरह के परेशानी न झेलनी पड़े.

Top India pharma college

  • जामिया हमदर्द यूनिवर्सिटी न्यू दिल्ली
  • बिरला इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी मेसरा
  • इंस्टिट्यूट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी मुंबई
  • पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़
  • इंस्टिट्यूट ऑफ़ फार्मेसी निरमा यूनिवर्सिटी
  • पूना कॉलेज ऑफ़ फार्मेसी
  • दिल्ली इंस्टिट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल साइंस ऑफ़ रिसर्च
  • डॉक्टर बीआर अंबेडकर ओपन यूनिवर्सिटी हैदराबाद
  • उत्तर प्रदेश राजश्री टंडन ओपन यूनिवर्सिटी इलाहाबाद
  • मध्य प्रदेश भोज ओपन यूनिवर्सिटी भोपाल
  • बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी वाराणसी
  • बिहार कॉलेज ऑफ फार्मेसी पटना बिहार
  • उत्कल यूनिवर्सिटी भुवनेश्वर
  • डॉक्टर हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय सागर मध्य प्रदेश
  • गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ़ फार्मेसी बेंगलुरू
  • गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ़ फार्मेसी महाराष्ट्र

एम फार्मा कोर्स सिलेबस

एम फार्मा कोर्स 2 साल का होता है जिसमें 4 सेमेस्टर होते हैं. हर एक सेमेस्‍टर 6 महीने के अंतराल पर कराए जाते हैं.

Semester 1Semester 3
Modern pharmaceutical analytical techniquesResearch methodology and biostatistics
Drug delivery systemMaterial safety data
Modern pharmaceuticsInvestigational new drug application
Regulatory affairBiopharmaceutics and Pharmacokinetics
Semester 2Model methods of pharmacological
Molecular pharmaceuticsSemester 4
Advanced biopharmaceutics and PharmacokineticsKinetic principles and stability testing
Computer-aided drug delivery systemNovel drug delivery systems
Cosmetic and cosmeceuticalsFundamentals of controlled release drug delivery systems & Practical

 

एम फार्मा में क्या सिखाया जाता हैं

इस कोर्स में दवाइयों से संबंधित हर तरह की जानकारी छात्रों को दिया जाता हैं. कोर्स करने के बाद अगर कोई अपना खुद का मेडिकल स्टोर खोलना चाहे तो उन्हें दवाइयों की अच्छी तरह से जानकारी होना आवश्यक हैं.

इसीलिए इस कोर्स को करके दवाइयों की इंफॉर्मेशन प्राप्त हो जाती हैं. साथ ही इसमें और भी कई तरह की जानकारी दी जाती हैं.

  • दवाई बनाना सिखाया जाता है.
  • दवाइयों पर रिसर्च करना.
  • हर एक बीमारियों का जानकारी.
  • किस बीमारी में कौन सा दवाई दिया जाएगा.
  • दवाइयों का डिलीवरी से संबंधित जानकारी.
  • दवाई कंपाउंडिंग का नॉलेज.
  • डिस्पैंनसिंग की जानकारी.

एम फार्मा करने के फायदे

एम फार्मा कोर्स करने के बाद छात्रों में दवाइयों से संबंधित हर तरह की जानकारी प्राप्त हो जाते हैं. वह किसी भी प्राइवेट या गवर्नमेंट सेक्टर में नौकरी प्राप्त कर सकते हैं.

चिकित्सा उद्योग में काम करने के लिए कई विकल्प मिलते हैं. अगर किसी कॉलेज में प्रोफेसर की भी नौकरी करना चाहते हैं तो आसानी से कर सकते हैं. उनमें समस्या समाधान करने के कई कौशल विकसित हो जाते हैं.

किसी भी विश्वविद्यालय में शोध कार्य आसानी से कर सकते हैं. आज के समय में कई तरह की बीमारी लोगों को हो रही हैं तो उस बीमारी से उत्पन्न खतरे को कम करने के लिए कई तरह की दवाई और नुस्खे को बना सकते हैं.

एम फार्मा कोर्स के बाद क्या करें

जो छात्र फार्मेसी का मास्टर डिग्री प्राप्त करते हैं उनके लिए कई क्षेत्रों में नौकरी का अवसर मिल जाता हैं. अगर वह चाहे तो खुद का बिजनेस कर सकते हैं.

खुद का मेडिकल स्टोर खोलकर लाखों की कमाई कर सकते हैं या किसी दूसरे व्यक्ति के मेडिकल स्टोर पर भी नौकरी कर सकते हैं. कॉलेज प्राइवेट गवर्नमेंट सेक्टर में नौकरी कर सकते हैं.

अगर आगे भी पढ़ाई करना चाहते हैं तो फार्मेसी कोर्स का एमफिल कोर्स कर सकते हैं. इसके अलावा भी कई क्षेत्र में नौकरी कर सकते हैं.

  • मेडिसिन मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्रीज
  • हॉस्पिटल
  • फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन
  • रिटेल फार्मेसी कंपनी
  • एजुकेशन रिसर्च इंस्टीट्यूट
  • सेल्स एंड मार्केटिंग ऑफ मेडिसिन कंपनी
  • नारकोटिक्स डिपार्टमेंट
  • एजुकेशन एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट

एम फार्मा के बाद जॉब प्रोफाइल

  • मेडिकल राइटर
  • फार्मासिस्ट
  • ड्रग एंड क्वालिटी कंट्रोल
  • Pharmacognosy
  • रिसर्च साइंटिस्ट
  • क्लिनिकल प्रोजेक्ट मैनेजर
  • ऑंकोलॉजी फार्मासिस्ट
  • रिप्रेजेंटेटिव
  • नारकोटिक्स ऑफिसर
  • ड्रग कंट्रोल ऑफिसर
  • ड्रग कंट्रोल इंस्पेक्टर
  • लेक्चरर
  • ड्रग एनालिस्ट
  • फार्मेसी मैनेजर
  • मेडिकल ट्रांसक्रिप्शनिस्ट
  • ड्रग कंट्रोल डायरेक्टर
  • केमिकल एग्जामिनर
  • केमिस्ट

एम फार्मा करने के बाद सैलरी

इस कोर्स को करने के बाद भारत में विभिन्न क्षेत्रों में नौकरी कर पाएंगे या अपना खुद का मेडिकल स्टोर खोल करके भी अच्छी बिजनेस करके पैसा कमा सकेंगे.

वैसे इस कोर्स को करने के बाद सैलरी आप के पद अनुभव और कार्य पर निर्भर करता है. जिस तरह का कार्य करेंगे उसी अनुसार सैलरी प्राप्त होगा.

वैसे एम फार्मा डिग्री प्राप्त करने के बाद कई बेहतरीन कंपनियों में नौकरी प्राप्त कर पाएंगे. किसी बड़े बड़े हॉस्पिटल में बड़े-बड़े पद पर भी कार्य कर सकते हैं.

ऊपर कई जॉब प्रोफाइल या कई जॉब क्षेत्र बताए गए हैं उसके अनुसार आप कार्य करके अच्छी सैलरी प्राप्त कर पाएंगे.

निष्कर्ष

इस लेख में एम फार्मा की पूरी जानकारी दी गई है. आशा करते हैं कि इस लेख से अच्छी जानकारी आपको प्राप्त होगी. वैसे इससे संबंधित कोई सवाल या सुझाव है तो कृपया कमेंट करके जरूर पूछें.

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