बैचलर डिग्री क्या होती हैं, प्रकार और फायदे

Bachelor degree kya hoti hai बैचलर डिग्री के कौन-कौन से प्रकार होते हैं Bachelor degree को करने के बाद किस तरह का जॉब प्राप्त कर सकते हैं

इस तरह का सवाल अगर आपके मन में है इंटरनेट पर बैचलर डिग्री क्या है के बारे में सर्च कर रहे हैं तो इस लेख को अंत तक जरूर पढ़ें क्योंकि इस पोस्ट में Bachelor degree के बारे में पूरी जानकारी मिलेगी.

आज के समय में बैचलर डिग्री हर कोई प्राप्त करना चाहता है इसको ग्रेजुएशन डिग्री कहा जाता हैं. ट्वेल्थ के बाद लगभग सभी स्टूडेंट बैचलर डिग्री जरूर प्राप्त करते हैं

क्योंकि किसी भी तरह का नौकरी करना है या आगे का कोई भी कोर्स करना है तो उसके लिए बैचलर की डिग्री अनिवार्य है तो आइए इस लेख में नीचे Bachelor degree के बारे में और भी जानकारी विस्तृत रूप से प्राप्त करते हैं. बीए के बाद 14+ बेस्‍ट कोर्स

Bachelor Degree kya hoti hai

जब भी कोई स्टूडेंट टेंथ की पढ़ाई पूरी करके ट्वेल्थ की पढ़ाई करते हैं और जब ट्वेल्थ पूरा हो जाता है उसके बाद हाई स्कूल से कॉलेज या यूनिवर्सिटी में प्रवेश करते हैं. जब हाई स्कूल से कॉलेज यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करने जाते हैं तो उस पढ़ाई को उस डिग्री को Bachelor degree कहा जाता है.

ट्वेल्थ पास करने के बाद किसी भी सब्जेक्ट से बैचलर की डिग्री प्राप्त की जाती है जिसे ग्रेजुएशन भी कहा जाता है ग्रेजुएशन 3 साल या 4 साल का एक कोर्स होता है.

Bachelor degree kya hoti hai

ग्रेजुएशन को हिंदी में स्नातक कहा जाता है. Bachelor degree कई सब्जेक्ट से किया जाता है और कई प्रकार के होते हैं जैसे की बीए बीएससी बीकॉम बी टेक b.ed आदि लेकिन यह सभी कोर्स का समय अलग अलग होता है.

जब छात्र ग्रेजुएशन का कोर्स प्राप्त कर लेते हैं तो उन्हें ग्रेजुएट कहा जाता है वह एक समझदार व्यक्ति के रूप में जाने जाते हैं एक पढ़े-लिखे होनहार व्यक्ति के रूप में लोग पहचानने लगते हैं. स्कूल का फुल फॉर्म क्या होता हैं के बारे जानें.

Bachelor degree के प्रकार

जब कोई स्टूडेंट हाई स्कूल से कॉलेज यूनिवर्सिटी में प्रवेश करते हैं और उस कॉलेज या यूनिवर्सिटी से जो डिग्री प्राप्त करते हैं वह उस कॉलेज यूनिवर्सिटी का पहला डिग्री होता है उसे Bachelor degree कहा जाता है.

Bachelor degree कई प्रकार के होते हैं जैसे कि कोई साइंस से ग्रेजुएशन करते हैं उस डिग्री को बीएससी कहते हैं कोई ग्रेजुएशन डिग्री आर्ट्स से कंप्लीट करते है उसे बीए की डिग्री कहा जाता है.

कोई स्टूडेंट कॉमर्स से ग्रेजुएशन पूरा करते हैं उस डिग्री को बीकॉम नाम से जाना जाता है तो आइए नीचे और भी Bachelor degree के बारे में जानते हैं.

1. B.A

B.a. का फुल फॉर्म बैचलर ऑफ आर्ट्स होता है यह 3 साल का कोर्स होता हैं जो भी छात्र ट्वेल्थ पास करने के बाद आर्ट्स से ग्रेजुएशन करते हैं उस डिग्री को बीए कोर्स कहते हैं b.a. में अधिकतर हिस्ट्री, हिंदी, सोशियोलॉजी, साइकोलॉजी, पॉलिटिकल साइंस, लॉजिक आदि सब्जेक्‍ट लिया जाता है. 

2. B.Sc

जो भी छात्र साइंस स्ट्रीम से अपना बैचलर का डिग्री कंप्लीट करते हैं उस डिग्री को बीएससी कहा जाता है. बीएससी का फुल फॉर्म बैचलर ऑफ साइंस होता है.इसको विज्ञान में स्‍नातक कहते हैं.

यह 3 वर्ष का कोर्स होता हैं. बीएससी में साइंस सब्जेक्ट बायोलॉजी, फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ आदि सब्जेक्ट जरूरी होता है. जिस छात्रों को आगे चलकर मेडिकल की पढ़ाई करनी होती है वह अधिकतर बायोलॉजी से ही अपना ट्वेल्थ और ग्रेजुएशन की डिग्री पूर्ण करते हैं. 

3. B.Com

बीकॉम भी एक Bachelor degree है जोकि कॉमर्स स्ट्रीम से पूरा किया जाता है इस कोर्स का समय अवधि 3 साल होता हैं. बीकॉम में इकोनॉमिक्स, कंप्यूटर, एकाउंटिंग आदि विषय महत्वपूर्ण होते हैं. बीकॉम का फुल फॉर्म बैचलर ऑफ कॉमर्स होता है.

इसका हिंदी वाणिज्य स्नातक होता हैं. बीकॉम का कोर्स करने के बाद अधिकतर छात्र बैंक के जॉब के लिए अप्लाई करते हैं और बैंक की नौकरी के लिए बीकॉम करने के बाद ज्यादातर चांस होता है. 

4. B.Tech

ट्वेल्थ पास करने के बाद अगर किसी छात्र को कंप्यूटर टेक्नोलॉजी से संबंधित Bachelor degree प्राप्त करनी होती है तो उनका पहला चॉइस लगभग बी टेक होता है. बी टेक का फुल फॉर्म बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी होता है. यह 4 साल का कोर्स होता है.

इसमें कई कंप्यूटर से संबंधित सब्जेक्ट होते हैं जैसे कि कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग, सिविल इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग इत्यादि.

वर्तमान समय में सबसे ज्यादा Bachelor degree अगर कोई छात्र प्राप्त करना चाहते हैं तो वह बीटेक की डिग्री है क्योंकि बीटेक करने के बाद जॉब का ऑप्शन ज्यादा है.

हर कंपनी में लगभग कंप्यूटर से ही कार्य हो रहे हैं इसलिए वह अपने कंपनी में ज्यादातर वैसे ही एंप्लोई को हायर करते हैं जो कि कंप्यूटर से कोर्स किए हुए हैं.

5. B.Ed

अगर किसी को एजुकेशन के क्षेत्र में अपना कैरियर बनाना है किसी स्कूल कॉलेज में एक शिक्षक के तौर पर कार्य करने का सपना है तो अधिकतर ट्वेल्थ पास करने के बाद b.ed की डिग्री प्राप्त करते हैं. B.ED का फुल फॉर्म बैचलर ऑफ एजुकेशन होता है.

जिसे हिंदी में शिक्षा स्‍नातक कहते हैं. यह कोर्स 2 साल का होता है. भारत में कई ऐसे कॉलेज है जहां कि बीएड की पढ़ाई होती हैं. b.ed करने के बाद कई तरह के एंट्रेंस एग्जाम होते हैं जिनको पास करने के बाद किसी भी प्राइमरी स्कूल, मिडिल स्कूल, हाई स्कूल, कॉलेज आदि में आसानी से नौकरी प्राप्त कर सकते हैं.

6. BBA

बीबीए का फुल फॉर्म बैचलर आफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन होता है. यह भी एक Bachelor degree है जिसको ट्वेल्थ पास करने के बाद किया जाता है. बीबीए कोर्स 3 साल का कोर्स होता है इसे हिंदी में व्यवसायिक प्रबंधन में स्नातक कहा जाता है.

अगर किसी को बिजनेस व्यापार के बारे में जानकारी प्राप्त करना है आगे चलकर अपना कैरियर एक बिजनेस में बढ़ाना है तो वह अधिकतर बीबीए का ही कोर्स करते हैं. बीबीए में इकोनॉमिक्स, मार्केटिंग मैनेजमेंट, अकाउंट मैनेजमेंट, फाइनेंसियल मैनेजमेंट आदि सब्जेक्ट महत्वपूर्ण होते हैं.

बीबीए करने के बाद अपना खुद का बिजनेस भी कर सकते हैं या कई क्षेत्र में नौकरी भी किया जा सकता है जैसे कि डिजिटल मार्केटिंग, मीडिया, एडवरटाइजिंग, मैन्युफैक्चरिंग आदि.

Bachelor degree kya hoti hai

7. BCA

Bca एक Bachelor degree है इसे इंटर पास करने के बाद कर सकते हैं. बीसीए का फुल फॉर्म बैचलर इन कंप्यूटर एप्लीकेशन होता है जिसे हिंदी में कंप्यूटर अनुप्रयोगों से स्नातक कहा जाता है. बीसीए 3 साल का कोर्स है.

इस डिग्री में कंप्यूटर से संबंधित सब्जेक्ट होते हैं जैसे कि कंप्यूटर फंडामेंटल्स, विजुअल, बेसिक, एचटीएमएल, हार्डवेयर एंड नेटवर्किंग फाइनेंसियल, एकाउंटिंग, सी प्रोग्रामिंग, डेटाबेस मैनेजमेंट आदि.

भारत में कई सरकारी और प्राइवेट कॉलेज है जहां पर बीसीए का पढ़ाई होती है. बीसीए का कोर्स करने के बाद कई तरह के नौकरी प्राप्त कर सकते हैं जैसे कि सॉफ्टवेयर डिजाइनिंग या प्रोग्रामिंग सॉफ्टवेयर डेवलपर, कंप्यूटर इंजीनियर आदि.

8. BFS

बीएफएस का फुल फॉर्म बैचलर इन फाइन आर्ट्स होता है जिसे हिंदी में कला विषय से जुड़े स्नातक डिग्री कहा जाता है. इस कोर्स का समय अवधि 3 साल या 4 साल होता है. कई लोगों को ड्राइंग पेंटिंग आदि में रुचि होता है.

तरह-तरह का पेंटिंग बनाकर उसे बहुत सारा पैसा भी कमाते हैं तो उन्हें अपने कला को और निखारने के लिए और अच्छे से पेंटिंग ड्राइंग करने के लिए बीएफएस कोर्स बहुत ही उपयोगी होता है. इस कोर्स में कला से जुड़े हर तरह की जानकारी दिया जाता है जैसे की ड्राइंग, फोटोग्राफी, एनिमेशन, लिटरेचर आदि.

9. B.Sc(IT)

बीएससीआईटी ट्वेल्थ के बाद एक ग्रेजुएशन डिग्री है जिसका समय अवधि 3 साल का होता है बीएससी आईटी का फुल फॉर्म बैचलर ऑफ साइंस इन इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी होता है. इस कोर्स को करने के बाद इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी, प्रोसेसिंग, डाटा मैनेजमेंट, स्टोरेज, सिक्योरिटी के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त होती है. टीचर कैसे बने, योग्यता, कोर्स एवं कार्य

बैचलर डिग्री क्यों जरूरी है

आज के समय में हर नौकरी में हर क्षेत्र में कंपटीशन बढ़ गया है अगर कोई टेंथ या ट्वेल्थ पास करने के बाद नौकरी करना चाहता है किसी अच्छे क्षेत्र में जाना चाहता है तो उसे अच्छी नौकरी नहीं मिल सकती है तो बैचलर डिग्री आज के समय में बहुत जरूरी हो गया है. बैचलर डिग्री प्राप्त करने के बाद कई क्षेत्र में जॉब अपॉर्चुनिटी हैंं.

अगर कोई प्राइवेट नौकरी करना चाहे या कोई सरकारी नौकरी के लिए तैयारी करना चाहे तो कर सकते हैं.

किसी भी सरकारी नौकरी बिना ग्रेजुएशन डिग्री प्राप्त किए अप्लाई नहीं कर सकते हैं. ग्रेजुएशन करने के बाद एक व्यक्ति एजुकेटेड माना जाता है उसे एक समझदार एक होनहार व्यक्ति के रूप में देखा जाता है.

Bachelor Degree के फायदे

बैचलर डिग्री यानी कि ग्रेजुएशन जिसे हिंदी में स्नातक कहा जाता है करने के बाद कई तरह के फायदे प्राप्त होते हैं 

  • किसी भी मास्टर डिग्री को प्राप्त करने के लिए पोस्ट ग्रेजुएशन करने के लिए ग्रेजुएशन करना जरूरी है तभी आगे चलकर कोई अच्छा डिग्री प्राप्त कर सकते हैं अच्छे से अच्छे कंपनी में कार्य कर सकते हैं.
  • ग्रेजुएशन करने के बाद कई तरह के नौकरी के अवसर प्राप्त होते हैं किसी भी प्राइवेट कंपनी में या किसी भी सरकारी नौकरी को करने के लिए ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त करना सबसे जरूरी है. जब कोई Bachelor degree प्राप्त करने के बाद किसी भी क्षेत्र में नौकरी करते हैं तो उन्हें अच्छा पोस्ट के साथ-साथ अच्छी सैलरी भी प्राप्त होती है.
  • स्नातक करने के बाद कई सरकारी नौकरी जैसे कि यूपीएससी, एसएससी, रेलवे, आईएएस, बीपीएससी, बैंक आदि क्षेत्र में अप्लाई कर सकते हैं. यह सारी नौकरी के लिए परीक्षा पास कर जाते हैं तो आगे चलकर एक सम्मानित नौकरी कर सकते हैं जिसमें अपने साथ-साथ अपने परिवार को भी सही तरीके से रख सकते हैं. उनकी हर एक जरूरतों को आसानी से पूरा कर सकते हैं और साथ ही कई तरह के सुविधाएं भी सरकार की तरफ से मिलती है.

Bachelor degree के बाद जॉब अपॉर्चुनिटी

ग्रेजुएशन हर छात्र अपनी रूचि के अनुसार अपने चॉइस के अनुसार किसी भी सब्जेक्ट से कर सकते हैं.

ग्रेजुएशन करने के बाद कई क्षेत्र में जॉब अपॉर्चुनिटी मिलती है साइंस, आर्ट्स, कॉमर्स, कंप्यूटर टेक्नोलॉजी, बिजनेस बैंक आदि क्षेत्रों में अपने रूचि के अनुसार जानकारी प्राप्त करने के लिए किसी भी बैचलर डिग्री को कर सकते हैं और बहुत ही आसानी से कई क्षेत्रों में जॉब प्राप्त कर सकते हैं.

  • लॉयर
  • बैंक
  • शिक्षक
  • मार्केटिंग मैनेजर
  • फिनेंशियल एनालाइजर
  • डाटा साइंटिस्ट
  • प्रोजेक्ट टेक्निकल ऑफीसर
  • इंजीनियर
  • पत्रकार
  • आईएएस ऑफिसर

FAQ

Bachelor degree in Hindi

बैचलर डिग्री जिसे ग्रेजुएशन कहा जाता है और इसे हिंदी में स्नातक कहते हैं जो व्यक्ति Bachelor degree प्राप्त करते हैं वह ग्रेजुएटेड माने जाते हैं.

Bachelor degree ka matlab kya hota hai

ट्वेल्थ करने के बाद लगभग 90 परसेंट ऐसे स्टूडेंट होते हैं जो कि Bachelor degree जरूर प्राप्त करते हैं 3 साल या 4 साल का जो कोर्स किया जाता है हाई स्कूल से कॉलेज यूनिवर्सिटी में प्रवेश करके जो डिग्री प्राप्त करते हैं उसे बैचलर डिग्री या ग्रेजुएशन कहा जाता है और इसे हिंदी में स्नातक कहते हैं. ग्रेजुएशन की डिग्री आर्ट्स साइंस कमर्स आदि विषयों से किया जाता है.

बैचलर डिग्री के प्रकार

ग्रेजुएशन कई प्रकार के होते हैं कई विषय से किया जाता है जैसे कि साइंस कॉमर्स आर्ट्स आदि.

निष्कर्ष

Bachelor degree kya hoti hai आज के समय में लगभग हर स्टूडेंट ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त करते हैं ताकि आगे चलकर वह कोई पोस्ट ग्रेजुएशन या मास्टर की डिग्री प्राप्त करके उच्च से उच्च शिक्षा प्राप्त करें आगे चलकर किसी अच्छे क्षेत्र में अपना कैरियर बनाएं अपना भविष्य उज्जवल बनाएं.

इस लेख में Bachelor degree क्या है यह कई प्रकार के होते हैं बैचलर डिग्री करने के बाद क्या फायदे हैं किस तरह का जॉब अपॉर्चुनिटी है के बारे में ऊपर विस्तार से बताया गया है अगर इस लेख से संबंधित किसी भी तरह का सवाल आपके मन में है तो कमेंट करके जरूर बताएं. 

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